क्वेकी कौआ, पीकू तोता और टिया बया अच्छे दोस्त थे. वे प्रत्येक दिन आपस में मिलते थे. पिछले कुछ दिनों से टिया मिलने नहीं आ रही थी. पीकू और क्वेकी को लगा कि शायद टिया बीमार है इसलिए दूसरे दिन सुबह वे टिया से मिलने उस के घर पहुंचे. ‘‘कितना सुंदर घर है. मैं तो घर की बनावट देख

कर हैरान हूं,’’ क्वेकी ने टिया के घर की ओर देखते हुए कहा. ‘‘मैं तुम से सहमत हूं. क्वेकी. लेकिन घर का डोरबैल तो बजाओ.’’ घर की खूबसूरती में खोए क्वेकी से पीकू ने कहा.

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टिया के घर के दरवाजे पर बहुत खूबसूरती से नेमप्लेट लगाया गया था. जिस पर लिखा था, ‘टिया का पैराडाइज.’ क्वेकी के डोरबैल बजाते ही अंदर बहुत ही सुंदर संगीत बज उठा. क्वेकी और पीकू तो झूम उठे. टिया अपने दोस्तों को देख कर हैरान रह गई. उस ने दोनों का दिल से स्वागत किया. जब क्वेकी और पीकू घर के अंदर पहुंचे तो और भी हैरानी हुई. टिया ने अपने घर को बहुत ही सुंदर ढंग से सजाया था. दीवारों पर लगी पेंटिग्ंस से यह लगता था कि टिया कला की बहुत शौकीन है.

‘‘तुम्हारे घर में घुसते ही हम ताजगी से भर उठे. घर में लगे फर्नीचर और सजाने के सामान लाजवाब और सुंदर हैं. तुम्हारे घर आ कर हमें तो बहुत खुशी हुई,’’ क्वेकी ने टिया के घर की प्रशंसा करते हुए कहा. ‘‘इस के लिए बहुतबहुत धन्यवाद.’’ टिया बहुत खुश थी. बोली, ‘‘दरअसल, ये सामान महंगे नहीं हैं. मेरे पास जो थोड़े बहुत रुपए थे, उन्हीं से खरीदे हैं.’’

‘‘यहां रुपए की बात नहीं है, टिया. यह तो तुम्हारी रचनात्मकता है,’’ पीकू ने टेबल पर रखे एक खूबसूरत चित्र की ओर देखते हुए कहा. ‘‘अच्छा टिया, अब तुम यह तो बताओ इतने दिनों से तुम कहां थी?’’ क्वेकी ने पूछा.

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‘‘दोस्तो, दरअसल में एक नौकरी ढूंढ़ रही थी, जो नहीं मिली. मैं इतनी पढ़ीलिखी हूं फिर भी नौकरी के लिए इधरउधर भाग रही हूं. अब तो मैं बहुत निराश हो गई हूं,’’ टिया बोली. ‘‘लेकिन निराश होने से नौकरी तो नहीं मिल जाएगी,’’ पीकू बोला.

‘‘लगता है मैं डूबने के कगार पर हूं. मैं तुम दोनों की तरह भाग्यशाली तो हूं नहीं,’’ टिया ने उदास स्वर में कहा. ‘‘ऐसा नहीं सोचना चाहिए, टिया,’’ क्वेकी बोला.

‘‘टिया, तुम ऐसा इसलिए सोच रही हो क्योंकि तुम्हारे पास अभी नौकरी नहीं है. पर अपना दिल छोटा मत करो, तुम कुछ और भी कोशिश कर सकती हो,’’ पीकू ने शांत भाव से कहा. ‘‘लेकिन मैं और क्या कर सकती हूं?’’ टिया ने हैरानी से पूछा.

‘‘तुम कोई अपना ही काम क्यों नहीं शुरू कर देती?’’ क्वेकी बोला. ‘‘अपना काम? और मैं?’’ टिया ने हैरानी से पूछा.

‘‘क्या तुम्हें पता है कि हमारे वन में सब से खूबसूरत घर तुम्हारा ही है? तुम्हारी सजाने की कला की सभी प्रशंसा कर रहे हैं,’’ पीकू बोला. ‘‘लेकिन इस से अपना व्यापार कैसे शुरू करूं?’’ टिया ने उत्सुकता से पूछा.

‘‘तुम एक आर्किटेक्ट बन सकती हो. तुम वन के दूसरे पक्षियों के घरों के डिजाइन बना सकती हो. जिस के अनुसार वे अपना घर बनाएंगे. साथ ही तुम घर की आंतरिक साजसज्जा के सलाहकार भी बन सकती हो. तुम्हारे पास जो कला है, वह हर किसी के पास नहीं हो सकती,’’ क्वेकी ने समझाते हुए कहा. ‘‘हां, और तुम यह भी जानती हो कि घर बनाने के लिए अच्छी क्वालिटी के सामान, तने के टुकड़े, टहनियां, रुई, शीशे जैसी चीजें कहां मिल सकती हैं. मुझे लगता है तुम्हारे द्वारा बनाए घर में सभी रहना पसंद करेंगे. यह उन के लिए सपनों वाला घर होगा,’’ पीकू बोला.

‘‘दोस्तो, तुम्हारे इतने अच्छे आइडिया के लिए बहुतबहुत धन्यवाद. मैं जल्दी ही अखबार में अपने इस कार्य का विज्ञापन दूंगी और सोशल मीडिया के द्वारा भी प्रचारप्रसार करूंगी. मैं तुम दोनों का बहुत एहसानमंद हूं,’’ कह कर टिया ने दोनों को गले लगा लिया.

कुछ दिनों बाद टिया का काम बहुत अच्छा चल निकला. दोस्तों के कुछ अच्छे विचार ने न सिर्फ टिया का आत्मविश्वास बढ़ाया, बल्कि पूरे जीवन को ही बदल दिया.