गृहशोभा विशेष

एक दिन चंपकवन में बैडी लोमड़ ने कहा कि वह वन के सभी जानवरों को चांद की सैर कराने ले जाएगा. सभी जानवर बहुत खुश हुए. चांद की सैर करने की सब की इच्छा थी.

‘‘क्या तुम सच में हमें चांद पर ले जा रहे हो?’’ हैरानी से डमरू गधे ने पूछा. ‘‘हां, सभी जानवर, बड़े भी और भारी भी. नहीं तो हमारा राकेट जमीन से ऊपर नहीं उड़ सकेगा.’’

बैडी की बातों को सुन कर कुछ जानवर हंसने लगे. ‘‘लेकिन तुम्हारा राकेट कहां पर है?’’ चीकू खरगोश ने पूछा, ‘‘और हमें चांद पर ले जाने के कितने रुपए लगेंगे?’’

‘‘हमारा राकेट एक टापू पर है जो यहां से ज्यादा दूर नहीं है और जहां तक रुपयों की बात है हमें रुपए नहीं चाहिए. हम तुम्हें सिर्फ चांद दिखाना चाहते हैं. इसलिए तुम्हें सैर के लिए रुपए नहीं देने हैं,’’ बैडी ने कहा. सभी जानवर खुशी से चिल्लाने लगे.

‘‘ऐसा लगता है कि इस में कुछ गड़बड़ है,’’ चीकू ने अपने दोस्त जंपी बंदर से फुसफुसा कर कहा. ‘‘हमें सतर्क रहना चाहिए.’’

दोनों राजा शेरसिंह के पास गए और बैडी के चांद की सैर कराने की बात बताई. ‘‘अगर बैडी ऐसा चाहता है, तो यह एक अच्छा विचार है. इस से तुम दोनों परेशान क्यों हो?’’ कह कर शेरसिंह ने दोनों को वापस भेज दिया.

तब चीकू ने जंपी से कहा, ‘‘हमें खुद ही अब बैडी पर निगाह रखनी होगी.’’ इसी बीच वन में जानवरों के बीच चांद पर जाने को ले कर प्रतियोगिता शुरू हो गई थी. अधिकतर छोटे जानवरों ने अपने नाम बैडी के पास लिखवा दिए थे.

‘‘कल सैर पर जाने के लिए तैयार रहना. मैं टापू पर तुम सभी को ले जाने के लिए मोटरबोट ले कर आऊंगा. वहां से हम राकेट से चांद पर जाएंगे. अगर मौसम अच्छा रहा तो हम कल ही चांद की सैर पर निकल जाएंगे,’’ बैडी ने कहा. सभी जानवर और ज्यादा उत्साह से भर गए. ‘‘मैं अपना पसंदीदा पोशाक ले जाऊंगी,’’ टीटू तितली ने उत्साहित हो कर कहा.

‘‘नहीं, कृपया अपने साथ कोई भी कपड़ा या कोई अन्य सामान ले कर न जाएं. आप को हमारे द्वारा दिए गए स्पेस सूट को पहन???ना होगा. और हां, अपने रुपए और ज्वैलरी अपने घर पर ही रख दें,’’ बैडी ने कहा, ‘‘हम सब एक सप्ताह में चांद से लौट आएंगे.’’ सभी जानवर बेचैनी से शाम होने का इंतजार कर रहे थे.

शाम को बैडी एक मोटरबोट ले कर उन्हें वहां से ले जाने के लिए आया. ‘‘चीकू, तुम क्यों नहीं आ रहे हो?’’ बैडी ने पूछा.

‘‘बैडी, कृपया तुम चले जाओ. मुझे कुछ जरूरी काम ?करना है. मेरा दोस्त जंपी तुम्हारे साथ जाएगा,’’ चीकू ने मुसकरा कर कहा. मोटरबोट के वहां से जाते ही चीकू राजा शेरसिंह के पास पहुंचा.

‘‘महाराज, मैं यहां कुछ ऐसी बातें देख रहा हूं जो बहुत ही मजेदार हैं,’’ चीकू ने अपना लैपटौप खोलते हुए कहा. उस ने बैडी का नाम टाइप किया. जल्दी ही स्क्रीन पर बहुत सारे वैब पेज खुल गए. उस ने एक को चुना और क्लिक किया. ‘‘यह बैडी है,’’ चीकू ने कहा.

‘‘लेकिन पुलिस ने उसे क्यों पकड़ रखा है?’’ महाराज शेरसिंह ने पूछा. ‘‘क्योंकि वह और उस के दोस्तों ने सोनावन के जानवरों को लूटा था. उसे जेल की सजा भी हुई. लेकिन अपनी चालाकी से वह जेल से भाग गया. अब वह हमारे वन में आया है,’’ चीकू ने कहा.

