घर में राशन ले कर आने के बाद उसे रखने में सावधानी बरतें. अगर राशन सही ढंग से न रखा जाए तो उस में से दुर्गंध आने लगती है, उस में कीट व कीटाणु पनपने लगते हैं और वह खाने के योग्य नहीं रह जाता. इसलिए उस की साफसफाई की तरफ विशेष ध्यान देना जरूरी होता है. राशन की देखभाल कैसे की जाए, बता रहे हैं सरदार बल्लभभाई पटेल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के कीट वैज्ञानिक घनानंद तिवारी.

अनाज के शत्रु कीट

खपरा बीटल

यह स्टोर में रखे अनाज का सब से बड़ा दुश्मन है. इस के बच्चे दाने के अंदर के हिस्से को खा कर नुकसान पहुंचाते हैं. प्रभावित अनाज से पाउडर निकलना शुरू हो जाता है.

सूंड़ी

यह दाने में सूक्ष्म छेद कर के इसे खोखला बना देती है.

कैसे पहुंचते कीट स्टोररूम तक

कुछ कीट अनाज, दालों व उन की फलियों पर दिए अंडों के जरिए घरों तक पहुंच जाते हैं.

अनाज ढोने के वाहन में छिपे कीट भी आप के स्टोररूम में पहुंच सकते हैं.

कई बार पुराने बोरोें के प्रयोग से भी कीट अनाज तक पहुंच जाते हैं.

स्टोररूम की दीवारों की दरारों और छेदों में घुस कर भी ये अनाज तक पहुंच जाते हैं.

अगर आप स्टोररूम में गंदगी रखते हैं, तो कीट बहुत जल्दी वहां पैदा हो जाते हैं.

राशन स्टोर कैसे करें

राशन को स्टोर करने से पहले अनाज के दानों को धूप में अच्छी तरह से सुखा कर साफ कर लेना चाहिए.

जिस जगह आप राशन स्टोर कर रहे हैं, वह नमीमुक्त होना चाहिए.

गृहशोभा विशेष

भंडारण से पहले ध्यान रखें कि दाने साफ हों व टूटेफूटे न हों.

पुराने अनाज में नया अनाज नहीं मिलाना चाहिए.

जहां अनाज स्टोर कर रहे हैं, उस जगह की दीवारों में अगर दरारें या छेद हैं, तो सामान रखने से पहले उन्हें सीमेंट से भर दें और पुताई करा दें.

स्टील के कंटेनर में सामान भरने से पहले उस में पहले पेंट कर दें, तो सामान पर नमी नहीं आएगी.

प्लास्टिक का कंटेनर अनाज रखने के लिए उपयुक्त रहता है. जिस स्थान पर आप कंटेनर रख रहे हैं, वहां पहले चारकोल बिछा लें. इस से अनाज कीड़ों से सुरक्षित रहता है.

अनाज को स्टोर करने से पहले स्टोररूम में सेल्फास, डीलोसिया या फिर फौसरौक्सीन का धुआं कर लें.

यदि स्टोररूम में पुराने बोरों का प्रयोग करना है, तो इन्हें 1% मैराथियान के घोल में 10 मिनट तक डुबो दें और सुखा कर प्रयोग करें.

स्टोररूम में रखे अनाज को हर 15 दिन के अंतराल में चैक करते रहें कि वह ठीक है या नहीं.

स्टोररूम को बारबार खोलना नहीं चाहिए, लेकिन कुछ दिनों के अंतराल में 1 बार चैक जरूर कर लें.

अनाज के बोरों को दीवारों से दूर रखें.

अनाज को भरने से पहले चैक कर लें कि उस में 10% से ज्यादा नमी न हो.

स्टोररूम के आसपास गंदगी न रहने दें.

स्टोररूम के खिड़कीदरवाजे अच्छी तरह से बंद होने चाहिए, ताकि चूहे आदि के जानेआने का रास्ता न बन पाए.

रक्षा के घरेलू उपाय

चावल को स्टोर करने के लिए पहले नीम की पत्तियों को छाया में सुखा लें और फिर कंटेनर में नीचे रख दें और फिर चावल भर कर उस के ऊपर और पत्तियां रख दें. इस से कीड़े होने की संभावना कम होती है और अगर कीड़े होते भी हैं तो इन पत्तियों के सेवन से मर जाते हैं.

चने, छोलों और गेहूं को धूप में सुखाया जा सकता है, लेकिन चावल को धूप में न सुखाएं वरना वह खराब हो जाएगा.

दाल को 2 या 3 महीने के लिए स्टोर करने के लिए उस पर सरसों के तेल की मालिश करें यानी हलके हाथों से हलका सा सरसों का तेल दाल पर लगा दें और फिर धूप में सुखा कर दाल भरें. इस से वह साफ रहेगी.

