प्रिया अपने नए स्कूल में पहली बार परीक्षा दे रही थी. अंग्रेजी, गणित और विज्ञान के पेपर आसान थे. आज उस का भूगोल का पेपर था. पुराने स्कूल में प्रिया अपने शब्दों में उत्तर लिखने के लिए जानी जाती थी. वहां के टीचर इस बात के लिए बच्चों को उत्साहित भी करते थे. अब 5 मिनट ही बच गया था लेकिन प्रिया का लिखना अभी भी चल रहा था.

hindi-story-for-kids-2-numbaron-ke-liye

सुपरवाइजर ने कहा, ‘‘दिए गए धागे से अपनीअपनी उत्तरपुस्तिकाओं को ठीक से नत्थी कर लें.’’ प्रिया पुराने स्कूल में स्टैपलर का इस्तेमाल करती थी. सुपरवाइजर उत्तरपुस्तिका लेने आ गए थे. प्रिया अभी भी उत्तरपुस्तिका को नत्थी करने में व्यस्त थी. सुपरवाइजर को गुस्सा आ गया. उन्होंने प्रिया की उत्तरपुस्तिका के ऊपर लिख दिया, ‘काफी लेट जमा करने के लिए 2 नंबर काट लिए जाएं.’ प्रिया परेशान हो गई. पुराने स्कूल में ऐसा कभी नहीं हुआ था.

प्रिया बहादुर और आत्मविश्वास से भरी लड़की थी. उस पर इन बातों का कोई विशेष असर नहीं पड़ा. अगले तीन पेपर भी अच्छे हुए. पेपर खत्म हो गए.

एक सप्ताह के अंदर कापियां जांच ली गईं. सभी छात्रों को जांची हुई कापियां दे दी गईं. भूगोल की टीचर रौल नंबर के हिसाब से कापियां बांट रही थीं. उन्होंने प्रिया को आवाज दी. फिर कहा, ‘‘इस नई छात्रा ने बहुत अच्छा काम किया है. इसे 20 में से 18 नंबर आए हैं. मैं अपने समय में पहली बार किसी छात्रा को इतना अच्छा नंबर लाते हुए देख रही हूं. सुपरवाइजर ने इस की उत्तरपुस्तिका के ऊपर लिखा था कि ‘2 नंबर काट लिए जाएं.’ लेकिन मैं ने ऐसा नहीं किया. आप सभी मुझ से सहमत हो?’’ सभी छात्रों ने चिल्लाते हुए कहा, ‘‘जी, मैम.’’

प्रिया बहुत खुश थी. उस ने भूगोल की टीचर को धन्यवाद दिया और मुसकराते हुए घर चली गई. अब प्रिया 35 साल की हो चुकी थी. वह अब प्रकाशक बन गई थी. वह अपने पुराने स्कूल के छात्रों की सहायता करना चाहती थी.

प्रिया ने छात्रों के नोट्स लिखने का औफर दिया. वालंटियर्स ने कहा कि इस बारे में प्रिंसिपल से उन की कमिटी बात करेगी. अब प्रिया की पसंदीदा भूगोल की टीचर ही प्रिंसिपल थीं. प्रिया द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कामों की जानकारी उन्हें थी. उन्हें अपनी छात्रा पर गर्व था. प्रिया भी बहुत खुश थी कि उस की पसंदीदा टीचर प्रिंसिपल बन गईं हैं. प्रिया ने वालंटियर्स से कहा कि वह प्रिंसिपल की ही छात्रा रही हैं और उसे पूरा विश्वास है मैडम उसे जरूर याद कर रही होंगी. प्रिया ने यह भी कहा कि प्रिंसिपल मैडम यह समझ सकती हैं कि मेरे नोट्स छात्रों की किस तरह सहायता करेंगे. इसलिए प्रिंसिपल से बात करें.

जब वालंटियर्स ने प्रिंसिपल से बात की तो प्रिंसिपल ने प्रिया के लिए धन्यवाद कहा. वालंटियर को प्रिंसिपल द्वारा दिए गए धन्यवाद के बारे में असली बात का पता नहीं था. लेकिन प्रिया समझ गई थी कि प्रिंसिपल मैडम क्या कहना चाहती हैं.

‘‘आप जानती हैं कि स्कूल आप के काम के लिए कुछ नहीं दे सकता. लेकिन आप की इस उदारता के लिए हम आप की प्रशंसा करते हैं.’’ प्रिया ने अपने तरीके से अपने स्कूल और प्रिंसिपल को धन्यवाद दिया और उस की टीचर ने अपने तरीके से अपनी प्रिय छात्रा को याद करते हुए धन्यवाद दिया.