सुरक्षा और सावधानी हमेशा बाद के इलाज से अच्छी होती है. अपने घर और परिवार की सुरक्षा हर किसी के लिए सब से जरूरी होती है. अनेक प्रकार की सुरक्षाओं में से चोरों से सुरक्षा बहुत महत्त्वपूर्ण है. वैसे तो चोरी में चोरों को कीमती सामान और पैसे से ही मतलब होता है, लेकिन कई बार चोरी के समय परिवार के किसी सदस्य को चोट आदि भी लग सकती है. इसलिए अपने घरपरिवार को ऐसी किसी अनहोनी से सुरक्षित रखना बहुत आवश्यक है. आज प्रौपर्टी के आसमान छूते दामों के कारण हर कोई अपना घर नहीं खरीद सकता. इसलिए शहरों से ले कर गांवों तक में लोग किराए के घर को ही अपना बसेरा बनाते हैं. लेकिन किराए के घरों में अमूमन सिक्योरिटी की व्यवस्था नहीं होती है, जिस के कई कारण हैं. इन में सब से पहला कारण तो यही है कि किराए के घरों में कोई भी हमेशा के लिए नहीं रहता है. कभी कोई रहता है, तो कभी कोई. ऐसे में हर किसी के पास उस घर की चाबी होती है.

कुछ किराएदार तो घर खाली करते समय पहले से दी गई डुप्लीकेट चाबी वापस भी नहीं करते हैं. दूसरा कारण है स्टूडैंट किराएदार. वे जब किसी घर को किराए पर लेते हैं, तो अपने दोस्तों को साथ रखते हैं, जिस से उन के पास घर की अनेक चाबियां चली जाती हैं. ये दोनों कारण ही आगे चल कर बहुत बड़ी समस्या बन सकते हैं, क्योंकि इस में मकानमालिक और किराए पर आने वाले नए किराएदार दोनों को ही पता नहीं होता कि कितनी और चाबियां उन के घर का ताला खोल सकती हैं. ऐसे में कैसे कोई किराए के घर में सुरक्षित रह सकता है. हर किराएदार को निम्न जरूरी बातें हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए, ताकि वह किसी भी अनहोनी से खुद को बचा सके-

किराए का घर लेते समय अपने मकानमालिक को कह कर घर के मेन गेट का लौक जरूर बदलवा लें ताकि पहले से यदि किसी और के पास उस गेट की चाबी हो तो वह गेट न खोल सके.

घर के दरवाजे हमेशा मजबूत और अच्छी क्वालिटी के होने चाहिए, क्योंकि ज्यादातर किराए के घरों में दरवाजे उतने मजबूत नहीं  होते हैं जितने कि होने चाहिए. साथ ही दरवाजे में एक पीपहोल होना चाहिए ताकि दरवाजा खोलने से पहले देखा जा सके कि दरवाजे के बाहर कौन है. बेहतर यही होता है कि लकड़ी के दरवाजे के बाहर लोहे या लकड़ी का जालीदार गेट भी हो ताकि जानपहचान कर के ही किसी को घर में आने की अनुमति दी जाए.

घर किराए का हो या अपना कभी भी ज्यादा नकदी और जेवर घर पर नहीं रखने चाहिए. इस कीमती सामान को हमेशा बैंक के लौकर में ही रखना ज्यादा सेफ होता है.

घर के साथ अगर कोई पेड़ है और उस की शाखाएं आप के घर की बालकनी तक आती हों, तो उन्हें समयसमय पर कटवाना भी जरूरी है ताकि चोर उन के सहारे घर में न घुस सकें.

घर बंद कर के जाते समय आप के घर में एक लाइट जलती रहे, जो घर में किसी के होने का एहसास करवाती रहे.

किराए के घर में आप अपनी तरफ से ज्यादा बदलाव तो नहीं कर सकते, लेकिन एक कुत्ता तो पाल ही सकते हैं, जो आप की और आप के घर की सुरक्षा करने में बहुत सहायक होगा.

घर में पैपर स्प्रे (कालीमिर्च), डंडा या बेसबौल बैट जरूर रखें ताकि मुसीबत में आप अपनी सुरक्षा कर सकें.

अगर 2-4 या ज्यादा दिनों के लिए आप बाहर जा रहे हैं, तो ध्यान रखें कि आप के घर के दरवाजे और खिड़कियां अच्छी तरह लौक हों. कोई भी रास्ता खुला न रहे, जिस से चोरों को घर में घुसने में आसानी हो.

ज्यादा दिनों के लिए घर से बाहर जाते समय अपने पासपड़ोस के लोगों तथा अपने मकानमालिक को जरूर बताएं.

