फैटी भालू बहुत उदास था, क्योंकि वह बहुत मोटा था. वह बहुत खाता भी था और उस का वजन बढ़ता जा रहा था हालांकि वह अपने खाने की आदत को बदलने की कोशिश भी करता था. जिम टीचर सैम ने उसे जिम जौइन करने के लिए कहा?था लेकिन फैटी वहां जाना नहीं चाहता था.

वह सोचता था कि वे जिम में मुझ से कठिन व्यायाम कराएंगे. खाने पर भी पाबंदी होगी. जिम मेरे लिए महंगा भी होगा. एक दिन उसे एक आइडिया आया. उस ने सोचा, ‘मेरे घर के सामने एक पहाड़ है. इस पर हरीहरी घास है, जिस पर लुढ़कने में मुझे मजा आएगा. मैं घास पर लुढ़कने के लिए पहाड़ पर चढूंगा और इस से मेरा वजन कम होगा. लेकिन एक समस्या है. पहाड़ के ढलान पर चढ़ना मुश्किल है.’

फैटी ने अपने दोस्त गपलू हिरण से इस बारे में पूछा. गपलू ने कहा, ‘‘पहाड़ के पीछे से जाओ. उधर से कम ढलान है. तुम वहां से चढ़ सकते हो और घास पर जितनी बार चाहो, तुम उतनी बार लुढ़क सकते हो.’’ फैटी धूप निकलने का इंतजार करने लगा और पहाड़ के पीछे चला गया. इस पर चढ़ने से पहले, उस ने अपने शरीर को देखा और कहा, ‘‘हैलो, मेरे भारी शरीर, अब समय आ गया है कि अपने वजन को बाय, बाय कहूं.’’

उस ने पहाड़ पर चढ़ना शुरू कर दिया और सोचने लगा कि यह तो बहुत कम खड़ी ढाल है. वह बेदम हो गया था. लेकिन फिर भी वह पहाड़ की चोटी पर चढ़ गया. अब वह दूसरी ओर की हरी और ताजी घास देख सकता था. वह अपने सुंदर, मनमोहक घर भी देख सकता था. उस का शरीर उत्साह से कांप रहा था. उस ने घास पर लुढ़कना शुरू कर दिया. वह इतना अधिक उत्साहित था कि वह इस बात को याद नहीं रख सका कि इस ओर की ढाल बहुत ही तेज है.

जैसे ही वह लुढ़का, उस के शरीर ने गति पकड़ ली और वह पहाड़ से नीचे एक बौल की तरह लुढ़कने लगा. उस ने हाथ और पैर के सहारे खुद को रोकने की कोशिश की, लेकिन उस का लुढ़कना नहीं रुका.

आखिरकार वह पहाड़ के तल पर अपने घर के निकट पहुंच गया. घर के पास की घास मुलायम और ताजी थी, इसलिए फैटी को किसी तरह की चोट नहीं लगी. उस के कराहने की आवाज सुन कर उस के मम्मीपापा घर से बाहर आए और उस की हालत देख कर हैरान रह गए.

फैटी के मम्मीपापा ने उस से पूछा, ‘‘तुम्हारे साथ क्या हुआ?’’ हांफते और रोते हुए फैटी ने कहा, ‘‘मैं पहाड़ की चोटी से लुढ़कते हुए नीचे आ गया. ओह, मम्मी, मेरी पीठ पूरी तरह जख्मी हो गई है.’’

फैटी के पापा ने उस से पूछा. ‘‘तुम चोटी पर क्यों गए थे?’’ बेचारा फैटी कोई उत्तर नहीं दे पाया. जिम टीचर उसी रास्ते से आ रहा था. उस ने फैटी के पापा को देखा तो बोला, ‘‘मैं आप को इस बारे में बताऊंगा. फैटी पहाड़ पर अपना वजन कम करने के लिए गया था. लेकिन वह लुढ़कने लगा और यहां आ गया. वह जिम में व्यायाम के बड़ेबड़े सामानों से डरता था. लेकिन उस ने जो कुछ किया है, वह बहुत ही महत्त्वपूर्ण है.’’

बेचारा फैटी दर्द में था और उसे पसीने आ रहे थे. फैटी ने कहा, ‘‘ मैं इस पहाड़ के व्यायाम को बायबाय कह रहा हूं. मैं दो दिनों बाद आप की जिम जौइन कर लूंगा.’’ फैटी जल्दी ही ठीक हो गया और उस ने जिम जौइन कर ली. जिम में आने वाले दूसरे जानवरों ने कहा, ‘‘यहां तुम्हारा बहुतबहुत स्वागत है. लेकिन हमें अपने लुढ़कने के बारे में बताओ. क्या तुम ने पहाड़ पर से लुढ़कने के मजे नहीं लिए?’’

उस के साथसाथ सभी जानवर उस के पहाड़ वाले व्यायाम पर हंस पड़े.