गृहशोभा विशेष

‘‘अरे फिशी, मुझे कैंडी दे दो,’’ ओक्की औक्टोपस ने गोल्डफिश को धमकाते हुए कहा. ‘‘नहीं, यह मेरी कैंडी है. इसे सिर्फ मैं खाऊंगी,’’ गोल्डी गोल्डफिश ने कहा और ओक्की से बिना डरे कैंडी खाने के लिए अपना मुंह खोल दिया.

‘‘मेरा कहना तुम नहीं मानोगी, रुको, मैं तुम्हें सबक सिखाता हूं,’’ ओक्की ने कहा और अपने हाथों को सामने की ओर फैलाया और गोल्डी से कैंडी छीन लिया. यह ठीक नहीं है, मेरी कैंडी वापस करो. तुम दूसरे से कोई चीज छीन नहीं सकते,’’ गोल्डी ने गुस्से से कहा.

‘‘अब तुम क्या करोगी? कैंडी तो मेरे पेट में चली गई है. क्या तुम मेरा पेट चीर कर कैंडी निकालोगी?’’ ओक्की ने हंसते हुए गोल्डी का मजाक उड़ाया.

‘‘मैं तुम्हें सबक सिखाऊंगी.’’ गोल्डी ने खुद से कहा. जब वह तैरते हुए दूर चली जा रही थी तो उस ने निर्णय किया कि वह ओक्की और उस के इस व्यवहार के खिलाफ अन्य सभी से मदद के लिए कहेगी. लेकिन जब उस ने दूसरों से बात की तो कोई उस की मदद के लिए तैयार नहीं हुआ.

‘‘नहीं, बिलकुल नहीं, मैं इस झंझट में दोबारा फंसना नहीं चाहता. पिछली बार मैं ने ओक्की के खिलाफ व्हेल से शिकायत की थी. उस ने मेरा घर तोड़ दिया. उस के बाद मुझे और मेरे परिवार को काफी मुसीबतें झेलनी पड़ी.’’ जोजो जैलीफिश ने याद करते हुए कहा.

‘‘हम सभी बहुत छोटी मछलियां हैं और हम ओक्की का कुछ भी नहीं बिगाड़ सकते. वह बहुत ही शैतान है और मैं तो तुम से यही कहूंगा कि उस से तुम दूर ही रहो,’’ स्टारफिश ने सलाह दी.

लेकिन गोल्डी ओक्की को सबक सिखाना चाहती थी, ‘‘कोई मेरी मदद करे या न करे, मुझे इस की परवा नहीं करनी, लेकिन मैं उसे सबक जरूर सिखाऊंगी,’’ वह बड़बड़ाई.

गोल्डी के घर के पास रह रहे केकड़ों के साथ गोल्डी का एक समझौता हुआ था कि जब केकड़े खाने की तलाश में बाहर जाएंगे तो गोल्डी उन के बच्चों की देखभाल करेगी.

एक दिन गोल्डी जब शौपिंग करने के बाद घर लौट रही थी, उस ने ओक्की को रास्ते में देखा और उसे एक आइडिया आया.

‘यह आइडिया तो अच्छा है. सांप भी मर जाएगा और लाठी भी नहीं टूटेगी,’ सोचते हुए गोल्डफिश ने लाल रंग की कैंडी को अपने मुंह में लिया और ओक्की के सामने से जाने लगी.

‘‘तुम्हें यह लाल बड़ी कैंडी कहां मिली?’’ अपनी जीभ बाहर निकालते हुए ओक्की ने पूछा.

‘‘मैं तुम्हें बताऊंगी. केकड़ों ने मुझे इसे गिफ्ट में दिया है,’’ गोल्डी ने गर्व से कहा.

‘‘गिफ्ट में दिया, लेकिन किस लिए?’’ ओक्की ने पूछा.

‘‘मैं तुम्हें यह नहीं बता सकती. उन के पास ढेरों कैंडियां हैं. मैं ने उन के लिए काम किया और उन्होंने मेरी पसंद की कैंडी मुझे दी,’’ गोल्डफिश ने कहा.

‘‘तुम ने कौन सा काम किया?’’ ओक्की ने हैरानी से पूछा.

‘‘इस के बारे में किसी को मत बताना नहीं तो हमें कोई कैंडी नहीं मिलेगी,’’ गोल्डी ने इधरउधर देखते हुए कहा. ‘‘मैं उन के घरों को तोड़ देती हूं, इसलिए केकड़े मुझ से डरते हैं. वे मुझे कैंडी देते हैं ताकि मैं ऐसा न करूं.’’

यह सुन कर ओक्की का चेहरा चमक उठा और वह केकड़ों के घरों की ओर चल पड़ा. ‘‘अब यह बहुत ही मजेदार होने जा रहा है,’’ खुशी से गोल्डी ने कहा और तैरते हुए ओक्की का पीछा करने लगी.

सभी मम्मी और पापा केकड़े खाने की तलाश में बाहर गए हुए थे और ओक्की को इस के बारे में कुछ पता नहीं था. उस ने उन के घरों को तोड़ना शुरू कर दिया. बच्चे बिलकुल ही घबरा कर अपने घरों से बाहर निकल आए.

‘‘अरे ओक्की, तुम हमारे घरों को क्यों तोड़ रहे हो?’’ बच्चों ने पूछा.

‘‘सब से पहले मुझे कुछ कैंडी दो, नहीं तो इन में से कोई भी घर नहीं बचेगा,’’ ओक्की ने कहा.

जब गोल्डी ने देखा कि बड़े केकड़े घर की ओर आ रहे हैं, उस ने ओक्की को रोकने की कोशिश की.

‘‘ओक्की, उन के घरों को मत तोड़ो. बेचारे केकड़े कहां रहेंगे?’’ गोल्डी ने कहा.

‘‘मेरे सामने मत आओ, नहीं तो अच्छा नहीं होगा,’’ ओक्की गुस्से में था क्योंकि उसे अब तक कैंडी नहीं मिली थी.

लेकिन तब तक बड़े केकड़े वहां पहुंच गए थे. ‘‘क्या बात है गोल्डी? ओक्की के साथ क्या हुआ?’’ केकड़ों ने पूछा.

‘‘वह क्या कहेगी?, मुझे कैंडियां दो नहीं तो मैं घर तोड़ दूंगा.’’ ओक्की ने गुर्राते हुए कहा.

केकड़ों को अब गुस्सा आ गया.

‘‘ठहरो, हम तुम्हें कैंडी का स्वाद चखाते हैं,’’

उन में से एक ने कहा और ओक्की पर हमला बोल दिया. उन्होंने उसे अपने पंजों में पकड़ लिया और उसे नाखूनों से चीरने लगे. ‘‘मुझे छोड़ दो,’’ दर्द से बुरी तरह तड़पता हुआ ओक्की बोला. जब उस ने विनती की तो केकड़ों ने उसे छोड़ दिया. वह वहां से जल्दी से भागा.

‘‘अब मुझे बताओ, कैंडी का स्वाद कैसा था?’’ गोल्डी ने उस से पूछा जब वह रास्ते में मिला.

ओक्की समझ गया कि यह सब गोल्डी का उसे सबक सिखाने का एक तरीका था.

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