गृहशोभा विशेष

चिंकू मेमना पढ़ाई में कमजोर था. उस की मम्मी ने उस के लिए एक ट्यूटर लंफू हिप्पो को लगा दिया था ताकि स्कूल से आने के बाद उस की पढ़ाई में मदद हो सके. लेकिन चिंकू को ट्यूशन में जाने की इच्छा नहीं थी. जबकि मम्मी उसे लंफू के पास जाने के लिए कह रही थी.

उस दिन वह गिड़गिड़ाते हुए बोला, ‘‘मम्मी, कृपया मुझे लंफू के घर मत भेजो. वे मुझे मारते हैं.’’ ‘‘चिंकू, कहानियां मत बनाओ. अगर तुम नहीं पढ़ोगे, तो लंफू को तुम्हारे साथ कड़ाई करनी होगी. अब तुम जाओ.’’ मम्मी ने खुले दरवाजे की ओर इशारा करते हुए उसे डांटा.

चिंकू उन की डांट से डर गया. उस ने जल्दी से अपनी किताबें उठाईं और लंफू के घर की ओर चल पड़ा. चिंकू एक घंटे के बाद वापस आया. रोने के कारण उस की आंखें सूजी हुईं थीं और वह बहुत उदास दिख रहा था.

‘‘चिंकू, तुम ऐसा बहाना क्यों बना रहे हो कि लंफू ने तुम्हारे साथ बुरा व्यवहार किया है?’’ मम्मी ने पूछा. ‘‘लेकिन मम्मी, मुझ पर विश्वास कीजिए. लंफू मुझे खूब पीटते हैं. मैं उन के पास दोबारा नहीं जाना चाहता हूं. कृपया मेरे लिए कोई और टीचर ढूंढ़ दीजिए,’’ गिड़गिड़ा कर चिंकू ने कहा.

‘‘लंफू स्मार्ट है और पूरे वन में उसे सब जानते हैं. चिंकू, जब तक तुम अपनी पढ़ाई में कमजोर रहोगे, तुम्हें उन के पास पढ़ने जाना होगा,’’ मम्मी ने उसे चेतावनी दी. चिंकू खुद को असहाय महसूस कर रहा?था, क्योंकि मम्मी ने उस पर विश्वास नहीं किया था. नन्हा मेमना बेचारा एक कोने में खड़ा हो कर सुबकता रहा.

अगले दिन चिंकू टैलीविजन देख रहा था, उस की मम्मी अंदर आईं और उस से रिमोट छीन लिया. उस के बाद वह उसे क्लास के लिए तैयार करने लगीं. इस दौरन चिंकू गिड़गिड़ाता रहा. बोला, ‘‘कृपया मुझे लंफू के पास मत भेजो. कल की पिटाई के कारण मेरी पीठ में भी दर्द हो रहा है.’’ उस ने मम्मी को जोर से पकड़ लिया. मम्मी ने खुद को उस से छुड़ाया. ‘‘अब जाओ यहां से, नहीं तो मैं तुम्हें वहां छोड़ आऊंगी,’’ वह गुस्से से बोलीं.

आंखों में आंसू लिए चिंकू लंफू के घर की ओर चल पड़ा, लेकिन चलना उसे बहुत कठिन लग रहा था. वह एक पेड़ की छाया में रुक गया. तभी एक कार उस के पास आ कर रुकी. दरवाजा खुला और उस से एक हिरण बाहर निकला. वह सुंदर कपड़ों में था.

‘‘बेटे, तुम यहां अकेले क्यों खड़े हो?’’ हिरण ने अपने चश्मे को उतारते हुए पूछा. तभी चिंकू को लगा कि वह हिरण को जानता है. उस ने जल्दी से अपने आंसू पोछे.

‘‘अंकल बिट्टू,’’ चिंकू चीख पड़ा. हैरान बिट्टू हिरण ने पूछा, ‘‘तुम मुझे कैसे

जानते हो?’’ ‘‘आप जंगल न्यूज चैनल में सीनियर रिपार्टर हैं, है न? मैं आप को अकसर टैलीविजन पर देखता हूं,’’ चिंकू ने कहा.

‘‘हां, यह सही है,’’ अंकल बिट्टू ने कहा. वह उदास दिख रहे थे. ‘‘लेकिन अब मैं अपनी नौकरी से निकाल दिया गया हूं.’’ ‘‘क्यों? आप तो एक अच्छे रिपोर्टर हैं,’’ चिंकू ने कहा.

‘‘मेरा बौस मुझ से मजेदार और हैरान करने वाली स्टोरी लाने को कहता है,’’ अंकल बिट्टू ने कहा. ‘‘ओह,’’ चिंकू ने कहा.

‘‘लेकिन, मुझे बताओ नन्हे मेमने, तुम क्यों रो रहे थे?’’ अंकल बिट्टू ने उसे देखते हुए कहा. ‘‘लंफू, जो मेरे ट्यूशन टीचर हैं, मुझे बहुत मारते हैं. मैं ने इस बारे में अपनी मम्मी को बताया है, लेकिन वे मुझ पर विश्वास नहीं करतीं. इतना ही नहीं, वे मुझे डांटती हैं और उन के पास भेज देती हैं. मुझे डर लग रहा है कि लंफू मुझे फिर मारेंगे,’’ सुबकते हुए चिंकू ने कहा.

