गृहशोभा विशेष

जब हम मां की बात करते हैं तो कई बार हालबेहाल औरत की छवि सामने आती है, जो अपने बच्चों और घरगृहस्थी के बीच संतुलन बनाने में लगी रहती है. इस कशमकश में कई बार वह मानसिक रूप से परेशान हो जाती है. उस में चिड़चिड़ापन बढ़ने लगता है, जो कई बार उसे परिवार और बच्चों से दूर ले जाता है. मगर अब हालात बदल रहे हैं. समाज में ऐसी स्मार्ट मौम्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है जो घरपरिवार, बच्चों, पति व समाज सभी के साथ कदम से कदम मिला कर चल रही हैं. ऐसी स्मार्ट मौम्स घरपरिवार के साथसाथ समाज को भी खुशहाल बनाए रखने में अहम भूमिका अदा कर रही हैं.

आइए, सब से पहले आप को मिलवाते हैं एक ऐसी सैलिब्रिटी स्मार्ट मौम से, जो अपने प्रोफैशन के साथसाथ अपने बच्चों और परिवार का तो खयाल रखती ही हैं, समाज को भी समय देती हैं.

जी हां, हम बात कर रहे हैं फिल्म अभिनेत्री सेलिना जेटली की. मिस इंडिया से फिल्म अभिनेत्री बनीं सेलिना जेटली के पिता वी.के. जेटली सेना में अफसर थे. उन की मां अफगान की थीं. वे सेना में नर्स थीं. सेलिना के भाई सेना में हैं. खुद सेलिना भी पायलट बन कर सेना में जाना चाहती थीं. उन्होंने बी.काम. किया है. पढ़ाई के दौरान ही उन्हें सौंदर्य प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का मौका मिलने लगा. 2001 में वे मिस इंडिया बनीं. यहीं से उन की शुरुआत फिल्मों में हुई. ‘जानशीन’ और ‘नो ऐंट्री’ जैसी अनेक फिल्मों में उन की अदाकारी को दर्शकों ने काफी पसंद किया. वे फिल्मी दुनिया की सब से खूबसूरत व बोल्ड अभिनेत्रियों में से एक मानी जाती हैं.

सेलिना ने आस्ट्रेलिया के रहने वाले बिजनैसमैन पीटर हाग से 2011 में शादी की. पीटरहाग दुबई में अपना बिजनैस करते हैं. शादी के बाद सेलिना ने जुड़वां बेटों विराज हाग और विंस्टन हाग को जन्म दिया. उन्होंने मां बनने के बाद भी खुद को फिट और स्मार्ट बनाए रखा. अब वे दुबई से मुंबई बसने की तैयारी कर रही हैं ताकि अपने फिल्मी कैरियर को दोबारा शुरू कर सकें.

शादी और बच्चों के साथ कैरियर

पहले फिल्मों में काम करने वाली ज्यादातर अभिनेत्रियां शादी के बाद फिल्मों से रिटायरमैंट ले लेती थीं. इस कारण कई बार वे शादी उम्र की ढलान पर करती थीं मगर अब ऐसा नहीं है. विश्व सुंदरी और सफल फिल्म अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन ने अपने कैरियर की ऊंचाई के दौरान ही फिल्म अभिनेता अभिषेक बच्चन से शादी की. शादी के बाद आराध्या को जन्म दिया. ऐश्वर्या का परिवार देश का सब से मशहूर फिल्मी परिवार है. उन के पति अभिषेक के अलावा ससुर अमिताभ बच्चन और सास जया बच्चन बड़े कलाकार हैं. सभी अपनेअपने काम में व्यस्त रहते हैं. ऐसे में ऐश्वर्या ने बेटी के बड़े होने तक उस का पूरा ध्यान रखा. इस दौरान वे पूरी तरह से फिल्मी चकाचौंध से दूर रहीं. अब बेटी स्कूल जाने लायक हो गई है तो ऐश्वर्या फिर से अपने फिल्मी कैरियर पर ध्यान देने लगी हैं.

2000 में मिस यूनिवर्स का ताज जीतने वाली लारा दत्ता उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद शहर की रहने वाली हैं. इन के पिता एल.के. दत्ता और मां जेनिफर दत्ता ने लारा को मौडलिंग की दुनिया में कदम बढ़ाने में पूरापूरा सहयोग दिया. मिस यूनिवर्स बनने के बाद लारा दत्ता ने अपना फिल्मी कैरियर शुरू किया. जब उन का फिल्मी कैरियर ऊंचाइयों पर था तब लारा ने टैनिस स्टार महेश भूपति से शादी कर ली. शादी के बाद लारा के बेटी हुई, जिस का नाम सायरा भूपति रखा. लारा की बेटी भी अब स्कूल जाने वाली हो गई है, इसीलिए लारा भी दोबारा फिल्मी कैरियर शुरू करने वाली हैं.

