कादुंबा कंगारू अपने घर से बहुत दूर एक चिडि़या घर में रहता था. उस के नाम का अर्थ था, आदिम आस्ट्रेलिया में जलप्रपात. आस्ट्रेलिया से वह कंगारू आया था. वह अपने बारे में बता कर बड़ा गर्व महसूस करता?था. वह आस्ट्रेलियन जैसे ही बोलता था.

हालांकि वह उदास था, लेकिन उसे घर की याद नहीं आती थी क्योंकि वहां आस्ट्रेलिया का सिर्र्फ वही नहीं था बल्कि कई आस्ट्रेलियन जानवर थे. जैसे, तस्मेनियन डेविल्स, कोआला और प्लेटीपसेज. सभी अपनी मूल भाषा में ही तब बातें करते, जब लोगों के चले जाने के बाद चिडि़याघर शांत हो जाता.? चिडि़याघर का आस्ट्रेलियन जानवरों वाला वह भाग बच्चों को बहुत पसंद आ रहा था. बच्चों को कंगारुओं और परी प्लेटीपस को देखना बहुत अच्छा लगता. ‘‘क्या यह सचमुच अंडे देती है?’’ बच्चों का यह कहना परी को बहुत अच्छा लगता.

डिंगोज बहुत शर्मीला था, लेकिन स्वभाव का वह बहुत अच्छा था. बच्चे उसे जब कुत्ते जैसा कहते, तब भी वह बुरा नहीं मानता. तस्मेनियन डेविल बहुत कम बचे हुए थे इसलिए चिडि़याघर में उस का बहुत ध्यान रखा जाता. लेकिन वह भी बहुत शर्मीला था इसलिए लोगों को घूरते देख कर डर जाता था. कोआला भालू तो सब का प्रिय था. वह पेड़ पर बैठ कर दिन भर पत्तियां खाता रहता और पास से गुजरने वाले बच्चों और बड़ों को देखता रहता.

hindi story for kids kadumba kangaroo

इन सभी में सब का पसंदीदा था, कादुंबा कंगारू और उस का परिवार. अधिक रुपए दे कर कोई भी कादुंबा के पास जा कर उस के साथ उछलकूद कर सकता था. इस बात से कादुंबा बहुत दुखी रहता था. कादुंबा को डांस बहुत पसंद था. एक बार उस ने एक बच्चे को पेंग्विन की तरह डांस करते देखा, तो कोआला से पूछा, ‘‘अरे, यह छोटा बच्चा क्या कर रहा है?’’

‘‘यह एक प्रकार का डांस है, कादुंबा. इसे मूनवाक कहा जाता है. एक प्रसिद्ध सिंगर माइकल जैक्सन की वजह से यह बहुत प्रसिद्ध हुआ. अब तो सभी यही डांस करना चाहते हैं,’’ कोआला ने पत्तियां चबाते हुए कहा. ‘‘सचमुच?’’ कादुंबा बोला और उस का पैर भी हिलने लगा. ‘‘मैं भी मूनवाक करना चाहता हूं.’’

सूरज डूबने के बाद जब सभी लोग चले गए, तो कादुंबा डांस करने की कोशिश करने लगा. टोटो तस्मेनियन एक अच्छा डांसर था. वह कादुंबा को डांस सिखाने लगा. जल्दी ही उस ने फौक्सट्रौट, बर्डी डांस, स्नैक डांस और कुछ अन्य मनोरंजक डांस सीख लिए, लेकिन मूनवाक उस की समझ में नहीं आया. ‘‘मैं कभी मनुष्यों की तरह मूनवाक नहीं कर पाऊंगा,’’ वह बोला. अगले कुछ दिनों तक जब लोग उस के साथ उछलकूद करने आते, तो वह कोने में चुपचाप बैठा रहता. जल्दी ही डाक्टर बुलाया गया. डाक्टर ने उस का भार और तापमान देखा. साथ ही उस की जीभ, कान और नाक की भी जांच की. सब कुछ ठीक था. लेकिन कोई यह नहीं समझ पा रहा था कि कादुंबा उदास क्यों है.

कादुंबा की मम्मी भी दुखी थी. पहले तो उसे लगा कि शायद वह मेरे पाउच से निकल कर खुश नहीं है, क्योंकि उसी पाउच में उस का लालनपालन हुआ था. मम्मी ने उसे एक छोटी सी पार्टी दी, बात भी की. लेकिन फिर भी कादुंबा खुश नहीं हुआ. कादुंबा ने उस के बाद भी मूनवाक सीखना जारी रखा. एक दिन परी उस के पास आ कर बोली, ‘‘कादुंबा, तुम अपने संगीत पर ही डांस करो और अपने ही स्टेप्स बनाओ.’’

hindi story for kids kadumba kangaroo

‘‘इस का क्या मतलब हुआ?’’ कादुंबा ने पूछा. ‘‘इस का मतलब यह है कि तुम आदमी नहीं, कंगारू हो. तुम किसी की नकल करने के बजाय अपना डांस ही करो तो अच्छा है,’’ कह कर परी चली गई.

उसी शाम तस्मेनियन डेविल और डिंगोज जब अपने पारंपरिक गाने गा रहे थे, तो शुरू में कादुंबा ने ध्यान नहीं दिया लेकिन फिर उस ने अपना डांस शुरू कर दिया. सभी ने हैरानी से देखा कि कादुंबा अपने मजबूत पैरों से एक जंप में 15 फुट तक उछल गया.

कादुंबा इधर उछला, उधर उछला, फिर सब जगह उछलउछल कर डांस करने लगा. वहां मौजूद सभी खरगोश यह सोचने लगे कि काश, वे भी कादुंबा की तरह डांस कर पाते. संगीत खत्म होने के बाद सभी ने कादुंबा के लिए ताली बजाई.

सभी खरगोशों ने उसे कंगारू हौप सिखाने की विनती की तो हैरान कादुंबा ने पूछा, ‘‘क्या तुम सभी सचमुच मुझ से डांस सीखना चाहते हो?’’ अचानक कादुंबा को परी की कही बात याद आ गई. उस ने मुसकराते हुए कहा, ‘‘तुम्हें अपने स्टेप्स स्वयं तैयार करने चाहिए.’’

तभी उस की नजर परी पर चली गई जो उस की सहमति में अपना पूंछ हिला रही थी.

उस दिन से कादुंबा ने मूनवाक का ख?याल ही छोड़ दिया. अब वह मूनहौप्प करता था और खूब मजे करता था. चिडि़याघर में आने वाले लोग कादुंबा की ऊर्जा देख कर हैरान रह जाते और उस से मूनहौप्प सीखने की कोशिश करते.