बौक्सी बिल्ला उस दिन बहुत खुश था. सभी जानवर रोकरोक कर उसे जन्मदिन की बधाई दे रहे थे. बौक्सी था बहुत शैतान. लेकिन मन से बहुत भोला और नेक था. समयसमय पर वह सभी की सहायता करता रहता था.

‘‘हैप्पी बर्थ डे, बौक्सी, आज तो बहुत जंच रहे हो,’’ मंगू सियार ने बौक्सी को बधाई देते हुए कहा.

‘‘हैलो बौक्सी, जन्मदिन मुबारक हो.’’ यह गप्पू हाथी की आवाज थी. उस की सूंड़ में केले की पूरी डाल लटकी हुई थी.

‘‘धन्यवाद गप्पू, लेकिन तुम ने तकलीफ क्यों की?’’

‘‘बौक्सी भाई, बर्थडे बहुतबहुत मुबारक हो,’’ यह कहते हुए गोलू भालू भी आ गया.

‘‘यार गोलू, तुम्हें कैसे मालूम कि आज मेरा बर्थडे है?’’ बौक्सी ने पूछा.

‘‘बौक्सी, यह भी कोई पूछने की बात है. तुम्हारा जन्मदिन वन के जानवरों को मालूम है. तुम भूल रहे हो कि आज मिनी माउस का भी बर्थडे है.’’

यह सुन कर बौक्सी के चेहरे पर मुसकान आ गई. तभी बौक्सी ने अपनी मम्मी की आवाज सुनी तो घर की ओर दौड़ पड़ा.

‘‘तेरे पापा तुझे कब से ढूंढ़ रहे हैं. आज तेरे पापा तेरे लिए कोई स्पेशल डिश भी बनवाने वाले हैं,’’ मम्मी ने कहा.

‘‘बताओ न, पापा मेरे लिए क्या बनवाने वाले हैं?’’

‘‘यह तो मुझे भी नहीं मालूम. कह रहे थे बौक्सी को बहुत पसंद आएगी.’’

‘‘ठीक है मम्मी, मैं अपने सब से पक्के दोस्त से मिल कर अभी आता हूं. आज उस का भी जन्मदिन है,’’ बौक्सी बोला.

‘‘बेटा, तुम्हारा सब से पक्का दोस्त कौन है, हमें भी तो बताओ?’’

‘‘नहीं मम्मी, अभी नहीं, मैं शाम को आप को सरप्राइज दूंगा.’’ यह कह कर बौक्सी अपने दोस्त मिनी चूहे के यहां दौड़ पड़ा.

मिनी चूहा नदी किनारे अपने मम्मीपापा और भाइबहनों के साथ रहता था.

मिनी चूहा बौक्सी का बेसब्री से इंतजार कर रहा था. दोनों एकदूसरे को देख कर चिल्ला पड़े.

‘‘हैप्पी बर्थडे टू यू,’’ दोनों ने एकदूसरे से कहा.

मिनी चूहे ने बौक्सी को गले लगा कर कहा, ‘‘चल बौक्सी, मम्मी और पापा सुबह से तुम्हारा इंतजार कर रहे हैं. मम्मी ने तेरी पसंद की डिशेज भी बनाई हैं.’’

‘‘आओ बौक्सी बेटे, तुम्हें जन्मदिन की बधाई हो. आज तुम दोनों का जन्मदिन हैं. तुम दोनों की दोस्ती सलामत रहे. दोनों हमेशा इसी तरह साथ रहो.’’ मिनी की मम्मी ने दोनों से कहा. यह सुन कर बौक्सी के चेहरे पर मुसकान आ गई.

‘‘थैंक यू आंटी, आप बहुत ही अच्छी हैं. आप ने कितनी अच्छी मिठाई बनाई है. चल यार मिनी,

बाहर खेलते हैं.’’ यह कह कर दोनों बाहर निकल गए. खेलने में कब दोपहर हो गई, दोनों को पता ही नहीं चला.

बौक्सी ने देर होती देख मिनी से कहा, ‘‘यार मिनी, बहुत देर हो गई है. मेरे पापा मेरा इंतजार कर रहे होंगे. उन्होंने मेरे लिए कोई स्पेशल डिश बनवाने का बोला है. शाम को तुम भी मेरे यहां आना. सब मिल कर मौज करेंगे.’’

बौक्सी मिनी से विदा ले कर घर की ओर भागा. उसे पापा के डांट की चिंता थी. घर आ कर उस ने देखा पापा उसी का इंतजार कर रहे थे. पापा ने जब उसे प्यार किया तो उस का डर खत्म हुआ.

‘‘पापा, आप मेरे लिए कौन सी स्पेशल डिश बनवाने वाले हैं, बताइए न? आज मेरे बहुत से दोस्त भी आने वाले हैं.’’

