‘‘दादाजी…दादाजी,’’ मिट्टू सीढि़यों से ही चिल्ला रहा था. ‘‘क्या आप आज रैक्स को घुमाने ले जाएंगे? आज मुझे बहुत ज्यादा होमवर्क करना है.’’ रैक्स मिट्टू का पालतू कुत्ता था. प्रत्येक दिन शाम को रैक्स को घुमाने की जिम्मेदारी मिट्टू की थी.

दादाजी आराम से टीवी देख रहे थे. ‘‘प्लीज, दादाजी,’’ मिट्टू गिड़गिड़ाया.

दादाजी तैयार हो गए. उन्होंने रैक्स का पट्टा खोला और बाहर ले कर चले गए. दादाजी के जाते ही मिट्टू भाग कर बगीचे में चला गया और बौल से खेलने लगा. मम्मी सब कुछ देख रही थीं, लेकिन चुप थीं.

मिट्टू ने जब दादाजी को वापस आते देखा तो छिप कर अपने कमरे में पहुंच गया और अपना होमवर्क करने लगा. मम्मी मिट्टू की हरकत देख कर मुसकराने लगीं.

दूसरे दिन भी मिट्टू ने होमवर्क का बहाना बनाया और दादाजी से रैक्स को घुमाने ले जाने के लिए कहा. अनमने मन से दादाजी फिर से रैक्स को ले कर चले गए. पहले दिन की तरह उस दिन भी वह दादाजी के आने तक खेलता रहा. उन के आते ही वह भी भाग कर अपने कमरे में चला गया.

मम्मी को गुस्सा तो आ रहा था, लेकिन उन्होंने मिट्टू से कुछ नहीं कहा. तीसरे दिन मम्मी वहीं हौल में बैठी थीं, जहां दादाजी टीवी देख रहे थे. रैक्स को घुमाने का समय हुआ तो मिट्टू अन्य दिनों की तरह दादाजी से विनती करने आ पहुंचा.

‘‘मिट्टू, मैं 2 दिनों से देख रही हूं. दादाजी के बाहर निकलते ही तुम बगीचे में खेलने चले जाते हो. तुम ऐसा क्यों करते हो?’’ मम्मी ने थोड़ी ऊंची आवाज में पूछा. मिट्टू कुछ नहीं बोला.

‘‘क्या बात है, मिट्टू?’’ मम्मी ने दोबारा पूछा. ‘‘मम्मी,’’ मिट्टू शांति से बोला, ‘‘मैं चाहता था कि दादाजी रैक्स को ले कर जाएं.’’

मम्मी अभी कुछ और बोलने वाली थीं, पर दादाजी ने शांत कर दिया. उन्होंने अपना हाथ मिट्टू के कंधे पर रखते हुए शांति से पूछा, ‘‘क्यों मिट्टू? तुम क्यों चाहते थे कि रैक्स को मैं घुमाने ले जाऊं?’’ ‘‘मेरी टीचर ने कहा है कि व्यायाम स्वास्थ्य के लिए और खासतौर से दिल के लिए बहुत जरूरी है. मैं चाहता था कि आप का व्यायाम अधिक से अधिक हो, दादाजी. मैं ने आप को कई बार अपने साथ भी ले जाना चाहा लेकिन आप नहीं गए. मैं आप को बहुत प्यार करता हूं दादाजी, और मैं चाहता हूं कि आप हमेशा मेरे साथ रहें,’’ मिट्टू ने रोआंसा होते हुए कहा.

दादाजी हैरान रह गए. थोड़ी देर बाद मम्मी ने मिट्टू को गले लगाते हुए कहा, ‘‘सही सोचा है मिट्टू, तुम ने. मुझे दुख है कि मैं ने तुम्हारे ऊपर गुस्सा किया.’’ मम्मी ने उस की पीठ थपथपाई.

दादाजी ने मिट्टू को गले लगाया. ‘‘मुझे व्यायाम करने की याद दिलाने के लिए धन्यवाद, मिट्टू. मैं वादा करता हूं कि आज से मैं तुम्हारे साथ खेलूंगा भी और तुम्हारे साथ घूमने भी जाऊंगा.’’ मिट्टू की आंखें चमक उठीं. वह दादाजी के गले लग गया और रैक्स को आवाज दी.

मिट्टू ने रैक्स को थपथपाते हुए कहा, ‘‘आज से तुम्हें घुमाने 2 लोग ले जाएंगे.’’ वह बहुत खुश था. रैक्स कूद कर दादाजी के पास पहुंच गया. सभी हंसते हुए बाहर घूमने निकल गए. मिट्टू की खुशी का ठिकाना न था.