इस आग बरसाते मौसम में घर और बाहर का अंतर तब कम हो जाता है, जब आपका आशियाना ठंडा नहीं हो. बेहद छोटी-छोटी चीजों से बड़ा फर्क लाया जा सकता है और भट्टी बन चुके घर को कूल किया जा सकता है. बिजली की बचत तो होगी ही क्योंकि इन उपायों से घर नैचुरली ठंडा रहेगा. कुछ ऐसे उपाए जिनसे आपका आशियाना गर्मी में रहेगा ठंड़ा.

छत न हो गर्म

छत का ठंडा रहना बेहद जरूरी है. कितने भी उपाय घर के अंदर कर लें लेकिन छत गर्म है तो ज्यादा फर्क नहीं महसूस कर पाएंगे. इसलिए रूफ पर पौधों का इंतजाम करें या घास लगवाएं. इससे पूरे घर का तापमान कम बना रहेगा. छत को टूटे हुए गमलों के टुकड़ों से भी कवर किया जा सकता है.

आस-पास हरियाली

घर के अंदर तो कुछ पौधे हों ही, आस-पास भी हरियाली बनाएं रखें. इससे आपका घर काफी ठंडा रह सकता है. अगर घर के आसपास इतनी जगह नहीं है तो हर संभव जगह पर छोटे पौधे उगाए जा सकते हैं. दीवार पर इस मौसम में बेल चढ़ाना भी मददगार होगा.

जमीन पर बिस्तर

कमरे में गर्म हवा ऊपर की तरफ रहती हैं. कोशिश करें कि आपके बिस्तर का लेवल नीचे हो. ऐसा करने पर गर्मी कम लगेगी. गर्मियों में ग्राऊंड फ्लोर पर सबसे ज्यादा ठंडक हो जाती है. अगर संभव हो तो इसी मंजिल पर सोने का इंतजाम करना बिजली का काफी खर्च बचा सकता है. क्योंकि एसी को भी तल मंजिल का कमरा ठंडा करने में कम देर लगेगी.

चादरें हों सूती

बिस्तर पर लेटते वक्त ही महसूस हो जाता है कि चादर मौसम के लायक है या नहीं. सैटिन और पॉलिस्टर शीट का मौसम गया. कॉटन का दौर है. सूती चादरें बिछाएं. हलके रंग की शीट्स गर्मी नहीं सोखती हैं.

पर्दे का फर्क

परदों का सिर्फ यह काम नहीं होता कि वे घर को बाहर वालों की नजर से बचाएं. वे घर के अंदर की ठंडक को घर में ही बनाए रखने में मददगार हैं. ब्लाइंड्स या पर्दे मौसम अनुसार होने चाहिए. इन्हें बदलेंगे तो खुद फर्क महसूस करेंगे. इस मौसम में हल्का रंग काफी ठंडक पहुंचाएगा. भारी पर्दे अंदर की ठंडक को बाहर नहीं जाने देंगे इसलिए कोशिश करें कपड़ा मोटा हो.

चिक से मिलेगी ठंडक चकाचक

बालकनी खुली रहेगी तो गर्माहट को न्यौता देती रहेगी. बालकनी और गलियारों में बांस के चिक लगवाएं. ये चिक ऐसे हो जिन्हें आप पानी से तर कर सकें. इससे कूलर चलाने का खर्चा भी आप बचा सकते हैं.