हममें से अधिकांश लोग गैस और बिजली के बिल को लेकर परेशान रहते हैं. अधिक बिल जमा करने के कारण पूरा हिसाब बिगड़ जाता है. बिल अकाउंट में आने के बाद हमें होश आता है कि बिल ज्‍यादा है, जरूरी है कि बिल पर नजर रखी जाए.

बिल के बारे में जानकारी से अवगत रहे

हर बिल के ऊपर उसका रेफरेंस नंबर लिखा होता है, इससे आप बिल आने से पहले ही इसकी जानकारी ले सकते हैं. इस रेफरेंस नंबर से आपको बिल से जुड़ी विस्‍तृत जानकारी मिल सकती है, मसलन, आखिरी पेमेंट, वैट, अतिरिक्‍त चार्ज. अपने गैस अकाउंट में इस्‍तेमाल की गई गैस को देखें और अगर इसकी इस्‍तेमाल से अधिक पैसे लिए गए हैं तो पैसे वापसी के लिए तुरंत बात करें. इसका दूसरा विकल्‍प ऑनलाइन एडवाइजर से मदद लेना है. अगर आप बिल से जुड़ी इन बातों को लेकर जागरुक हैं तो आपको कम बिल देना होगा. उपकरणों की गैस की खपत कम करें.

गर्मियों के मुकाबले सर्दियों में गैस की खपत 97 प्रतिशत ज्‍यादा होती है. वॉटर हीटर और गैस फर्नेंस सबसे ज्‍यादा बिजली यूज करते हैं. गैस बिल का 70 प्रतिशत हिस्‍सा फर्नेंस से आता है. वॉटर हीटर के सही इस्‍तेमाल से बिजली के बिल को कम किया जा सकता है. कम गैस की खपत वाले उपकरणों का इस्‍तेमाल करें.

अन्‍य टिप्‍स

सर्दियों के दिनों में दरवाजे और खिड़कियों से आने वाली हवा से गैस की खपत बढ़ जाती है. इससे बचने के लिए दरवाजे और खिड़कियों के पास से आने वाली हवा की जगहों को सील करें. जिस दिन सूरत निकले उस दिन घर में दरवाजे खिड़‍कियों को खोल जिससे घर में प्राकृतिक गर्माहट आए. ये बातें बहुत छोटी लग रही हैं, लेकिन इन बातों का ध्‍यान रखकर आप गैस के बिल में बचत कर सकते हैं.