राहुल और सुरेश जुड़वां भाई थे. लेकिन दोनों का स्वभाव अलगअलग था. सुरेश बहुत तेज, बुद्धिमान था. राहुल उस से जलता था क्योंकि सभी का ध्यान सुरेश पर ही रहता था. दोनों के 7वें जन्मदिन के ठीक एक दिन पहले राहुल की नजर अलमारी पर रखे एक गिफ्ट पर पड़ी. उस ने जल्दी से गिफ्ट निकाल लिया. उस में एक सुंदर, चमकदार खिलौना प्लेन था. राहुल बहुत खुश हुआ.

राहुल एक पायलट बनना चाहता था इसलिए यह गिफ्ट उस के लिए बहुत ही अच्छा था. ‘‘सू…उ…उ…श्…’’ चिल्लाते हुए उस ने प्लेन को चारों ओर घुमाना शुरू किया और सोचने लगा कि वह एक पायलट है और बादलों के बीच से हो कर प्लेन उड़ा रहा है. ‘‘अब हम अपने गंतव्य स्थान दिल्ली पहुंच रहे हैं.’’ राहुल मीठी आवाज में पायलट की तरह बोला.

अचानक वह रुक गया. उस का दिमाग तेजी से सोचने लगा. ‘आखिर यह गिफ्ट

मेरी अलमारी के ऊपर क्यों रखा गया था? और यह किस के लिए है?’ राहुल परेशान था.

तभी उस के मन में सुरेश का नाम आया. राहुल को लगता था कि उस के पापा सुरेश का ज्यादा पक्ष लेते हैं. ‘पापा मुझे हमेशा डांटते रहते हैं और सुरेश की प्रशंसा करते रहते हैं. यह जरूर सुरेश के लिए होगा.’ राहुल सोचते हुए ईर्ष्या से भर गया.

वह इतना ज्यादा परेशान हो गया कि उस ने खूबसूरत प्लेन के टुकड़ेटुकड़े कर दिए. उस के बाद उस ने इसे फिर से पहले की तरह पैक कर वहीं पर रख दिया, जहां से उसे यह मिला था. अगले दिन दोनों जुड़वां भाइयों ने जल्दी से ब्रश किया और

मुंहहाथ धो कर नए कपड़े पहने. आज उन दोनों का जन्मदिन था. वे ब्रेकफास्ट करने के लिए टेबल पर आए. उन के मम्मीपापा एक ही जैसे बंधे हुए गिफ्ट ले कर उन का इंतजार कर रहे थे.

राहुल और सुरेश ने मुसकराते हुए अपने मम्मीपापा को धन्यवाद कहा. वे गिफ्ट को खोलने के लिए अपनेअपने कमरे की ओर तेजी से भागे. राहुल ने सब से पहले अपना गिफ्ट खोला. उस ने जब अपने खुले गिफ्ट को देखा तो उस की आंखों में आंसू आ गए. वह सिसकने लगा.

‘‘क्या हुआ, राहुल?’’ सुरेश ने पूछा,’’ क्या तुम अपने गिफ्ट से खुश नहीं हो?’’ राहुल की आंखों से अब आंसू बहने लगे थे. सुरेश ने राहुल के बौक्स को देखा. उस में खिलौना प्लेन टूटा पड़ा था.

राहुल ने सोचा कि वह अपने भाई सुरेश को बता देगा कि एक दिन पहले क्या हुआ था. ‘‘मुझे अपनी ईर्ष्या को स्वयं पर हावी नहीं होने देना चाहिए था. अब मुझे इस का मूल्य चुकाना पड़ रहा है,’’ राहुल ने कहा. सुरेश नहीं चाहता था कि उस का भाई राहुल उदास रहे. उस ने कहा, ‘‘रोओ मत. मैं अपने उपहार को तुम्हारे साथ शेयर करूंगा. मेरा बर्थडे गिफ्ट तुम्हारे लिए है.’’ यह सुन कर राहुल बहुत खुश हुआ और दोनों नए खिलौने के साथ कमरे में खेलने लगे.

इस घटना से राहुल में बहुत बदलाव आ गया और इस के बाद वह अपने भाई का अच्छा दोस्त बन गया. मम्मीपापा भी राहुल में आए इस बदलाव से बड़े खुश हुए.