अगर आप नए फ्लैट में शिफ्ट होने का प्लान बना रही हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखें. फिर आप इस प्रक्रिया में होने वाली आपाधापी और असुविधाओं से बच जाएंगी:

– फ्लैट ऐसी जगह खोजें, जो आप के दफ्तर या व्यावसायिक स्थल से नजदीक हो.

– अपने बच्चों के दाखिले की व्यवस्था भी यथासंभव फ्लैट के आसपास के ही किसी अच्छे स्कूल में कराएं. फ्लैट से बच्चों का स्कूल और दफ्तर नजदीक होने पर आप आनेजाने में होने वाले व्यर्थ खर्चे से तो बचेंगी ही, साथ ही समय की बचत भी होगी.

– अपने गैस के कनैक्शन का पता परिवर्तित करने के लिए पहले से ही आवेदन कर दें.

– सामान्यतया लैंडलाइन फोन स्थानांतरित करवाने में काफी समय लग जाता है. अत: अच्छा हो फ्लैट बदलने की योजना बनते ही आप फोन स्थानांतरण के लिए आवेदन कर दें. जल्दी काररवाई के लिए हफ्ते भर के अंतराल से स्मरणपत्र अथवा व्यक्तिगत रूप से संबंधित अधिकारी से मिल कर निवेदन करें, तो काम जल्दी हो जाएगा.

– अगर आप को अकसर तबादले या अन्य पारिवारिक कारणों से फ्लैट बदलते रहना पड़ता हो, तो सूटकेस, लकड़ी की पेटियां, प्लास्टिक के कैरेट आदि संभाल कर रखें. अकसर लोग लकड़ी की पेटियों को फेंक देते हैं और फिर जरूरत पड़ने पर बारबार खरीदते हैं. इस से आप व्यर्थ खर्च से बच जाएंगी. सामान पैक करने के लिए लकड़ी की पेटियां बहुत उपयोगी होती हैं.

– सामान की पैकिंग अच्छी तरह करें ताकि टूटफूट न हो.

– अगर आप का सामान ट्रक से जा रहा है, तो तिरपाल अवश्य लगवा दें ताकि बरसात, धूप से सामान का बचाव हो सके. सामान अच्छी और प्रतिष्ठित ट्रांसपोर्ट कंपनी के माध्यम से ही भेजें. सामान का बीमा करवा लें, तो ज्यादा अच्छा होगा.

– यथासंभव सभी संदूकों, पलंगों, फ्रिज, लकड़ी की पेटियों, सूटकेसों आदि पर अपने नए पते के लेबल चिपका दें. साथ ही वहां जिस कंपनी या उस की शाखा में कार्य करने आप जा रहे हैं उस का फोन नंबर भी लिख दें. अगर किसी कारणवश आप का कोई सामान छूट या गिर गया हो तो किसी सज्जन को मिल जाने पर वह आप को सूचित कर सकता है.

– फ्लैट के निकटस्थ डाक्टर, अस्पताल, बैंक, सब्जी बाजार, किराने की दुकान, बिजली मेकैनिक, ड्राइक्लीनर, दूध, मंडी आदि की जानकारी ले लें.

– अपने महल्ले या क्षेत्र के पुलिस स्टेशन का नाम, पता व फोन नंबर अवश्य जानकारी में रखें.

– अपने परिचितों, व्यावसायिक पार्टियों, जीवन बीमा निगम, बैंक, डाकघर, क्रैडिट कार्ड की कंपनी, शेयर कंपनियों आदि को अपना पता बदलने की सूचना अवश्य दे दें.

– जिस कालोनी या महल्ले में आप जा रही हैं वहां अगर कोई रिश्तेदार या परिचित रहता है, तो उस का फोन नंबर पता आदि अवश्य रखें ताकि आपातकालीन स्थिति में उन से मदद ली जा सके.

– अपने पड़ोसियों से अच्छे संपर्क रखें तथा उन के फोन नंबर भी रखें. एक तो वे दुखसुख में काम आएंगे, दूसरा अगर आप का पता बदल गया है और आप किसी को सूचना देना भूल गई हैं तो पड़ोसी ही आप का नया पता बताएंगे या आप की चिट्ठीपत्री ले कर आप तक भेज देंगे.

– जब एक फ्लैट बिकाऊ होता है तो वहां के एजेंट्स से ले कर मैंटीनेंस कर्मियों तक के पास भी उस फ्लैट की चाबी होती है. आप से पहले यह फ्लैट बहुत से लोगों ने देखा होगा और हो सकता है कि उन में से किसी के पास इस की डुप्लीकेट चाबी हो. पिछले मालिक के पास भी इस की अतिरिक्त चाबी हो सकती है. अत: लौक बदलवा लें. यदि घर में कोई अलार्म सिस्टम लगा है तो उस का कोड भी बदल लें.

– आप को पता होना चाहिए कि पूरे घर की बिजली कहां से बंद होगी. इस के अलावा स्विच पर मार्क नहीं तो कौन सा स्विच किस का है, मार्क कर दें. इसी तरह फ्यूज बदलने के लिए आप को मेन स्विच तक जाना पड़ता है. इसलिए मेन स्विच की जानकारी होनी बहुत जरूरी है.

– अगर आप के घर में स्मोक अलार्म और कार्बन मोनोऔक्साइड डिटैक्टर्स लगे हुए हैं तो इन्हें शिफ्ट करने से पहले जरूर चैक करें. आप से पहले भी कई लोगों ने फ्लैट देखा होगा और उन्हें चैक करने की कोशिश की होगी, ऐसे में हो सकता है कि उन की बैटरी खत्म हो गई हो. ऐसे में घर शिफ्ट करने से पहले बैटरी जरूर बदल लें ताकि जरूरत के वक्त आप के काम आ सके.

– सामान शिफ्ट करने के बाद कोई भी टूटफूट कराना मुश्किल होगा. इसलिए घर में शिफ्ट करने से पहले दीवारों पर किसी भी तरह की सीलन के निशान चैक करना न भूलें ताकि सामान वहां ले जाने से पहले आप मरम्मत का जरूरी काम करवा सकें.

– घर में शिफ्ट करने से पहले पेंट जरूर करवाएं. इस से आप को घर अपना सा लगेगा. खाली घर को पेंट करवाना हमेशा आसान होता है. सामान इधरउधर करने का झंझट नहीं होता.