ऐसी ही स्मार्ट मौम्स की लिस्ट में एक बड़ा नाम शिल्पा शेट्टी का भी है. राज कुंद्रा से शादी करने के बाद शिल्पा ने विवान नाम के बेटे को जन्म दिया. बेटे के जन्म के बाद भी शिल्पा ने अपना फिल्मी कैरियर बनाए रखा. आज भी वे फिल्मों, टीवी और मौडलिंग में पूरी तरह सक्रिय हैं. इस के साथ ही आईपीएल क्रिकेट टीम की मालकिन भी हैं. उन की फिगर देख कर नई से नई हीरोइन भी मात खा सकती है.

2 बच्चों की मां करिश्मा कपूर भी अपना फिल्मी कैरियर फिर से शुरू करने की तैयारी में हैं. 40 साल की करिश्मा कपूर फिल्मी दुनिया के मशहूर कपूर खानदान की बेटी हैं.

बिजनैसमैन संजय कपूर से शादी के बाद उन के 2 बच्चे समिएरा कपूर और किआन राजकपूर हुए. जिस समय करिश्मा ने फिल्मी दुनिया छोड़ी थी उन का फिल्मी कैरियर धूम मचा रहा था. फिल्मी दुनिया के हर बड़े अभिनेता के साथ उन्होंने हिट फिल्में दीं. शादी और बच्चों के बाद वे वापस फिल्मी दुनिया में धूम मचाने की तैयारी कर रही हैं.

फिल्मी स्मार्ट मौम्स की सूची में मंदिरा बेदी, मलाइका अरोड़ा खान, नंदिता दास और श्रीदेवी का नाम भी उल्लेखनीय है. मलाइका अरोड़ा, नंदिता दास और श्रीदेवी ने भी बच्चों की परवरिश के साथसाथ अपने फिल्मी कैरियर को जारी रखा.

पूरी तरह फिट और हैल्दी

बात केवल फिल्मी स्मार्ट मौम्स की ही नहीं है. समाज में हमें तमाम ऐसी स्मार्ट मौम्स नजर आती हैं. सरकारी से ले कर प्राइवेट औफिसों तक में काम करने वाली तमाम स्मार्ट मौम्स ने अपने को इतना स्मार्ट बनाया है कि वे अपनी उम्र से कई साल तक कम नजर आती हैं. इन का सब से बड़ा राज इन की सेहत में छिपा होता है. फिट और हैल्दी महिलाएं ज्यादा स्मार्ट होती हैं. कई बार ज्यादा वजन वाली महिलाएं भी अपने काम में इतना स्मार्ट होती हैं कि कम उम्र की महिलाएं उन के सामने टिक ही नहीं पाती हैं.

2 बेटियों की मां सोनिया कपूर एक प्राइवेट औफिस में काम करती हैं. वे कंपनी के मालिक की करीब 20 सालों से सैके्रटरी हैं. उन का वजन भले ही औफिस में काम करने वाली छरहरी लड़कियों से कुछ ज्यादा हो पर वे अपने काम और व्यवहार से सभी को मंत्रमुग्ध कर लेती हैं. यही नहीं वे अपने घरपरिवार और बेटियों को भी पूरा समय देती हैं. ज्यादा वजन होने के बावजूद वे पूरी तरह फिट और हैल्दी हैं.

पूनम चौहान अपने घर से 25 किलोमीटर दूर स्कूल में बच्चों को पढ़ाने जाती हैं. उन की एक छोटी बेटी है. वह स्कूल जाने लगी है. पूनम सब से पहले बेटी को स्कूल पहुंचाती हैं. इस के बाद पब्लिक ट्रांसपोर्ट से स्कूल जाती हैं. दोपहर को स्कूल से लौटते हुए बेटी को भी घर लाती हैं.

वे कहती हैं, ‘‘जमाना बदल गया है. अब पतिपत्नी दोनों ही कमाने लगे हैं. पति भी पूरा सहयोग देते हैं. इस के बाद भी महिलाओं के हिस्से में ज्यादा काम आता है. ऐसे में सब से बड़ी जरूरत यह होती है कि हम शांत रहें. समझदारी के साथ टाइमटेबल बनाएं ताकि कोई जरूरी काम रह न जाए, और काम को सही तरह से करने के लिए जरूरी है कि हम अपनी हैल्थ का पूरा ध्यान रखें. समयसमय पर जरूरी चैकअप कराते रहें. ज्यादा काम करने के लिए ज्यादा ऐनर्जी की जरूरत होती है. ऐसे में हैल्दी फूड खाएं.’’

पतियों का टाइम बचाती हैं स्मार्ट मौम्स

स्मार्ट मौम्स केवल वे ही नहीं हैं जो नौकरी करती हैं या अपना बिजनैस. स्मार्ट मौम्स हाउसवाइफ के रूप में भी बहुत अच्छी तरह घरपरिवार की देखभाल करती हैं. इस से पतियों का न केवल समय बचता है, बल्कि वे अपना काम ज्यादा बेहतर तरीके से कर पाते हैं.