सिक्योरिटी डिवाइज

इन सावधानियों के अलावा बाजार में बहुत से सिक्योरिटी से संबंधित उत्पाद भी उपलब्ध हैं, जिन्हें प्रयोग कर के ऐसी चोरी या डकैती से अपने घरपरिवार को सुरक्षित किया जा सकता है. कुछ उत्पाद बहुत महंगे भी हैं. लेकिन किराए के घर में, जहां कुछ समय के लिए ही कोई रहता है, कम कीमत वाले सिक्योरिटी डिवाइज लगवाए जा सकते हैं – अलार्म सिस्टम : चौबीसों घंटे आप के घर को आप की मौजूदगी और गैरमौजूदगी में चोरों से बचाने वाले अलार्म सिस्टम वाजिब कीमत में बाजार में उपलब्ध हैं. ये मौनीटर और बिना मौनीटर दोनों तरह के होते हैं. अलार्म सिस्टम लगवाते समय ध्यान रखना चाहिए कि वह आप के घर में प्रवेश करने के मेन दरवाजे पर लगा हो. अलार्म सिस्टम में कंट्रोल पैनल, कीपैड, सायरन सिस्टम आदि होते हैं और इन में खिड़कियों, शीशों के लिए ब्रेक सैंसर लगा होता है. मौनीटर में जैसे ही अलार्म बजता है वैसे ही मौनीटर करने वाली कंपनी को अलर्ट मैसेज पहुंच जाता है और वह तुरंत पुलिस या अन्य सहायता के लिए फोन कर देती है. बिना मौनीटर वाले अलार्म में जैसे ही अलार्म बजता है, आप के आसपास वाले उस का शोर सुन कर सहायता के लिए आ सकते हैं.

सीसी टीवी कैमरा : घर की सुरक्षा में सीसी टीवी कैमरा बेहतर सहायक सिद्ध होता है. सीसी टीवी कैमरे की सब से बड़ी खासीयत यह है कि यह घर में घुसने वाले हर व्यक्ति की छवि रिकौर्ड करता है, उन की हर हरकत पर इस की नजर होती है. सीसी टीवी कैमरे आमतौर पर शौपिंग मौल्स, कौरपोरेट बिल्ंिडग्स, मल्टीप्लैक्स से ले कर दुकानों और घरों तक में लगे होते हैं.

डिजिटल सेफ लौकर : ज्यादातर किराए के मकानों में मकानमालिक अपना बजट देखते हुए ही पैसा खर्च करते हैं और दरवाजे या लौक जैसी चीजों पर अधिक खर्च नहीं करते. वे सस्तीहलकी क्वालिटी के दरवाजे और लौक लगवाते हैं, जो चोरों के लिए सहायक सिद्ध होते हैं.

मार्केट में आज बहुत तरह के लौक उपलब्ध हैं. इन में डैडबोल्ट सब से बेहतर और सुरक्षित माने जाते हैं. ये मुख्यरूप से 2 तरह के होते हैं- सिंगल सिलैंडर वाले और डबल सिलैंडर वाले.

आईपी कैमरा : इन्हें नैटवर्क आईपी सिक्योरिटी सिस्टम के नाम से भी जाना जाता है. ये छोटे घरों में नहीं, बल्कि बड़े घरों में और शौपिंग कांप्लैक्स में लगाए जाते हैं और कंप्यूटर से जुड़े होते हैं. इन कैमरों का अपना आईपी ऐड्रैस भी होता है, जिस से कंप्यूटर के सामने बैठ कर पूरी बिल्ंिडग पर नजर रखी जा सकती है.

मोशन सैंसर डिटैक्टर : ज्यादातर लोग इसे अलार्म सिस्टम की जगह दूसरे औप्शन के रूप में प्रयोग करते हैं. यह 2 तरह के काम करता है- एक तो रोशनी देता है और दूसरा अलार्म सिस्टम की तरह कार्य करता है. लोगों को इस की विशेषताओं के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है. बिजली की बचत करने में भी मोशन सैंसर लाभदायक सिद्ध होते हैं. ये अपनी अलगअलग टैक्नौलोजी के कारण बाजार में अलगअलग रेट पर उपलब्ध हैं.

वीडियो डोरफोन : वीडियो डोरफोन पहले ज्यादातर पौश कालोनियों में ही देखने को मिलते थे, लेकिन अब मध्यवर्गीय घरों में भी इन का प्रयोग हो रहा है. यह मुख्यरूप से औडियोवीडियो डोर ऐंट्री सिस्टम है. इसे अलार्म के साथ भी जोड़ा जा सकता है. इस में एक कैमरा और बैल लगी होती है. ये मेन गेट के बाहर होते हैं, जिस से घर में आनेजाने वाले हर व्यक्ति की तसवीर दिखती है व उस से बात भी ह?ो सकती है.

वायरलैस सिस्टम : ये किराए के घरों में आसानी से लगाए जा सकते हैं, क्योंकि इन्हें इंस्टौल करना सब से आसान है. इस में कोई भी तार न होने से चोर द्वारा इसे काटना संभव नहीं होता है. इस में गुणों के साथसाथ एक अवगुण भी है.