फिफि गौरैया एक आम के पेड़ पर रहती थी. उस का घोंसला बहुत सुंदर और बड़ा था. उस ने कई महीनों में यह घोंसला तैयार किया था. अपने घर को उस ने नीले रंग से रंगा था और बाहर पत्तियों से खूबसूरती से सजाया था. एक दिन घर का काम खत्म करने के बाद किसी ने बाहर से आवाज दी, ‘‘क्या मैं अंदर आ सकती हूं?’’

वह अपने खिड़की के पास गई तो बाहर एक मादा कौए को खड़ा देखा. ‘‘हैलो, मैं तुम्हारी क्या सहायता कर सकती हूं?’’ उस ने बाहर जा कर पूछा.

‘‘मेरा नाम कोको है. मैं बहुत दूर से आई हूं और मुझे सहायता चाहिए,’’ वह बोली. ‘‘किस तरह की सहायता?’’ फिफि ने पूछा.

‘‘मैं यहां एक सप्ताह रुकना चाहती हूं. लेकिन रहने के लिए मेरे पास घर नहीं है. क्या तुम कोई ऐसी जगह बताओगी, जहां मैं रह सकूं?’’ कोको ने पूछा. फिफि ने कुछ देर तक सोचने के बाद कहा, ‘‘कोको, यदि तुम चाहो तो एक सप्ताह मेरे घर में रुक सकती हो.’’

कोको ने मुसकराते हुए कहा, ‘‘यह तो तुम्हारी महानता होगी, फिफि, बहुतबहुत धन्यवाद.’’ वह उस के घर में घुसते हुए बोली, ‘‘फिफि, तुम्हारा घर तो बहुत सुंदर है. मुझे यहां रहने में बहुत अच्छा लगेगा.’’

एक दिन फिफि को बहुत जरूरी काम आ गया. वह कुछ दिनों के लिए घर से बाहर चली गई. जाने से पहले फिफि ने कोको से कहा, ‘‘मैं कुछ दिनों के लिए अपने संबंधियों से मिलने जा रही हूं. कृपया मेरे घर का ठीक से ध्यान रखना.’’

‘‘चिंता मत करो, फिफि. मैं अपने घर की तरह इस घर का ध्यान रखूंगी,’’ कोको बोली. दो दिनों के बाद जब फिफि वापस लौटी, तो वह अपने घर की हालत देख कर हैरान रह गई.

उस के सारे कपड़े पेड़ के नीचे फेंके हुए थे. उस के नीले घर को पीले रंग से रंग दिया गया था. फिफि को गुस्सा आ गया. उस ने तेजी से जा कर दरवाजा खटखटाया. कोको बाहर निकली तो उस के साथ एक और कौआ था.

‘‘कोको, तुम ने मेरे कपड़े नीचे क्यों फेंक दिए? और मेरे घर का रंग क्यों बदल दिया?’’ फिफि ने पूछा. ‘‘फिफि, यह घर तो मेरा है. मैं यहां अपने पति के साथ रहती हूं और मुझे नीला रंग पसंद नहीं है इसलिए मैं ने इसे पीले रंग में रंग दिया. तुम रहने के लिए कोई और जगह ढूंढ़ लो.’’

‘‘कोको, तुम मेरे घर को अपना घर कैसे कह सकती हो? मैं ने तो सिर्फ कुछ हफ्ते रहने के लिए कहा?था. जल्दी से मेरा घर खाली कर दो,’’ फिफि ने गुस्से में कहा.

कोको का पति भी बाहर आ गया. दोनों ने फिफि से कहा, ‘‘तुम शांति से यहां से चली जाओ. तुम्हारे पास ऐसा कोई सबूत नहीं है कि यह घर तुम्हारा है. तुम साबित नहीं कर सकती. अब हम यहां रह रहे हैं इसलिए यह घर हमरा है.’’ यह कह कर दोनों ने घर का दरवाजा बंद कर लिया. कोको और उस का पति फिफि से अधिक मजबूत थे. फिफि ने पेड़ के नीचे से अपना सामान समेटा और पास के ही एक पेड़ पर बैठ कर रोने लगी.

रात हो गई. ओली उल्लू उड़ कर आया और उसी पेड़ पर आ कर बैठा, जिस पर फिफि बैठी थी. फिफि को रोते देख वह उड़ कर उस के पास पहुंचा. ‘‘फिफि, तुम इस समय यहां क्या कर रही हो? और तुम्हारी खूबसूरत आंखों में आंसू क्यों हैं.’’ ओली ने प्यार से पूछा.

फिफि ने सुबकते हुए सारी कहानी सुना दी. ‘‘फिफि, यह तो चोरी है. तुम्हें पुलिस से शिकायत करनी चाहिए,’’ ओली बोला.

‘‘ओली, मेरे पास तो घर का कोई कागज नहीं है. मैं कैसे साबित करूंगी कि यह घर मेरा है.’’ ओली ने कुछ सोचते हुए कहा, ‘‘हां, तुम ने गलती तो की है. यदि तुम्हारे पास घर के कागजात होते, तो कोको इस तरह कब्जा नहीं कर पाती.’’