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‘‘कोई बात नहीं बेटे, मत रोओ. मैं तुम्हारे साथ लंफू के घर तक चलूंगा,’’ अंकल बिट्टू ने कहा. ‘‘अंकल बिट्टू, वह मुझे आप के सामने नहीं मारेंगे. लेकिन जब आप चले जाएंगे, तो वह पिटाई करेंगे,’’ चिंकू ने कहा.

‘‘तब मैं छिप जाऊंगा और उसे रंगे हाथों पकड़ लूंगा,’’ अंकल बिट्टू ने कहा. ‘‘लेकिन मैं तो मार खाता रहूंगा,’’ डर से कांपते हुए चिंकू ने कहा.

‘‘नहीं, जैसे ही वह पीटना शुरू करेगा, मैं आ जाऊंगा और उसे रोक दूंगा,’’ अंकल बिट्टू ने कहा. ‘‘ठीक है,’’ चिंकू ने कहा, ‘‘लेकिन आप उन्हें जल्दी से रोक देना.’’

‘‘अब जाओ,’’ अंकल बिट्टू ने कहा, ‘‘मैं तुम्हारे पीछे हूं.’’ इस के बाद चिंकू लंफू के घर की ओर चल पड़ा. जैसे ही वे लंफू के घर पहुंचे, अंकल बिट्टू दरवाजे के पीछे छिप गए. उन्होंने अपना वीडियो कैमरा निकाला और वहां जो कुछ हो रहा था, रिकार्ड करने लगे.

अचानक एक तेज आवाज गूंजी. ‘‘तुम लेट क्यों हुए?’’ लंफू चीखा. चिंकू कांपने लगा और बहुत ही कमजोर आवाज में बोला, ‘‘मैं रास्ते में अपने अंकल से बात करने लगा था.’’ ‘‘तुम अपने अंकल से बात कर रहे थे, है न?’’ लंफू ने उस का मजाक उड़ाया, ‘‘मेरा समय बरबाद मत करो. मुझे अपना होमवर्क दिखाओ.’’

चिंकू ने अपनी कौपी टीचर को दे दी. ‘‘कितनी खराब राइटिंग है. तुम साफसाफ लिखना क्यों नहीं सीखते?’’ लंफू फिर चिल्लाया. अंकल बिट्टू ने रूलर से मारने की आवाज सुनी. साथ ही सुबकने की भी. चिंकू रोते हुए चिल्ला रहा था, ‘‘कृपया, मुझे मत मारिए, मैं अगली बार से साफसाफ लिखने का वादा करता हूं.’’

लेकिन लंफू दया दिखाने के मूड में नहीं था. उस ने चिंकू के कान खींचने शुरू कर दिए. बेचारा चिंकू चीखने लगा, ‘‘कृपया मुझे बचाओ.’’ इस बीच अंकल बिट्टू वीडियो रिकार्ड कर रहे थे. जैसे ही उन्होंने देखा कि लंफू रुक नहीं रहा है. वह जल्दी से दौड़ कर अंदर गए.

‘‘रुको,’’ गुस्से में अंकल बिट्टू चीख पड़े. हैरान लंफू रुका. चिंकू अंकल बिट्टू की ओर भागा और उन्हें जोर से पकड़ लिया. लंफू ने खुद को संभाला और कहा, ‘‘वह अपना होमवर्क कभी भी पूरा नहीं करता है. इसलिए मैं उसे डराने की कोशिश करता हूं. उस की मम्मी मुझ से कहती हैं कि मैं उस के साथ सख्ती बरतूं.’’

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‘‘तुम इस व्यवहार से एक बच्चे को नुकसान पहुंचा रहे हो,’’ अंकल बिट्टू ने सख्ती से कहा. लंफू एक भी शब्द नहीं बोल पाया. अंकल बिट्टू चिंकू को साथ ले कर बाहर आ गए. बोले, ‘‘आओ, चिंकू, उस ने जो किया है उस की सजा उसे जरूर मिलेगी.’’

जल्दी ही वन के सभी टैलीविजन चैनलों पर एक नई स्टोरी दिखाई जाने लगी, ‘शिक्षक ने एक नन्हे छात्र की पिटाई की.’ चिंकू की मम्मी जो लंफू को चिंकू के साथ बुरा व्यवहार करते देख रही थी, उन्हें अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हो रहा था.

आंखों में आंसू लिए मम्मी बहुत दुखी थीं कि चिंकू पर क्यों नहीं विश्वास किया था. तभी अंकल बिट्टू चिंकू के साथ अंदर आए और उस की मम्मी ने उसे गले लगा लिया. अंकल बिट्टू ने कहा, ‘‘आप को चिंकू की बात सुननी चाहिए थी. जब उस ने आप को लंफू के व्यवहार के बारे में बताने की कोशिश की. अगर मैं आप की तरह उस की बातों को सुनने से मना कर देता तो वह लंफू के बुरे व्यवहार को झेलता रहता.’’

मम्मी ने शर्म से अपना सिर झुका लिया. जल्दी ही टैलीविजन चैनल ने दूसरी स्टोरी चलानी शुरू कर दी, ‘लंफू हुआ गिरफ्तार.’ तभी अंकल बिट्टू को एक फोन कौल आया. ‘‘बधाई हो बिट्टू, तुम्हारा स्वागत है. वापस आ जाओ,’’ उन के बौस ने कहा.

अब अंकल बिट्टू और चिंकू दोनों की ही समस्याओं का समाधान हो गया?था. दोनों ने खुशी से एकदूसरे को देखा और मुसकराने लगे. मम्मी को अपनी गलती पर पछतावा था. लेकिन अब वह भी बहुत खुश थीं.

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