जंबो हाथी को गन्ना बहुत पसंद था. उस ने अपने खेत में मीठे गन्ने लगा रखे थे. वह गन्ने और उस का जूस अपने मेहमान और अपने पड़ोसियों को प्रेम से खिलातापिलाता था.

एक दिन जंबो जब अपने खेत पर पहुंचा, तो यह देख कर हैरान रह गया कि उस के गन्ने नीचे जमीन पर गिरे हुए थे. उस ने आसपास गौर से देखा, लेकिन किसी के आनेजाने के निशान नहीं थे.

दूसरे दिन भी कुछ और गन्ने जमीन पर गिरे हुए थे. हर रात कोई खेत में घुस कर गन्ने तोड़ कर जमीन पर गिराता जा रहा था. जंबो ने अपने खेत के मेन गेट पर ताला लगाना शुरू कर दिया. बाउंड्रीवाल की ऊंचाई इतनी थी कि किसी का अंदर घुसना संभव न था. इस के बावजूद गन्नों का टूटना जारी रहा.

जंबो इस घटना से बहुत परेशान हो गया. उस ने कई रातें जाग कर गुजारीं, पर कोई खेत में घुसते हुए नहीं दिखा. सुबह खेत में गन्ने टूटे हुए बिखरे मिले.

एक दिन जंबो ने इस बात की चर्चा अपने दोस्त जंपी बंदर से की. जंपी बोला, ‘‘यह किसी भूत का काम हो सकता है.’’

‘‘लेकिन कोई भूत गन्ने क्यों तोड़ेगा?’’ जंबो को जंपी की बातों पर विश्वास नहीं हो रहा था.

‘‘यदि गन्ने भूत नहीं तोड़ते, तो क्या हवा तोड़ जाती है?’’ जंपी बोला.

‘‘तुम ने पूरी रात जाग कर रखवाली की. तुम ने किसी को आतेजाते नहीं देखा, लेकिन सुबह गन्ने टूटे मिले.

‘‘इस का साफसाफ मतलब है कि यह काम भूतों का ही है क्योंकि भूतों को तब तक कोई नहीं देख सकता, जब तब वह खुद न चाहे,’’ जंपी ने आगे कहा.

यह सुन कर जंबो बहुत डर गया. अब वह दिन में भी अपने खेत पर जाने से डरने लगा.

एक दिन चीकू खरगोश उस से मिलने आया. जंबो चीकू का स्वागत गन्ने से ही करता था, लेकिन उस दिन ऐसा नहीं हुआ.

चीकू को थोड़ा अजीब लगा, तो उस ने पूछा, ‘‘क्या बात है, जंबो? तुम आज कुछ परेशान दिखाई दे रहे हो? मैं जब भी आता था, तुम गन्ने का जूस जरूर पिलाते थे. आज ऐसा नहीं हुआ. आखिर बात क्या है?’’

‘‘गन्ने की तो बात ही मत करो,’’ जंबो ने दुखी होते हुए कहा.

‘‘क्यों?’’ चीकू ने पूछा, ‘‘गन्ने की खेती कर के तुम तो बहुत खुश थे.’’

‘‘अरे भाई, मैं क्या बताऊं, भूत ने मेरे गन्ने के खेत पर धावा बोल दिया है. हर रात वह आ कर मेरे गन्ने तोड़ कर चला जाता है. मैं ने तो डर से उधर जाना छोड़ दिया है.’’ फिर जंबो ने सारी बातें विस्तार से बता दी.

‘‘जंबो भाई, तुम इतने सम?ादार हो कर भी ऐसी बातें करते हो? कोई भूत नहीं होता है. यह सिर्फ हमारे दिमाग और कहानियों में होता है,’’ चीकू ने बताने की कोशिश की.

‘‘यदि कोई भूत नहीं होता है, तो फिर मेरे गन्ने को कौन तोड़ कर चला जाता है?’’ जंबो ने पूछा.

जब चीकू ने पूरी बात सुनी, तो वह गंभीर हो गया. वह भूतों पर विश्वास नहीं करता था. ‘लेकिन वह कौन है जो बिना दिखे यह काम करता है?’

चीकू ने सोचा. कुछ देर सोचने के बाद चीकू ने कहा, ‘‘मैं आज रात तुम्हारे खेत में गुजारने जा रहा हूं और यह देखने का प्रयास करूंगा कि गन्ने कौन तोड़ रहा है.’’

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‘‘नहींनहीं, मैं तुम्हारी जिंदगी खतरे में नहीं डाल सकता,’’ डरे हुए जंबो ने कहा.

चीकू ने जंबो को राजी कर लिया और रात में वह खेत में ही एक पेड़ के पीछे छिप गया.