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‘‘मैं मानती हूं कि मेरी गलती है. पर अब मैं कोको और उस के पति को घर से कैसे निकालूं? दोनों मुझ से ज्यादा बलवान हैं. मैं ने अपने घर को बनाने में बहुत मेहनत की थी,’’ रोते हुए फिफि बोली. ‘‘चिंता मत करो, जब तक तुम्हारा घर तुम्हें नहीं मिल जाता, मेरे साथ आ कर रहो. मैं इस बारे में सोचता हूं,’’ ओली ने कहा.

कुछ दिनों बाद सुबहसुबह एक इंस्पैक्टर कोको के घर में पहुंचा. इंस्पैक्टर को देख कर कोको डर गई. ‘‘मैं तुम्हारे घर की जांच करने आया हूं.’’ कह कर इंस्पैक्टर ने सर्चवारंट दिखाया.

‘‘लेकिन क्यों?’’ कोको ने डरते हुए पूछा. ‘‘कुछ दिनों पहले एक ज्वैलरी स्टोर में चोरी हुई थी. मुझे पता चला है कि चोरी हुई ज्वैलरी तुम ने अपने घर में छिपा रखी है.’’

इंस्पैक्टर ने सर्च करना शुरू किया, तो घर के पीछे कुछ ज्वैलरी मिल गई. इंस्पैक्टर बोला, ‘‘कोको, चोरी वाला सामान तुम्हारे घर से बरामद हुआ है. मैं तुम्हें और तुम्हारे पति को गिरफ्तार करता हूं.’’

‘‘मैं ने कुछ नहीं चुराया? कोई गलती हुई है, इंस्पैक्टर साहब.’’ कोको ने गिड़गिड़ाते हुए कहा. ‘‘सभी चोर ऐसा ही कहते हैं. यदि तुम ने चोरी

नहीं की, तो ये तुम्हारे घर से कैसे मिली?’’ इंस्पैक्टर ने पूछा. ‘‘विश्वास करें. मुझे बिलकुल पता नहीं कि ज्वैलरी घर में कैसे आ गई. वैसे यह घर तो फिफि का है. फिफि ने ही यहां छिपाया होगा. आप उसे गिरफ्तार करें.’’

‘‘यदि यह घर फिफि का है तो तुम दोनों यहां क्या कर रहे हो?’’ इंस्पैक्टर ने पूछा. ‘‘हम तो उस के मेहमान हैं. हम एक हफ्ते के लिए यहां आए थे और फिफि ने ही हमें यहां रुकने के लिए कहा था. आप उस से पूछ कर देखिए,’’ कोको ने रोते हुए कहा. इंस्पैक्टर मुसकराने लगा.

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इंस्पैक्टर ने सीटी बजाई तो ओली और फिफि वहां आ गए. ‘‘कोको, मैं तुम से सचाई जानना चाहता था. वन में कोई चोरी नहीं हुई है. सिर्फ तुम से स्वीकार करवाना चाहता था कि यह घर तुम्हारा नहीं फिफि का है.’’ कह कर इंस्पैक्टर ने छिपाए हुए टेपरिकार्डर को निकाल लिया.

‘‘यदि कोई चोरी नहीं हुई है, तो फिर आप को ज्वैलरी कैसे मिली?’’ कोको ने पूछा. ‘‘कल ओली पुलिस स्टेशन आया था. उस ने पूरी बात बताई थी और सहायता के लिए कहा था. फिर हम ने चोरी की झूठी कहानी बनाई. हमें पता था कि तुम आसानी से घर नहीं छोड़ोगी. ओली ने छिप कर नकली ज्वैलरी इस घर में छिपा दिए, जो आज मैं ने निकाला,’’ इंस्पैक्टर बोला.

इंस्पैक्टर दोनों कौए को घर हथियाने के जुर्म में गिरफ्तार करना चाहता?था लेकिन फिफि ने रोकते हुए कहा, ‘‘ यह ?कोको की पहली गलती है, इसलिए इसे माफ कर दें.’’ कोको ने सभी से माफी मांगते हुए कहा, ‘‘फिफि

का बड़ा और सुंदर घर देख कर मुझे लालच आ गया. जब वह 2 दिनों के लिए चली गई, तो हम ने घर पर कब्जा करने का सोच लिया. उस ने बताया था कि उस के पास घर के कागज नहीं हैं इसलिए यह काम और आसान हो गया. ‘‘मैं ने घर का रंग भी बदल दिया और उस का सारा सामान बाहर फेंक दिया. इस योजना में मेरे पति ने?भी मेरी सहायता की.’’

इंस्पैक्टर ने कोको और उस के पति को चेतावनी दे कर छोड़ दिया. साथ ही फिफि से भी सावधान रहने और घर के बाहर अपना नेमप्लेट लगाने के लिए कहा, ताकि कोई उस के साथ इस तरह की ठगी न कर सके.