मिट्टू की मम्मी जब घर आईं, तो बहुत चिंतित थीं. ‘‘मेरा पर्स खो गया,’’ मम्मी बोलीं. ‘‘पर्स में मेरे बैंक कार्ड्स, एटीएम और पासपोर्ट थे. मुझे दुख है कि मैं ने अपनी वजह से सब की ट्रिप की योजना बेकार कर दी.’’

डैडी ने मम्मी को शांत करते हुए कहा, ‘‘आज तुम कहांकहां गईं थीं, तुम्हें याद है?’’ मम्मी ने कुछ सोचते हुए कहा, ‘‘सब से पहले मैं बैंक गई थी. उस के बाद सीता आंटी के घर और अंत में मौल गई थी. लेकिन उस के बाद का मुझे कुछ भी याद नहीं है.’’

उन्होंने आगे कहा, ‘‘टैक्सी का किराया मैं ने अपने हाथ में पकड़े रुपयों में से दिया था.’’ ‘‘सीता आंटी को फोन करो,’’ डैडी ने कहा.

‘‘मैं नहीं कर सकती,’’ मम्मी ने कहा, ‘‘मेरा मोबाइल भी बैग में ही था, जो मौल में ही बंद हो गया था.’’ डैडी ने अपने मोबाइल फोन से सीता आंटी को फोन किया. सीता आंटी ने बताया कि उन के यहां तो पर्स नहीं है.

मम्मी रोने लगीं. ‘‘मुझे बहुत दुख है, मिट्टू,’’ मम्मी ने मिट्टू को गले लगाते हुए कहा. ‘‘हम कल से छुट्टियों पर घूमने नहीं जा सकते. आकस्मिक पासपोर्ट बनने में भी कुछ दिन लग जाएंगे. मैं ने सभी की तैयारी खराब कर दी,’’ मम्मी ने कहा.

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‘‘मम्मी,’’ मिट्टू ने फुसफुसाते हुए कहा. डैडी इस कोशिश में थे कि मम्मी का बैंक एटीएम कार्ड ब्लौक करवा दिया जाए.

‘‘मम्मी, प्लीज,’’ मिट्टू ने थोड़ी तेज आवाज में कहा, ‘‘मैं आप से कुछ कहना चाहता हूं.’’ ‘‘अभी?’’ मम्मी ने हैरानी से पूछा.

‘‘हां,’’ मिट्टू बोला. ‘‘क्या?’’ मम्मी ने पूछा.

‘‘असल में… मैं ने… रेक्स का कौलर निकाल कर छिपा दिया.’’ मिट्टू ने बुदबुदाते हुए कहा. रेक्स मिट्टू का प्यारा कुत्ता था. कुछ दिनों पहले ही रेक्स के कौलर में जीपीएस का एक चिप लगाया गया था.

‘‘क्या तुम सच बोल रहे हो, मिट्टू?’’ डैडी ने बैंक का नंबर डायल करते हुए कहा. ‘‘बैंक में फोन न लगाएं, डैडी. मैं मम्मी का पर्स ढूंढ़ दूंगा,’’ मिट्टू ने विश्वास से कहा. डैडी ने मिट्टू को शक की नजरों से देखते हुए पूछा, ‘‘कैसे?’’

‘‘मैं ने रेक्स का कौलर मम्मी के पर्स में छिपा दिया है,’’ मिट्टू बोला. ‘‘लेकिन क्यों?’’ मम्मी ने पूछा.

‘‘क्योंकि मैं यहां पर रेक्स को छोड़ कर नहीं जाना चाहता था. इसलिए मैं ने रेक्स को अभि के घर में छिपा दिया. मुझे लग रहा था कि आप लोग जीपीएस चिप की मदद से रेक्स को ढूंढ़ लोगे इसलिए मैं ने कौलर को हटा दिया. ‘‘इस के बाद मैं आप से एक छोटा सा मजाक करना चाहता था. रेक्स की जगह आप को ट्रैक करना मुझे मजेदार लगा,’’ मिट्टू ने विस्तार से बताया.

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वह शांति से खड़ा हो गया. वह मम्मीपापा की प्रतिक्रिया देखना चाहता था, जो इस पूरे मामले को समझने की कोशिश कर रहे थे. अचानक मम्मी जोर से हंस पड़ी. उन के चेहरे से सारी चिंता गायब हो चुकी थी. ‘‘तुम ने बिलकुल सही समय पर मजाक किया है, मिट्टू,’’ मम्मी खुशी से बोलीं.

डैडी तुरंत अपने मोबाइल पर जीपीएस ट्रैकर देखने लगे. ‘‘इस में तो मौल के पीछे का लोकेशन दिखा रहा है,’’ पापा बोले. ‘‘वह शायद टेलर की दुकान है. घर आने से पहले मैं वहां भी गई थी,’’ मम्मी बोलीं.

वे तुरंत उस दुकान की ओर चल पड़े. मम्मी ने कहा कि वहां मैं ने एक बैग भी छोड़ा था, जिस के दाहिने हिस्से के नीचे पर्स रखा था. मम्मी बहुत खुश थीं. क्योंकि पर्स मिल गया था. उन्होंने मिट्टू को सीने से लगा लिया.

आखिर में सबकुछ अच्छा हुआ. मिट्टू छुट्टियों में घूमने जा रहा था. अभि की मम्मी मिट्टू के वापस आने तक रेक्स को अपने यहां रखने को तैयार हो गईं. ‘सबकुछ अच्छा हो गया, रेक्स के कौलर को इस के लिए धन्यवाद.’ मिट्टू खुश होते हुए सोच रहा था. उस ने ट्रिप पर जाने की अपनी तैयारी भी कर ली थी.