गृहशोभा विशेष

चंपकवन के सभी जानवर पीहू कबूतर को उस की दयालुता और शिष्टाचार की वजह से बहुत पसंद करते थे. पीहू नईनई बातें सीखने और रोमांच के लिए उड़ कर दूर तक चली जाती. उसे उड़ते हुए पेड़पौधे, पर्वत, नदीतालाब, खेतखलिहान देखना बहुत अच्छा लगता था. बादलों से ऊपर बाज की तरह उड़ना उस का सपना था.

वन के पास एक गांव के किसान के घर के पास मिट्टू मैना रहती थी, जो पीहू की दोस्त थी. पीहू जब भी मिट्टू से मिलने जाती, तो मीठे फल ले कर जाती.

एक बार मिट्टू पीहू से मिलने आई. वह अपने घर से मक्के और गेहूं के दाने ले कर आई थी. मिट्टू इंसानों की भाषा समझती थी इसलिए उस ने पीहू को इंसानों के बारे में बहुत सारी बातें बताईं. एक दिन जब पीहू मिट्टू के घर पहुंची, तो उस ने किसान के घर के पास सुनहरे पेड़ पर मिट्टू को आराम करते देखा. पीहू मिट्टू के पास बैठ गई और उसे कुछ फल दिए. थोड़ी दूरी पर उस ने गांव के लोगों की भीड़ देखी. वे सभी किसी मुद्दे पर बहस कर रहे थे.

पीहू को भी उन की बातों को समझने की इच्छा हुई. मिट्टू को अपनी दोस्त की आदतों के बारे में पता था. इसलिए पीहू को ले कर उस आम के पेड़ पर चली गई, जिस के नीचे लोगों की मीटिंग हो रही थी. पीहू ने मिट्टू से कहा कि वह लोगों की बातों को पक्षियों की भाषा में अनुवाद कर उसे बताए.

पीहू और मिट्टू आम के पेड़ की एक बड़ी टहनी पर बैठ कर शांति से लोगों की बातें सुनने लगे. पीहू इंसानों की बातें तो नहीं सुन रही थी, लेकिन वह इंसानों के हावभाव को देखते हुए खुश हो रही थी. आखिरकार सभी लोगों ने तालियां बजाईं और वे वहां से

चले गए. अब मिट्टू की बारी थी कि वह इंसानों द्वारा की गई बातों को पीहू को बताए.

‘‘ये गांव वाले विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस मनाने के बारे में बातें कर रहे थे,’’ मिट्टू बोली.

‘‘यह कब है?’’ पीहू ने पूछा. ‘‘पीहू, बीच में मुझे डिस्टर्ब मत करो. मैं सभी बातें भूल जाऊंगी. मैं ने इस के बारे में पहली बार सुना है. विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस प्रत्येक वर्ष 21 अगस्त को मनाया जाता है. इस दिन को मनाने का उद्देश्य वृद्ध लोगों की बातों, समस्याओं को जानने और उन पर ध्यान देने के लिए है. आजकल वृद्ध लोग कई तरह की समस्याओं से गुजरते हैं इसलिए इस तरह के कार्यक्रमों के द्वारा उन की सुरक्षा, देखभाल आदि की व्यवस्था की जाती है.’’

पीहू ने पूछा, ‘‘कुछ लोग मीटिंग खत्म होने के बाद तालियां क्यों बजा रहे थे?’’ ‘‘तुम्हारे देखने की शक्ति सचमुच प्रशंसा के लायक है.’’ मिट्टू ने प्रशंसा करते हुए कहा.

‘‘इस दिन ऐसे वृद्ध लोग भी याद किए जाते हैं या उन की प्रशंसा की जाती है, जिन्होंने समाज के लिए कुछ न कुछ किया हो. इसलिए गांव के मुखिया ने इस दिन कुछ महत्त्वपूर्ण व्यक्तियों को सम्मानित करने की सहमति दी.’’ कह कर मिट्टू रुक गई और लंबी सांसें लेने लगी. ‘‘यह तो सचमुच अच्छी बात है. हमें अपने समाज के वृद्ध लोगों को आदर, सहायता और प्यार देने की कोशिश करनी चाहिए. यह तो अच्छा हुआ कि आज मैं तुम्हारे पास आ गई, नहीं तो मुझे इतनी जानकरी नहीं होती,’’ पीहू बोली.

