पैरीपिस्टल झींगी और गैबी गोबी मछली समुद्र की गहराई में बने एक बिल में एक साथ रहते थे. उन की दोस्ती बेमेल थी लेकिन वास्तव में वे एकदूसरे को पसंद करते थे.

एक दिन क्लिओ क्लाउन मछली वहां आई और पैरी और गैबी को एकसाथ देखा.

एक झींगी को देख कर क्लिओ इसे खाना चाह रही थी इसलिए उसे पकड़ने के लिए उस ओर लपकी, लेकिन तभी गैबी अपनी पूंछ हिलाते हुए चिल्लाई, ‘‘खतरा, पैरी, छिप जाओ.’’

पैरी तुरंत बिल के अंदर चला गया और गैबी क्लिओ से लड़ने के लिए उस की ओर आई.

क्लिओ चिल्लाई, ‘‘प्लीज, मुझे मत काटो. मैं यहां तुम्हें नुकसान पहुंचाने नहीं आई.’’

‘‘यह अजीब बात है. तुम एक झींगी की मदद कर रही हो जिस के पंजे बड़े हैं और वह लगभग अंधा होता है. वह तुम्हारा दोस्त नहीं हो सकता,’’ क्लिओ ने कहा.

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गैबी ने कहा, ‘‘तो क्या हुआ, अगर वह झींगी है. हम दोनों दोस्त हैं और एक साथ रहते हैं. यद्यपि वह नजरों से कमजोर है, लेकिन वह खुदाई करने में मास्टर है. वह अपने पंजों का इस्तेमाल एक बुलडोजर की तरह रेत को हटाने में करता है. वह बिल बनाता है और साथ ही इस की देखभाल भी करता है. वह बिल के प्रवेश द्वार को साफसुथरा रखने के लिए बहुत मेहनत करता है,’’ गैबी ने विस्तार से बताया.

क्लिओ ने चेतावनी देते हुए कहा, ‘‘लेकिन वह तुम पर हमला कर सकता है और किसी भी समय तुम्हें खा सकता है.’’

पैरी बिल के अंदर से बोला, ‘‘मैं सब कुछ खा सकता हूं. शैवाल खाता हूं, नन्हे क्रस्टेशिया, केंचुए और छोटीछोटी मछलियों को खाता हूं. मैं अपने दोस्त गैबी को कभी नहीं खाऊंगा क्योंकि उस के बिना मैं नहीं रह सकता. मैं ऐंटिना से उस की पूंछ को पकड़ लेता हूं और बिना किसी डर के समुद्र में तैरता हूं . वह मुझे परभक्षियों से सावधान करती है और मेरी रक्षा करती है. अगर मैं बिल का मालिक हूं तो गैबी ही पहरेदारी और देखभाल करता है.’’

क्लिओ ने हंसी उड़ाते हुए कहा, ‘‘क्या होगा, अगर गैबी तुम्हें खाने की कोशिश करे?’’

गैबी ने कहा, ‘‘हालांकि मैं मांसाहारी हूं, लेकिन मैं अपने दोस्त को नहीं खाऊंगी जिस ने मेरे रहने के लिए इतना खूबसूरत बिल बनाया. मैं अपने लिए खुद एक घर कभी भी नहीं बना सकती और तुम भी इस बात से सहमत होगी कि सुरक्षित रहने के लिए इस प्रवालभित्ति में तुम्हें भी एक घर की कितनी जरूरत रही होगी.’’

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क्लिओ अब भी उस से सहमत नहीं थी. वह बोली, ‘‘गैबी, एक दिन तुम पछताओगी कि तुम पैरी की दोस्त थी.’’ कह कर वह तैरती हुई चली गई.

‘‘वह हमारी दोस्ती से जलती है,’’ गैबी ने जोर से कहा.?

‘‘अब उस को भूल जाओ और चलो, साथ खेलते हैं,’’ पैरी ने कहा.

कुछ दिन बीत गए. एक दिन गैबी एक बिल के बाहर देख रही थी, तभी उस ने नन्ही मछलियों के एक झुंड को देखा.

‘‘यम्मी खाना,’’ गैबी ने कहा. उस के होठों से पानी टपकने लगा.

लेकिन तभी एक जोरदार आवाज गूंजी, ‘‘क्लिक, क्लिकीटी क्लिक….’’

मछलियों ने आवाज सुनी और भाग गईं.

पैरी जब बिल साफ कर रहा था और रेत और पत्थर हटा रहा था तो यह आवाज वही निकाल रहा था.

‘‘हुश्श, पैरी, मेरा खाना तुम्हारी आवाज निकालने की वजह से भाग गया,’’ गैबी ने कहा.

‘‘हुंह, लेकिन घर तो गंदा था, मैं इसे साफ करना चाहता था,’’ पैरी ने कहा.

‘‘लेकिन मेरे लिए तो मछलियों को पकड़ना भी महत्त्वपूर्ण है. अगर तुम ऐसी आवाजों से हर चीज को भगाते रहोगे तो मैं जल्दी ही भूख से मर जाऊंगी,’’ गैबी ने कहा.

