‘‘बचाओ, बचाओ,’’ मंगोला गांव अचानक एक चीख से गूंज उठा. सूरज पहले ही डूब चुका था और गांव के लोग अपने दिन भर के काम के बाद अपने घरों को लौट रहे थे.

‘‘ऐसा लगता है, चीख मंगोला नदी के किनारे से आ रही है,’’ रामू चाचा ने कहा. गांव वाले नदी के किनारे भागे.

वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि एक अजनबी किसी लड़के को नदी से बचा कर निकाल रहा था. वह नदी की तेज धारा में बहादुरी से लड़के को ले कर पार कर रहा था. वह किनारे पर पहुंचा और कुछ सैकंड के लिए जोर से सांस खींचते हुए लेट गया.

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‘‘यह गोलू है, चंदन का पोता,’’ छोटे लड़के को देखते हुए रामू चाचा ने कहा.

अजनबी ने अपने बारे में बताया कि वह अर्जुन है, पास के शहर में रहता है. वह गांव में आम की खेती के सर्वे का काम पूरा कर अपने घर लौट रहा था. तभी उस ने गोलू को नदी में डूबते हुए देखा.

गोलू की सांसें धीमी पड़ती देख गांव वाले घबरा गए और रोने लगे. अर्जुन ने उन्हें शांत होने को कहा और गोलू को फिर से ठीक से देखने को कहा.

अर्जुन ने गोलू के सिर को किनारे की तरफ उलटा किया ताकि उस के नाक और मुंह से पानी निकल जाए. उस के बाद उस ने गोलू के मुंह में मुंह डाल  कर जोरजोर से सांसें खींचने और देने लगा. ऐसा उस ने तब तक किया जब तक कि गोलू ने अपने अंदर के पानी को उगल न दिया और उस में सांस चलने के संकेत मिल न गए. गोलू ने अपनी आंखें खोलीं और अपने चारों ओर देखा.

गांव वालों की खुशी का ठिकाना न रहा. रामू चाचा ने अर्जुन को गले से लगा लिया और समय पर किए गए उस के काम के लिए धन्यवाद दिया.

तभी वहां पर बड़ी भीड़ इकट्ठी हो गई. चंदन ने गोलू को गले से लगा लिया. उन की आंखों में आंसू आ गए. सभी अर्जुन को धन्यवाद दे रहे थे.

अब तक अंधेरा हो गया था. वे सभी गांव के बाजार की ओर चल दिए. रामू चाचा ने अर्जुन को माला पहनाई और उसे एक टोकरी आम भर कर दिया.

गोलू ने अर्जुन के गाल को चूमा और उस के गले लग गया. गांव वालों के प्यार को देख कर अर्जुन की आंखों में आंसू भर आए.

रामू चाचा ने अचानक अपना हाथ भीड़ की ओर लहरा कर कहा, ‘‘अर्जुन जादूगर है. उस ने कुछ जादू किया और गोलू को जिंदा बचा लिया.’’

अर्जुन ने एक मुसकान के साथ कहा, ‘‘मैं कोई जादूगर नहीं हूं. मैं ने गोलू की जान बचाने के लिए कोई चमत्कार का काम नहीं किया. मैं ने गोलू को सिर्फ प्राथमिक उपचार दिया.’’

‘‘प्राथमिक उपचार क्या होता है?’’ गांव वालों ने एक साथ पूछा.

‘‘प्राथमिक उपचार एक तरह की सहायता है जिसे किसी को भी दी जा सकती है. जैसे अचानक कोई घायल हो जाए या बीमार पड़ जाए. ताकि उस के जीवन की रक्षा की जा सके या उस की हालत को अधिक खराब होने से रोका जा सके. यह मेरे प्राथमिक उपचार करने की जानकारी का परिणाम था कि गोलू की जिंदगी बच गई.’’ अर्जुन ने विस्तार से बताया.

अर्जुन आगे बोला, ‘‘गोलू के फेफड़े में ज्यादा पानी चला गया था. वह सांस नहीं ले पा रहा था. सब से महत्त्वपूर्ण काम था गोलू के फेफड़े से पानी को बाहर तुरंत निकालना और उस के बाद सांस ठीक से लेने के लिए उस की सहायता करना. मैं ने वही किया जिसे डूबने के मामले में किया जाना चाहिए. इसी तरह प्राथमिक उपचार के कई प्रकार हैं, जैसे सांप के काटने के, खेल में घायल होने के, काम करने के स्थान पर घायल होने के प्राथमिक उपचार अलगअलग हैं.’’ अर्जुन ने विस्तार से बताया.

सभी ने तालियां बजाईं और उसे सराहा. रामू चाचा ने अर्जुन से कहा कि प्राथमिक उपचार के बारे में और भी कुछ बताए.

नई बातों को सीखने की गांव वालों की उत्सुकता को देख कर अर्जुन को खुशी हुई. एक पल के लिए उस ने कुछ सोचा फिर कहा, ‘‘सितंबर के दूसरे शनिवार को हर वर्ष विश्व प्राथमिक दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस की शुरुआत सन् 2000 में इंटरनैशनल फेडरेशन औफ रैड क्रौस ऐंड रैड क्रीसैंट सोसाइटीज (आइएफआरसी) के द्वारा की गई थी. हर वर्ष 100 से भी अधिक रैड क्रौस और रैड क्रीसैंट सोसाइटीज पूरे विश्व में इवैंट और समारोहों का आयोजन सितंबर के दूसरे शनिवार को करते हैं, ताकि लोगों में यह जागरुकता लाई जा सके कि प्राथमिक उपचार से किस तरह हर दिन और संकट के हालात में जिंदगियों को बचाया जा सकता है.’’

अर्जुन ने प्राथमिक उपचार के बारे में जानने की गांव वालों की रुचि और उन की पहल की सराहना की और कहा, ‘‘अब हम क्यों न मंगोला गांव में विश्व प्राथमिक उपचार दिवस पहली बार मनाएं. मैं प्राथमिक उपचार के अलगअलग प्रकारों के बारे में सब से अच्छे जानकार लोगों की एक टीम को ले कर आऊंगा और आप सभी को इस की ट्रेनिंग दूंगा. हम लोग आप सभी को आवश्यक औजार और सामग्री भी उपलब्ध कराएंगे.’’

गांव वाले आपस में विचार करने लगे कि कैसे अर्जुन का स्वागत उस की टीम के सदस्यों के साथ विश्व प्राथमिक उपचार दिवस के दिन करेंगे.

मंगोला गांव के लोगों ने अर्जुन को गुडबाय कहा और उस के अगली बार फिर आने के लिए बेचैनी के साथ इंतजार करने लगे ताकि वे प्राथमिक उपचार के बारे में उस की टीम के सदस्यों से कुछ सीख सकें.