सुहानी की शादी दीपक के साथ हुई. सुहानी ने एम.बी.ए. किया था, लेकिन वे हाउसवाइफ बनीं. इस बात का उन्हें कोई अफसोस नहीं था. दरअसल, दीपक की नई नौकरी थी. उन्हें अपनी जौब में ज्यादा समय देना होता था. सुहानी के साथ उन के सासससुर भी रहते थे, जो अकसर बीमार रहते थे. दीपक उन की देखभाल नहीं कर सकता था. ऐसे में जब दीपक को सुहानी का साथ मिला तो रास्ता दिखा. अब वह अपनी नौकरी पर पूरा ध्यान देने लगा. सुहानी ने घर का पूरा काम संभाल लिया. ऐसेमें दीपक को औफिस में काम करने का पूरा मौका मिला और वह सफलता की सीढि़यां चढ़ने लगा.

सुहानी के मां बनने के बाद भी दीपक को कभी कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा. सुहानी घर के छोटेबड़े काम जैसे बिजलीपानी का बिल जमा करना, राशन की खरीदारी करना, दवा आदि लाना खुद करती हैं. इस के लिए उन्होंने कभी दीपक को परेशान नहीं किया. दीपक को घर की जिम्मेदारियों से दूर रह कर नौकरी में आगे बढ़ने का पूरा मौका मिला.

सुहानी कहती हैं, ‘‘मैं हाउसवाइफ की जगह अपने को हाउस मैनेजर के रूप में देखती हूं. लेकिन अब बेटी बड़ी हो गई है. अत: मैं भी नौकरी कर के घर चलाने में पति की मदद करना चाहती हूं.’’

सुहानी जैसी कई पत्नियां समाज में हैं, जो घरपरिवार को संभाल कर अपनेअपने पति की मदद कर रही हैं. ये भी किसी स्मार्ट मौम से कम नहीं हैं.

बदल रही है सोच

महिला रोगों की जानकार डाक्टर रमा श्रीवास्तव कहती हैं, ‘‘लड़कियों की शादी की उम्र में अब बदलाव होने लगा है. अब लड़कियों की शादी 25 से 30 साल के बीच होने लगी है. ऐसे में लड़कियां पहले बच्चे पैदा कर के फिर अपने कैरियर को आगे बढ़ाने लगी हैं. स्मार्ट रहने से इन्हें कई लाभ होते हैं. सब से पहला यह कि 30 की उम्र के बाद भी नौकरी मिल जाती है. सरकारी से ज्यादा प्राइवेट नौकरियों के आने से लड़कियों को मां बनने के बाद भी कैरियर संवारने के मौके मिलने लगे हैं. सही उम्र में पढ़ाई शुरू करने से भी यह बदलाव होने लगा है. सही उम्र में शादी करने से लड़कियों के मां बनने की संभावना भी ज्यादा होती है.’’

22 साल की उम्र में ग्रैजुएशन करने वाली निहारिका की शादी 24 साल में हो गई. उस के बाद उन्होंने पढ़ाई जारी रखी. 26 साल में वे मां बन गईं. जब उन की बेटी स्कूल जाने लगी तो निहारिका जौब करने के लिए तैयार हो गईं. अब वे जौब और घर दोनों को बखूबी संभाल रही हैं. उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होती है. वे

खुद यह योजना बनाती हैं कि कहां से और किस तरह से बचत की जाए? कैसे घर का खर्च चलाएं?

निहारिका कहती हैं, ‘‘सही उम्र में शादी होने से परिवार की जिम्मेदारियां समय पर पूरी हो जाती हैं. नौकरी करने के लिए भी समय मिल जाता है. आज पतिपत्नी मिल कर काम करें तो ज्यादा बेहतर होगा. पति को भी स्मार्ट पत्नी पर गर्व होता है. उसे लगता है कि पत्नी अगर ऐसा कर सकती है तो उसे सहयोग देना चाहिए. इस से दोनों के बीच बेहतर तालमेल बनता है.’’

अपना बिजनैस करने वाली अनीता मिश्रा कहती हैं, ‘‘अब महिलाओं को हर काम करने में महारत हासिल हो रही है. ऐसे में वे स्मार्ट और हैल्दी रहें, तो लाइफ बेहतर हो जाती है. स्मार्ट मौम को किसी काम के लिए किसी दूसरे का मुहताज नहीं होना पड़ता है. अगर आप को स्कूटी, स्कूटर या कार जैसे वाहन चलाने आते हैं तो आप को कहीं आनेजाने के लिए पति या फिर किसी और की जरूरत नहीं पड़ती है. ऐसे में समय और पैसा दोनों ही बचता है.’’

महिलाओं के काम करने से केवल घरपरिवार का ही भला नहीं होता है, देश का भी भला होता है. किसी भी देश की तरक्की में महिलाओं की भी बड़ी भूमिका होती है.

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