कपड़े धोना उन कुछ बुनियादी कामों में से होता है जिनसे हर गृहणी सही से परिचित होती है और जमाने से ऐसा होता चला आ रहा है कि लड़कियों को मां घर के कामों के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी धीरे-धीरे देती रहती है और शादी तक लड़की को हर काम में पारंगत बना दिया जाता है.

लेकिन आजकल आजकल लड़कियां कंधे से कंधा मिलकर लडकों के साथ चल रही है तो उनके साथ ऐसा नहीं हो तो भी कोई नयी बात नहीं और सामान्य तौर पर हम में से कोई भी कपडे धोने तो जानता ही होता है लेकिन वॉसिंग मशीन से कपड़े धोते समय आप कुछ बातों का ध्यान रखते हुए अपने काम को और भी सुगम बना सकती हैं.

तो आज कपड़े धोने के कुछ आसान तरीकों पर बात करते है–

1. सबसे पहली चीज जो आपको ध्यान में रखने की जरुरत है वो ये है कि आपको एक साथ भारी कपड़े और हलके कपड़े नहीं धोने चाहिए क्योंकि दबाव के कारण जो हल्के कपड़े है वो भारी कपड़ों से उलझ कर फट सकते है या उनके कलर को नुक्सान हो सकता है.

2. कपड़ों को धोने के लिए अलग करते समय ध्यान रखें कि उन्हें दो वर्गो के में बांट दें क्योंकि ज्यादा गंदे कपड़े एक साथ धोने और कम गंदे कपड़े धोने की अपनी सुविधा है आप इस से पानी और डिटर्जेंट की बचत कर सकते है.

3. चादरों को धोते समय उन्हें एक साथ नहीं धोएं क्योंकि ऐसे में उनमे सलवटे आ जाती है इसलिए उन्हें एक-एक कर के धोएं और अगर संभव हो तो उनके साथ आप एकदम छोटे कपड़ों को डाल सकते है.

4. डेनिम जैसे भारी कपड़े के साथ ऐसा करें कि एक तो उन्हें ठन्डे पानी में धोये और उन्हें धोते समय उल्टा कर लें और छाया में सुखाये इस से आपके कपड़े ज्यादा समय तक खराब नहीं होते.

5. रंगीन कपड़े जब हम ले कर आते है उनके पहली बार धोते समय रंग उतरने की सम्भावना होती है इसलिए उन्हें बाकि कपड़ों के साथ डालने से पहले उनको जांच लें और उन्हें गीला करके एक सफेद रंग के या हलके रंग के किसी कपड़े के टुकड़े के साथ रगड़ कर देख लें अगर कपड़े रंग छोड़ते है तो आप उन्हें अलग करके धोएं और या जब तक उन्हें धोते रहें जब तक वो रंग छोड़ना बंद न कर दें.

6. अक्सर हम छोटे कपड़े जैसे मोजे और अन्य चीजे उनको बाकी कपडों के साथ धोने के लिए डाल देते है और बाद में उन्हें खोजते है क्योंकि वो बड़े कपड़ों में खो जाते है और उलझ जाते है जिसकी वजह से बड़ी मुश्किल होती है. इसलिए एक आसान सा तरीका है आप किसी पुराने तकिये के कवर में डाल कर उन्हें धोये इस से वो बाकि कपड़ों के साथ मिक्स नहीं होंगे और या फिर उन्हें सबसे पहले मशीन में डाल दे और बाद में बाकि कपड़े डालें.

7. जिप वाले कपड़ों के मामले में ध्यान दें उन्हें धोते समय उनकी चैन बंद कर दें क्योंकि वो बाकि कपड़ो में अगर उलझ जाती है तो कपड़ों को नुकसान पहुंच सकती है इसलिए इस बात का ध्यान रखें और अगर कपड़े छोटे है तो आप वही तकिये वाली विधि से उन्हें धो सकते है.

8. वैसे अगर सर्दी का मौसम नहीं है और छत पर या आंगन में कपड़े सुखाने के लिए पर्याप्त जगह है तो आप जितना संभव हो ड्रायर का इस्तेमाल नहीं करें क्योंकि एक तो उस से बिजली की भी बचत होती है साथ ही कपड़ों के आकार के साथ कोई खिलवाड़ भी नहीं होता है ऐसे में आप ये भी कर सकते है और अगर सर्दी का मौसम हो तो भी कपड़ों को जरुरत से अधिक ड्राई नहीं करें और न ही ड्रायर को ओवरलोड करें क्योंकि इस से मोटर के जलने का खतरा रहता है और मशीन की कार्यक्षमता पर भी फर्क पड़ता है.

9. मशीन में कपड़े धोने के लिए सबसे सही तरीका होता है पानी और कपड़ों को लोड करने के बाद उस पर डिटर्जेंट को डालें और अगर आप ब्लीच इस्तेमाल कर सकते है तो पानी के बाद ब्लीच डालें.

10. कपड़े धोने के बाद मशीन की सफाई का भी ध्यान रखे और उसमें पानी या अधिक समय तक गीले कपड़े नहीं रखे क्योंकि कपड़े से निकली गंदगी और धूल इकठा होकर पाइप में फस सकती है इसलिए कोशिश करें कपड़े ज्यादा देर भिगोकर नहीं रखे और समय-समय पर मशीन की साफ-सफाई करते रहे.