मिट्टू और पीहू फिर से उड़ कर सुनहरे पेड़ पर आ गईं. दोनों ठंडी हवा का मजा लेने लगे. सामने ड्रैगनफ्लाई और बटरफ्लाई इधरउधर उड़ रही थीं. किसान की बेटी सपना ने मिट्टू को नीचे बुलाया और उसे स्ट्राबेरी दिए. मिट्टू और पीहू ने साथ में स्ट्राबेरी खाए. सपना ने पीहू को भी नमस्ते किया. थोड़ी देर बाद पीहू वापस चंपकवन की ओर उड़ चली. उस के दिमाग में कई तरह के विचार और योजनाएं थीं.

घर पहुंच कर पीहू ने अपने मम्मीपापा को वरिष्ठ नागरिक दिवस के बारे में बताया. साथ ही अपने दोस्तों प्यारी मोर, प्रिंसी तोता, स्वीटी सिसकिन और चिंजू कोयल को भी सारी बातें बताईं. पीहू भी चाहती थी कि चंपकवन में भी पहली बार वरिष्ठ नागरिक दिवस मना कर सभी बूढ़े जानवरों और पक्षियों को हैरान कर दिया जाए. पीहू के मम्मीपापा को भी यह आइडिया बहुत अच्छा

लगा था. पीहू ने इस उत्सव के लिए सभी जानवरों और पक्षियों को बुलाने की जिम्मेदारी ली. इस उत्सव के लिए जलप्रपात के पास स्थित केले के पेड़ों के नीचे उत्सव मनाने की जगह तैयार कर ली गई. प्रिंसी को भी पीहू ने अपनी सहायता के लिए रख लिया. प्यारी मोर और स्वीटी सिसकिन को खानपान और उपहारों की जिम्मेदारी दे दी गई.

आखिरकार वह दिन आ गया. सभी जानवर और पक्षी हैरानी से सोच रहे थे कि उन्हें क्यों बुलाया गया है. सभी पक्षी पेड़ की टहनियों पर बैठे थे, जबकि कुछ जानवर पेड़ों के नीचे और कुछ जलप्रपात के नजदीक के काले पत्थर के ऊपर बैठे थे. वहां छोटेछोटे बंदर और गिलहरियां इधरउधर खेलकूद रहे थे. राजा गबरू सिंह और मंत्री जंबो हाथी के आते ही कार्यक्रम शुरू हो गया. चिंजू कोयल ने मधुर संगीत से सभी का स्वागत किया.

पीहू ने सभी को इस उत्सव का कारण और इस के महत्त्व के बारे में बताया. सभी वरिष्ठ नागरिक दिवस के बारे में सुन कर हैरान थे. जब पीहू ने बताया कि सभी वृद्ध जानवरों और पक्षियों को सम्मानित किया जाएगा, तो सभी ने जोरजोर से तालियां बजाईं. चिंजू कोयल ने सब से अधिक उम्र वाले वृद्ध मोटू बंदर, बिट्टू भालू और चीरू कौए को स्टेज पर बुलाया. पीहू ने चंपकवन के लिए इन के योगदान की चर्चा की. उस ने बताया कि अपने स्वास्थ्य की चिंता न करते हुए इन सभी नेचंपकवन निवासियों की भलाई और विकास के लिए बहुत काम किए.

प्यारी मोर और स्वीटी सिसकिन ने राजा गबरू से निवेदन किया कि स्टेज पर आ कर इन सभी मेहमानों को उपहार दे कर सम्मानित करें. सभी जानवरों ने तालियां बजा कर इन मेहमानों को सम्मान दिया. राजा गबरू ने इतना अच्छा कार्यक्रम आयोजित करने के लिए सभी को धन्यवाद दिया. राजा ने खासतौर से पीहू को इतनी अच्छी योजना बनाने के लिए फूलों का गुलदस्ता दिया. इस के बाद वहां मौजूद सभी जानवरों ने खानपान के मजे लिए और हंसीखुशी बातें करने लगे.

तभी अचानक पीहू को मिट्टू की आवाज सुनाई दी, ‘‘शाबाश पीहू.’’ पीहू और उस के दोस्तों ने मिट्टू को भी अपने इस उत्सव में शामिल कर लिया.

आप इस लेख को सोशल मीडिया पर भी शेयर कर सकते हैं