‘‘उस दिन भी तुम ने डराने वाली पानी की धारा बनाई और उन केंचुओं को डरा कर दूर कर दिया जिन्हें मैं खाना चाहती थी,’’ गैबी ने कहना जारी रखा.

‘‘वह पानी की तेज धारा इसलिए बनी थी क्योंकि मेरे पंजे तेजी से बंद हुए थे,’’ पैरी ने विस्तार से बताना चाहा.

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लेकिन गैबी उसे सुनने के मूड में नहीं थी. वह बोली, ‘‘क्लिओ ठीक कह रही थी. तुम मेरी दोस्ती के लायक नहीं हो, गुडबाय, पैरी.’’

उस ने बिल को छोड़ दिया और तैरती हुई दूर चली गई.

जब क्लिओ ने यह सुना तो वह बहुत खुश हुई.

‘‘हमारे समूह में तुम्हारा स्वागत है, दोस्त. हम सभी यहां पर मछलियां हैं. हम कभी भी किसी झींगी का दोस्त नहीं बन सकतीं,’’ क्लिओ ने गैबी से कहा.

‘‘आज मुझे इस बात का एहसास हुआ,’’ गैबी ने कहा. लेकिन वह नहीं जानती थी कि वह इतनी दुखी क्यों थी.

पैरी अब बिल में अकेले रहने लगा था. वह बहुत दुखी था. अकेले रहना उस के लिए मुश्किल हो रहा था और उसे गैबी की कमी खल रही थी. पैरी रोज की तरह अपने बिल में काम करने में लगा रहता था. एक दिन पहले ही समुद्र में एक तूफान आया था.

पैरी ने सैली सीहौर्स को स्टैरी स्टारफिश से कहते सुना था कि तूफान बड़ा भयानक था और प्रवालभित्ति के दूसरे भागों की कई बिलें पूरी तरह बरबाद हो गई थीं.

स्टैरी ने कहा, ‘‘यह वास्तव में एक बुरी खबर है. मैं ने यह भी सुना है कि बहुत सी मछलियां प्रवाल के नीचे दब गई हैं. मुझे विश्वास है कि क्लिओ और उस की दोस्त गैबी रेत के नीचे फंस गए होंगे.’’

अपने दोस्त का नाम सुन कर पैरी बेचैन हो गया. वह बिल से बाहर निकल आया और बोला, ‘‘स्टैरी, क्या तुम मुझे गैबी के बिल तक ले कर चलोगी, प्लीज? मैं अपने दोस्त से मिलना चाहता हूं.’’

स्टैरी और सैली की मदद से पैरी वहां पहुंचा. वह यह देख कर उदास हो गया कि बहुत से बिल ढह गए थे. छोटीबड़ी मछलियां जिंदा रहने के लिए संघर्ष कर थीं. पैरी ने अपने सूंघने की शक्ति का उपयोग रेत में उस स्थान को ढूंढ़ने में किया जहां गैबी और क्लिओ रेत के अंदर दबे थे. उस ने अपने बड़े पंजों से गड्ढा खोदना शुरू कर दिया.

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‘‘क्लिक, क्लिकीटी क्लिक,’’ उस के पंजों से आवाज आई.

जल्दी ही गैबी और क्लिओ रेत से बाहर सुरक्षित निकल आए.

‘‘हमारी मदद करो, प्लीज,’’ रेत के अंदर से अन्य मछलियां चिल्लाईं.

पैरी ने फिर अपना काम शुरू किया, ‘‘क्लिक, क्लिकीटी, क्लिक…’’

शाम हो गई थी. पैरी बहुत थक गया था लेकिन बहुत सी मछलियों को बचा कर वह बड़ा खुश था. गैबी पैरी के पास आई. उसे जोर से गले लगा कर बोली, ‘‘मेरे प्यारे दोस्त, मैं कितनी मूर्ख थी कि तुम्हें छोड़ कर चली गई थी. मुझे माफ कर दो.’’

‘‘हम हमेशा से पक्के दोस्त थे और रहेंगे. चलो, अपने बिल में चलते हैं,’’ आंखों में आंसू लिए पैरी ने कहा.

क्लिओ भी पैरी के पास आई और बोली,

‘‘पैरी, मुझे माफ कर दो. मैं तुम्हारी दोस्ती को नहीं समझ पाई थी. लेकिन आज विश्वास हो गया है कि सच्ची दोस्ती सिर्फ एक समान दिखने वाले लोगों, जानवरों या मछलियों के ही बीच नहीं होती बल्कि उन के बीच भी होती है, जो एकदूसरे का खयाल रखते हैं.’’

‘‘हमारी दोस्ती के लिए तीन बार चीयर्स,’’ सैली बोला.

‘‘हिपहिप हुर्रे,’’ सभी चिल्लाए, जबकि गैबी पैरी के साथ अपने घर की ओर जाने के लिए तैरने लगी. सभी बड़े खुश थे.

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