‘‘बौक्सी, यह तो मैं तुम्हें सरप्राइज दूंगा. अभी से बताऊंगा तो मजा नहीं आएगा. तुम्हारी मम्मी को भी अभी तक नहीं मालूम. जाओ, अपने दोस्तों के साथ खेलो. मुझे तुम्हारे जन्मदिन की तैयारी भी करनी है,’’ पापा ने कहा.

उन दोनों की बातों के बीच बौक्सी की मम्मी भी आ गईं. दोनों शाम की तैयारी के बारे में बातें करने लगे.

बौक्सी उन दोनों को छोड़ कर दूध पीने अंदर चला गया. जब वह दूध पी कर आ गया तो उसे पापा की आवाज सुनाई पड़ी.

‘‘सुनो, आज मैं ने बौक्सी के लिए नदी के किनारे रहने वाले चूहों के परिवार का शिकार करने का विचार किया है. सुना है उन के यहां भी आज किसी का जन्मदिन है. बहुत सारे चूहे? इकट्ठे होंगे. मैं ने उन के बिल में घुसने का गुप्त रास्ता भी खोज निकाला है.’’

बौक्सी अपने पापा की बातें सुन कर दंग रह गया. उस के पापा तो उस के पक्के दोस्त के परिवार को ही शिकार बनाने वाले हैं.

बौक्सी कुछ देर तक सोचता रहा, फिर अपनी मम्मी से खेलने जाने का कह कर मिनी के घर तेजी से चल पड़ा. उस ने मिनी और उस के मम्मीपापा से सारी बातें कह डालीं. उन्हें सावधान रहने का बोल कर उन से माफी मांगने लगा.

‘‘मेरे कारण आप पर मुसीबत आ पड़ी है, काश, मैं आप के किसी काम आ पाता,’’ बौक्सी बोला.

मिनी की मम्मी ने झट उसे अपने गले लगा लिया. घर आ कर बौक्सी उदास हो गया. चुपचाप एक कोने में जा कर बैठ गया.

उसे चुपचाप बैठा देख कर उस के पापा बोले, ‘‘क्या बात है बेटे, उदास हो. तुम्हें क्या हो गया है? अभी तक तो ठीक थे.’’

बौक्सी ने उन्हें कोई उत्तर नहीं दिया. पापा उस से बारबार पूछते रहे.

आखिर बौक्सी ने उन से पूछ ही लिया, ‘‘ पापा, मुझे सचसच बताना, आप मुझ से कितना प्यार करते हैं?’’

पापा ने उत्तर दिया, ‘‘बेटे, हर पापा अपने बच्चों से, अपनी जान से भी ज्यादा प्यार करते हैं.’’

‘‘पापा, आज मेरा जन्मदिन है और यदि मुझे कुछ हो जाए तो आप को कैसा लगेगा?’’

यह सुनते ही उस की मम्मी बोल पड़ीं, ‘‘ नहीं बेटे, ऐसा नहीं बोलते. तुम्हें कुछ हो गया तो हम भी जिंदा नहीं रह पाएंगे.’’

बौक्सी ने कहा, ‘‘पापा, आज मैं आप से एक वचन मांगता हूं. क्या आप उसे पूरा करेंगे.’’

बौक्सी के पापा कुछ देर तक सोचते रहे. फिर हंस कर बोले, ‘‘बेटे, आज तो जो तुम कहोगे उसे मैं अवश्य पूरा करूंगा. बोलो, क्या चाहते हो?’’

यह सुनते ही बौक्सी बहुत खुश हुआ और उस की आंखों में आंसू आ गए.

‘‘पापा, आज आप मुझ से वादा करिए कि आप कभी भी मेरे दोस्त मिनी और उस के परिवार का शिकार नहीं करेंगे. भले ही उस के बदले मुझे

कुछ भी उपहार मत दीजिए. पापा, मिनी मेरा पक्का दोस्त है. उस के बिना मुझे कुछ भी अच्छा नहीं लगेगा. प्लीज, पापा, आप मेरी बात मानेंगे न, प्लीज पापा.’’

बौक्सी की आंखों में अपने दोस्त के प्रति इतना अपनापन और गहरी दोस्ती देख कर वे बहुत खुश हुए. उन्होंने बौक्सी को हमेशा इसी तरह के नेक विचार रखने की सलाह दी और अपना वचन निभाने का वादा भी किया.

वे बोले, ‘‘बौक्सी बेटे, तुम ने अपनी खुशियों के बदले दूसरे की खुशियां चाही हैं. सचमुच मुझे तुम पर गर्व है. जाओ, अपने दोस्त मिनी से बोलो कि अपने मम्मीपापा के साथ यहां आए. हम सब

मिल कर तुम दोनों का जन्मदिन धूमधाम

से मनाएंगे.’’

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