चना व दालों को ढोरों से सुरक्षित रखने के लिए अनाज के ऊपर 3 इंच मोटी रेत की परत बनाएं. लेकिन बाद में खाने के लिए इस का प्रयोग करते समय इसे अच्छी तरह साफ कर लें ताकि सारी रेत निकल जाए.

इसी तरह राजमा, छोले पर भी सरसों का तेल लगा कर धूप में सुखाने के बाद भरने से वे सुरसुरियों जैसे कीड़ों से बचे रहते हैं. इस के अलावा 100 किलोग्राम चने में 1 किलोग्राम नीम की निंबोली मिलाने से भी वे सुरक्षित रहेंगे.

गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए उस में प्याज भी मिलाया जा सकता है. 1 क्ंिवटल गेहूं में आधा किलो प्याज मिलाएं. सब से पहले प्याज को नीचे रखें और फिर बीच में. इस के बाद सब से ऊपर रखें. इस से कीड़े नहीं आएंगे.

आटे और चावल को कीड़ों से बचाने के लिए साबूत लालमिर्च और साबूत नमक डब्बे में डाल दें. खाने वाले नमक के टुकड़ों को भी कौटन के कपड़े में बांध कर गेहूं में ऊपरनीचे लेयर बना कर रख दें.

वैसे 100 किलोग्राम गेहूं में 1 किलो भूसा मिला कर रखने से भी वह कीट व कीटाणुओं से बचा रहता है, लेकिन बाद में गेहूं साफ करने में मेहनत करनी पड़ेगी. इसलिए सोचसमझ कर ही भूसा मिला कर रखें.

घरेलू प्रयोग के लोहे की टंकी आदि में गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए टंकी में 1 क्विंटल गेहूं रखते समय तीलियों से भरी एक माचिस तली में, दूसरी मध्य में तथा तीसरी सब से ऊपर रखनी चाहिए.

1 किलोग्राम नीम की पत्तियों को छाया में

सुखा कर भंडारण करने से पहले टंकी की तली में बिछाने से भी गेहूं खराब नहीं होगा.

सुरक्षा के अन्य उपाय

बैद्यनाथ की पारद टैबलेट: आमतौर पर घरों में राशन में डालने के लिए यही टैबलेट इस्तेमाल की जाती है. 1 क्विंटल में इस की 4-5 गोलियां डालें. ईडीबी एंपल कैमिकल: इसे अनाज में रखा जा सकता है. यह कीटाणुओं से अनाज की सुरक्षा करता है और आप को कीटनाशक रखने वाली किसी भी दुकान पर मिल जाएगा. 1 क्विंटल अनाज के लिए यह 3 मि.ली. काफी होता है.

इस के अलावा खाने के लिए रखे अनाज के कीड़ों को मारने के लिए एल्युमिनियम फास्फाइड अर्थात सल्फास का प्रयोग करना चाहिए तथा इस की 1 गोली 10 क्विंटल अनाज के हिसाब से 2 या 3 फुट गहराई पर रखनी चाहिए.

कीड़ों से बचाने के लिए प्रयोग किए जाने वाले कीटनाशक हैं- एल्युमिनियम फास्फाइड, क्लोरोमोनो प्रोटोफास व साइफेट.

वधानी: जब आप अनाज या राशन इस्तेमाल में लाएं, तो उसे धो कर अच्छी तरह साफ कर लें. गोलियां रखने के लिए कौटन का एक कपड़ा लें और उस में गोलियां रख कर छोटीछोटी पोटलियां बना लें. फिर उन्हें अनाज के बीचोबीच या लेयर में रख दें. पूरे साल का राशन स्टोर करने के लिए राशन स्टोर करने की जगह को कीटरहित करने के लिए 0.5% मैलाथियान के घोल यानी एक भाग दवा और उस का 100 गुना पानी से फर्श, दीवारों व छत पर छिड़काव करना चाहिए. इस के बाद उस कमरे को 7 दिन के लिए हवाबंद कर दें.

अगर आप का बड़ा परिवार है और आप ने अनाज की कई बोरियां खरीद ली हैं, तो अनाज व बोरियों को सीधे दीवार से सटा कर नहीं रखना चाहिए, बल्कि उन्हें लकड़ी के तख्तों व बांस की चटाई पर रखना चाहिए. जहां तक संभव हो तो अनाज को धातु की बनी टंकियों में रखें. खाने के लिए रखे अनाज के कीड़ों को मारने के लिए एल्युमिनियम फास्फाइड अर्थात सल्फास का प्रयोग करना चाहिए तथा इस की 1 गोली 10 क्विंटल अनाज के हिसाब से 2 या 3 फुट गहराई पर रखें, क्योंकि इस से निकलने वाली गैस हवा से भारी होती है, जो ऊपर से नीचे की ओर जाती है और कीड़ों को मार देती है. 

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