ओलंपिक की तैयारी में चंपकवन के जानवर व्यस्त थे. इस बार खेल में क्वालिफाइ होने का मौका गंवाना न पड़े इसलिए सभी जानवर बड़े उत्साह के साथ पूरी मेहनत से अभ्यास करने में जुटे हुए थे. ओलिंपिक में भाग लेना भी अपनेआप में एक सम्मान की बात थी. भाग लेने वालों के साथसाथ प्रशिक्षक भी अच्छा काम कर रहे थे.

जंपी बंदर कुश्ती प्रतियोगिता में भाग ले रहा था. उस ने एक अखाड़ा अपने घर के सामने बनाया था और इस में रातदिन अभ्यास करता था. मीकू चूहा उस का दोस्त भी था और उस के साथ प्रतियोगिता में भी भाग ले रहा था. दोनों एक साथ अभ्यास कर रहे थे.

एक दिन जब मीकू और जंपी अभ्यास कर रहे थे, ब्लैकी भालू उसी रास्ते से जा रहा था. उन्हें कुश्ती लड़ते देख कर वह जोर से हंसने लगा. मीकू और जंपी उसे हंसते देख कर चिढ़ गए और रुक गए.

मीकू ने कहा, ‘‘ब्लैकी, तुम इतना हंस क्यों रहे हो?’’ ब्लैकी और जोर से हंसने लगा. उस ने कहा, ‘‘मैं तुम दोनों की बेवकूफी पर हंस रहा हूं.’’

‘‘ऐसी बेवकूफी वाली क्या बात है, जिसे हम कर रहे हैं?’’ जंपी ने पूछा. ‘‘ओलिंपिक की फिर से तैयारी करना बेवकूफी ही तो है. तुम दोनों ही अपने पहले की सभी प्रतियोगिताओं को गंवा चुके हो. पिछली बार के ओलिंपिक में तुम सब से अंत में थे और इस के बाद भी तुम ओलिंपिक में भाग लेने के लिए तैयारी कर रहे हो. मैं इस बार ओलिंपिक में भाग लेने की तुम्हारी मूर्खता पर हंस रहा हूं. क्योंकि तुम दोनों ही एक भी मैडल नहीं जीत सकते.’’

मीकू और जंपी दोनों ही ब्लैकी की बात सुन कर शांत हो गए. वह सही कह रहा था. वे जंगल द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं में कुश्ती की सभी प्रतियोगिता हार गए थे और पिछले ओलिंपिक में अंतिम स्थान पर आए थे. लेकिन जल्दी ही उन में फिर से आत्मविश्वास आ गया. मीकू ने कहा, ‘‘ब्लैकी, तुम जो कह रहे हो, वह सही है. हम पहले सभी प्रतियोगिता हार गए. लेकिन इस का यह मतलब नहीं है कि हम में हिम्मत की कमी है और प्रतियोगिता में भाग लेना छोड़ दें. हमारे साथ आओ, मैं तुम्हें कुछ दिखाना चाहता हूं.’’

मीकू और जंपी ब्लैकी को एक पेड़ के पास ले गए. एक चिडि़या उस पर अपना घोंसला बनाने की कोशिश कर रही थी. वह अपनी चोंच में स्ट्रा, घास और टहनियां ला कर पेड़ की डाल पर रखने की कोशिश करती. तिनके नीचे गिर जाते. लेकिन चिडि़या उन्हें फिर उठा लाती और डाल पर फिर रख देती.

‘‘ब्लैकी, इस चिडि़या को देखो. यह छोटी है लेकिन इस के पास हिम्मत और आत्मविश्वास है कि वह एक घोंसला बना सकती है. हम तो उस से कई गुना बड़े और मजबूत हैं. हम ने बहुत मौके गंवाए. लेकिन हम फिर प्रयास कर सकते हैं. हम ओलिंपिक में भाग लेंगे और आत्मविश्वास के साथ खेलेंगे. हो सकता है कि इस बार हम सफल हो जाएं. हो सकता है न भी हों, लेकिन कोशिश करना नहीं छोड़ सकते.’’ ब्लैकी समझ गया कि मीकू सही कह रहा है. उस ने कहा, ‘‘माफ कर दो दोस्तो, मैं ने तुम्हारा मजाक उड़ाया. तुम सही हो. जिन के पास हिम्मत है और कोशिश करना जारी रखते हैं, वे कभी नहीं हारते. वैसे भी मैं खेलों में भाग नहीं ले रहा हूं, इसलिए मुझे आलोचना करने का हक भी नहीं है. उन का जो खेलों में भाग लेते हैं, भाग लेने की इच्छा रखते हैं उन सभी का मुझे मजाक उड़ाने का हक नहीं है.

‘‘मुझे इस के विपरीत उन का हौसला बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए. तुम दोनों ही खेल के लिए बढि़या करने की कोशिश कर रहे हो और अगर तुम्हें मेरी मदद की जरूरत हो तो मुझे बुला सकते हो. मैं तुम्हारी मदद के लिए हर समय तैयार मिलूंगा.’’ मीकू और जंपी ने जब ब्लैकी को यह सब कहते सुना तो उन का आत्मविश्वास और बढ़ गया.

‘‘ब्लैकी, अगर तुम यहां बैठ जाओ और हमें देख कर उत्साह बढ़ाओ तो हमारी हिम्मत और ताकत और बढ़ जाएगी,’’ दोनों ने कहा. ‘‘जरूर,’’ ब्लैकी ने कहा, ‘‘मुझे जब भी मौका मिलेगा, मैं यहां आ जाया करूंगा और तुम्हारे खेल देखूंगा. तुम हारते हो कि जीतते हो, यह महत्त्वपूर्ण नहीं है. प्रतियोगिता में तुम भाग ले रहे हो, यह सब से महत्त्वपूर्ण है. वे जिन के पास उत्साह है, लगन और हिम्मत है कभी भी नहीं हारते.’’

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