गृहशोभा विशेष

माधुरी दीक्षित अभी भी अभिनय से ले कर टीवी रिऐलिटी शो, ब्रैंड इंडोर्समैंट और औनलाइन डांस ऐकेडमी आदि में व्यस्त रहती हैं. पर इन सब से वे अपने परिवार के लिए समय अवश्य निकाल लेती हैं. माधुरी से हुई बातचीत में यह पता चला कि वे व्यस्त रहने के बावजूद भी किस तरह अपने परिवारिक दायित्वों को पूरा करती हैं.

बच्चों के साथ आप का रिश्ता किस तरह का है?

मैं अपने बच्चों की मां होने के साथसाथ उन की दोस्त और टीचर भी हूं. मेरे बच्चे मुझे तनाव मुक्त कर देते हैं. उन की बातें को सुनना, उन के साथ स्कूल में क्या हुआ, आगे उन्हें क्या करना है आदि बातों को जानना मैं रोज करती हूं. मैं एक ऐसी मां हूं जो बच्चे का होमवर्क पूरा हुआ कि नहीं इस का भी खयाल रखती हूं.

जरूरत पड़ने पर मैं एक स्ट्रिक्ट मां भी हूं जो अपने बच्चों को अनुशासन में रखती है ताकि उन का भविष्य अच्छा बने. पर इस के साथसाथ मैं उन के साथ सभी बातें शेयर भी करती हूं. अभी वे छोटे हैं, इसलिए मैं उन्हें दिशा निर्देश दे कर सही रास्ता चुनने के लिए प्रेरित करती हूं. ताकि बाद में वे गलतियां न करें और सही दिशा की ओर अग्रसर हों.

बच्चों से जुड़ा कोई वाकया जो आप हमारे साथ शेयर करना चाहेंगी?

मेरे बेटे रेयान और आरिन जब पहली बार मुंबई रहने आए थे तो उन्हें यह शहर बहुत खराब लगा था. वे हमेशा पूछा करते थे कि मम्मी यहां के रास्ते इतने गंदे क्यों हैं? भिखारी रास्ते पर भीख क्यों मांगते हैं आदि? पर अब वे ऐसी बातें नहीं पूछते. स्कूल में उन के काफी दोस्त बन गए है. वे उन के घर भी आयाजाया करते हैं. मेरा आधा संघर्ष यहीं खत्म हो चुका है क्योंकि उन्हें अपना स्कूल और यह शहर पसंद आ गया है. मेरे हिसाब से वही सही समय था जब मैं बच्चों के साथ मुंबई आ गई. अगर उन के बड़े होने पर आती, तो वे शायद यहां ऐडजस्ट नहीं कर पाते या फिर आना ही नहीं चाहते.

अमेरिका से वापस आने के बाद आप एक बार फिर व्यस्त हो गई हैं. ऐसे में अपने पारिवारिक दायित्वों को कैसे पूरा करती हैं?

मैं अपने समय को सही तरीके से मैनेज करना जानती हूं. मेरा मानना है कि अगर बच्चे मुझे काम करते हुए देखेंगे तो वे और अधिक जिम्मेदार हो जाएंगे क्योंकि मातापिता का असर बच्चों पर सब से अधिक होता है.

मेरे काम में मेरे पति का बहुत सहयोग रहता है. उन में खूबी यह है कि वे विश्व के किसी भी कोने में ऐडजस्ट कर सकते हैं. उन्होंने अपना मैडिकल प्रोफैशन छोड़ कर मेरा साथ दिया. अभी वे मेरे प्रोडक्शन हाउस को संभाल रहे हैं. वे बहुत ही शांत प्रकृति के हैं. मैं कई बार कुछ निर्णय नहीं ले पाती, तो ऐसे में उन की राय लेती हूं. वे किसी भी काम को दृढ़तापूर्वक करते हैं. उन का निर्णय तुरंत होता है.

आप इस लेख को सोशल मीडिया पर भी शेयर कर सकते हैं