आधी रात को चीकू ने अस्पष्ट सी कोई आवाज सुनी. पर कोई दिखा नहीं. तभी एक गन्ना नीचे गिर गया. थोड़ी देर बाद दूसरा भी गिरा.

अब चीकू को भी डर लगने लगा था. वह यह तो जानता था कि यह कोई भूत नहीं था, लेकिन कुछ तो जरूर था.

वह धीरेधीरे आवाज की दिशा में बढ़ा. वह जब उस जगह पर पहुंचा, तो उसे कुछ कुतरने जैसी आवाज सुनाई दी. तभी उस ने देखा कि मीकू चूहा गन्ने की जड़ को कुतर रहा है.

‘‘तो तुम हो, गन्ने वाला भूत?’’ चीकू ने गुस्से में कहा.

मीकू ने जब चीकू की आवाज सुनी, तो वह भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन चीकू ने उछल कर उसे पकड़ लिया. चीकू चिल्लाया, ‘‘जल्दी से बता दो कि तुम जंबो के गन्नों को तोड़ कर क्यों गिरा रहे थे?’’

‘‘मैं बताता हूं, पहले मु?ो छोड़ दो,’’ मीकू ने हांफते हुए कहा.

‘‘तुम बहुत चालाक हो. यदि मैं तुम्हें छोड़ दूंगा तो तुम भाग जाओगे,’’ चीकू ने उसे ढीला करते हुए कहा, ‘‘आओ, अब जल्दी से बता दो.’’

‘‘मैं यहां अपने परिवार के साथ खुशीखुशी रहता था. एक दिन जंबो ने अपने भारीभरकम पैरों से मेरे घर तोड़ दिए. मैं इसी बात का बदला लेने के लिए उस के गन्ने को काटकाट कर गिराने लगा,’’ मीकू ने लंबी सांस लेते हुए कहा.

‘‘मैं ने तुम्हारा घर कब तोड़ दिया?’’ जंबो ने वहां आते हुए पूछा.

‘‘उस दिन तुम यहां गन्ने लेने आए थे, ताकि अपने मेहमानों को गन्ने का जूस पिला सको.’’ मीकू बहुत डरा हुआ था. उसे लग रहा था कि अब जंबो उस की हड्डीपसली तोड़ देगा.

लेकिन गुस्सा होने के बजाय जंबो ने दुखी होते हुए कहा, ‘‘मेरे दोस्त, गलती से तुम्हारा घर मु?ा से टूट गया. मैं इस के लिए तुम से माफी मांगता हूं.’’

‘‘तुम ने मु?ो दोस्त कहा,’’ मीकू हैरानी से बोला. वह इस बात पर विश्वास नहीं कर पा रहा था कि इतना बड़ा हाथी उसे सजा देने की जगह उस से माफी मांग रहा है.

‘‘हां, हम सभी दोस्त हैं. हमें आपस में मिलजुल कर प्यार से रहना चाहिए, एकदूसरे से बदला लेने की भावना से नहीं,’’ जंबो बोला.

कुछ देर सोचने के बाद उस ने कहा, ‘‘मैं अपने लंबे और मजबूत दांतों से मिट्टी में एक छेद बना दूंगा. तुम यहां घर बना कर फिर से खुशीखुशी रह सकते हो.’’

‘‘धन्यवाद जंबो, लेकिन हम ने पहले ही एक नया घर बना लिया है,’’ मीकू ने कहा.

‘‘यह अच्छा किया तुम ने,’’ जंबो बोला.

‘‘लेकिन मैं ने जो किया, वह ठीक नहीं था. मु?ो इस की सजा मिलनी चाहिए,’’ मीकू ने कहा. जंबो की उदारता देख कर वह अपने काम से बहुत दुखी था.

‘‘हां, तुम्हें तो सजा मिलनी ही चाहिए,’’ जंबो ने कुछ देर तक अपनी आंखें बंद कीं और फिर बोला, ‘‘तुम्हारी सजा यह है कि तुम यहां लगे सभी पेड़पौधों को चख कर यह बताओ कि सब से मीठा कौन है.’’

आगे उस ने जोड़ा, ‘‘चीकू ने गन्ने वाले भूत को पकड़ा है. मैं उसे मीठा जूस पिलाना चाहता हूं.’’?

यह सुन कर मीकू चला गया. थोड़ी देर बाद उस की आवाज आई, ‘‘जंबो भाई, यह पौधा सब से मीठा है.’’

जंबो ने तुरंत जा कर उस का रस निकाला और दोनों दोस्तों को पीने के लिए दिया. सभी बहुत खुश थे.