‘‘इस का क्या मतलब है?’’ शेरसिंह ने पूछा. ‘‘इस का मतलब यह है कि बैडी और उस के दोस्त चोर हैं. वे जानवरों से उन्हें ग्रह या चांद पर ले जाने का वादा करते हैं और उन्हें उन के घरों से दूर ले जाते हैं. उस के बाद उस के दोस्त रात में जानवरों

के बंद घरों से उन के सभी कीमती सामान, ज्वैलरी चुरा लेते हैं. जैसे ही बैडी को यह खबर दी जाती है कि सभी कीमती सामान चुरा लिए गए, वह किसी दूसरे वन में भाग जाता है और उस के दोस्त बाद में वहां जा कर मिल जाते हैं,’’ चीकू ने विस्तार से बताया.

‘‘यह तो बहुत बड़ी साजिश है,’’ शेरसिंह ने हैरानी से कहा, ‘‘तुम ने मुझे इस बारे में पहले ही क्यों नहीं बताया?’’ ‘‘मैं ने आप को पहले ही सावधान करने की कोशिश की थी महाराज, लेकिन आप ने मेरी बातों पर ध्यान नहीं दिया,’’ चीकू ने कहा.

‘‘अब हमें क्या करना चाहिए?’’ शेरसिंह ने पूछा. ‘‘चिंता की कोई बात नहीं, महाराज. मैं ने अपने दोस्त जंपी को उन के साथ भेजा है. आज की रात बैडी के दोस्त इन जानवरों के घरों से चोरी करने की कोशिश करेंगे. हम उन्हें रंगे हाथों पकड़ सकते हैं. और उन की मदद से हम बैडी को पकड़ सकते हैं.’’ चीकू ने विस्तार से बताया.

‘‘लेकिन हमें सतर्क रहना होगा. अगर बैडी को जरा सा भी शक हुआ तो वह हमारे नागरिकों को नुकसान पहुंचा सकता है,’’ चीकू ने कहना जारी रखा. ‘‘तुम्हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. मैं इंस्पैक्टर ब्लैकी भालू से बात करता हूं,’’ शेरसिंह ने चीकू को भरोसा दिलाया.

रात में इंस्पैक्टर ब्लैकी और उस के टीम के सदस्य वन में फैल गए. वे उन जानवरों के घरों के बाहर छिप गए जो चांद की सैर पर गए थे. अचानक डमरू गधे के घर के बाहर कुछ हलचल हुई. इंस्पैक्टर ब्लैकी ने इशारा किया और उस की टीम ने वहां से लपटू सियार को पकड़ लिया. उस से पूछने लगे और इसी तरह अन्य चोरों को भी पकड़ लिया गया.

‘‘लेकिन बैडी को हम कैसे पकड़ेंगे? वह तो बहुत ही चालाक है,’’ शेरसिंह ने पूछा. ‘‘हमारे पास उसे पकड़ने के लिए भी एक योजना है.’’ चीकू ने कहा और शेरसिंह के कान में कुछ फुसफुसाया.

लपटू सियार ने बैडी को फोन किया, ‘‘हैलो, बैडी, हम ने सब कुछ चुरा कर जमा कर लिया है. यहां मोटरबोट से जल्दी से आओ, ताकि हम यहां से जल्दी से भाग सकें.’’ ‘‘बहुत अच्छा. मैं ने नींद की दवा खाने में मिला दी थी. सभी जानवर गहरी नींद में सो रहे हैं. मैं मोटरबोट से आ रहा हूं. मुझ से नदी किनारे मिलो,’’? बैडी ने स्पीकर फोन पर कहा, जिसे चीकू और शेरसिंह ने सुन लिया.

कुछ ही घंटों में बैडी पुलिस की हिरासत में था. अगले दिन जब जानवर जागे तो उन्हें कुछ भी पता नहीं था. ‘‘क्या हम चांद पर पहुंच गए हैं?’’ मीकू चूहे ने अपने चारों ओर देखते हुए कहा.

‘‘नहीं, तुम सब चांद पर नहीं हो. तुम सब चंपकवन में हो. लेकिन बैडी जिस ने तुम्हें चांद की सैर पर ले जाने का खेल खेला था, अब जेल की सैर करने जा रहा है,’’ चीकू ने कहा. शेरसिंह और इंस्पैक्टर ब्लैकी भालू हंसने लगे थे. अन्य जानवर कुछ भी नहीं समझ सके और एकदूसरे के चेहरे को देखने लगे.

बाद में शेरसिंह ने जब उन्हें बताया कि क्या हुआ था, तो सभी ने चीकू की प्रशंसा की और उसे धन्यवाद कहा.