दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर इलाके में 25 साल के एक युवक ने अपनी गर्लफ्रेंड  की हत्या कर खुद को भी खत्म कर लिया.  वजह महज इतनी थी कि कुछ दिनों से गर्लफ्रेंड उस की अनदेखी कर रही थी और युवक को शक था कि वह किसी और के साथ इनवौल्व हो गई है.

घटना गत 26 नवंबर की है. अभिषेक नाम का यह 25 वर्षीय युवक नोएडा में एक कंपनी में काम करता था. उस की गर्लफ्रेंड आयुष्मा नेहरू प्लेस में ग्राफिक डिजाइनर थी.  दोनों करीब 6 साल पहले कोलकाता से दिल्ली आए थे और एक साथ ही रहते थे. अनबन होने के बाद दोनों अलगअलग रहने लगे थे.

अभिषेक को शक था कि आयुष्मा की दोस्ती किसी और लड़के के साथ हो गई है. दोनों में इस बात को ले कर झगड़े होते थे. अभिषेक वापस कोलकाता चलने की जिद कर रहा था पर आयुष्मा जाना नहीं चाहती थी. आजिज आ कर आयुष्मा ने उस के मैसेजेज  के जवाब देने बंद कर दिए और उसे इग्नोर करने लगी. इसी से क्षुब्ध हो कर प्यार में पागल बने अभिषेक ने आयुष्मान का गला काट डाला और फिर खुद भी फांसी लगा ली.  मरने से पहले उस ने शीशे और दीवार पर मार्कर से सुसाइड नोट लिखा.

बेवकूफी भरा कदम

सवाल यह उठता है कि सारे प्रकरण में फायदा किस का हुआ ? कोई शख्स आप के साथ रिश्ता रखना चाहता है या नहीं यह उस की मर्जी पर निर्भर होता है. व्यक्ति किसी को भी अपने साथ रहने या रिश्ता रखने के लिए मजबूर नहीं कर सकता. अभिषेक ने ऐसा किया और आयुष्मा के इंकार करने पर वह पागल हो उठा. उस ने आयुष्मा को खत्म कर उस के घर वालों की जिंदगी में अंधेरा कर दिया तो वही अपनी जिंदगी भी तबाह कर डाली और अपने घर वालों को भी जीवन भर का दुख दे दिया.

प्रेम में डूबे आशिक अक्सर अपनी जिंदगी के दुश्मन बन जाते हैं. पर सोचने वाली बात है कि क्या आप की जिंदगी में कोई एक शख्स इतना महत्वपूर्ण हो सकता है कि आप उस के लिए अपनी पूरी जिंदगी नष्ट कर डाले? सालोंसाल आप को पालपोस कर बड़ा करने वाले अभिभावक और परिवार वालों के बारे में भी न सोचें? अपनी जिंदगी  का मकसद केवल एक लड़की या लड़के पर केंद्रित कर दें?

सच तो ये है कि मोहब्बत जबरन नहीं की जा सकती. न ही मोहब्बत मांगी जा सकती है और न ही मोहब्बत में हमेशा किसी से वफ़ा की उम्मीद ही की जा सकती है. यदि कोई शख्स आप की मोहब्बत का प्रतिदान मोहब्बत से नहीं दे रहा, किसी और के लिए आप को धोखा दे रहा है, आप की मोहब्बत को समझ नहीं रहा, महसूस नहीं कर पा रहा या आप की उपेक्षा कर रहा है तो इस का मतलब यह नहीं कि आप जबरन इस रिश्ते को ढोते रहें या उस से मोहब्बत की भीख मांगते रहे और अपनी जिंदगी का सुकून खोते रहे. फिर  इनकार मिलने पर खुद को खत्म कर डालें.

क्या करें

बेहतर यह होगा कि आप ऐसे शख्स को एक झटके से अपनी जिंदगी से निकाल दे और

दोबारा उस के बारे में सोच कर अपना वक्त जाया न करे. रातदिन उस की बेवफाई याद करकर के अपनी  जिंदगी बर्बाद करने से बहुत अच्छा है कि उस के बारे में सोचना बिलकुल भी बंद कर दें.

मोहब्बत में कोई किसी की मिलकियत नहीं होता. जिंदगी में मोहब्बत के सिवा भी बहुत काम है. यदि आप लक्ष्य के प्रति समर्पित हो कर अपनी जिंदगी संभाल लेंगे तो फिर आप के जीवन में न तो मोहब्बत की कमी रहेगी और न ही सुकून भरे लम्हों की.

मोहब्बत में पागल हो कर कोई कदम उठाने की बेवकूफी करने से बेहतर है मोहब्बत में खुद को बदलने, संवारने और लक्ष्य को पाने का जज्बा रखने की.

कैसे संभाले खुद को जब सनम हो बेवफा

  1. सब से पहले तो खुद से वादा करें कि आप उसे याद नहीं करेंगे. उस के पीछे अपना समय बर्बाद कर अपने दिल का सुकून नहीं खोएंगे.
  2. रोज सुबह जल्दी उठे और एक्सरसाइज करने जाएं. डांस या योगा क्लासेस ज्वॉइन करें. अपने पैशन को जीने का प्रयास करें. कुछ क्रिएटिव करते हुए जीवन को नई दिशा दे.
  3. उसे बारबार फोन या मैसेज करने से बचें ,क्यों कि यदि वह मैसेज का जवाब नहीं देगा तो आप और भी दुखी और परेशान हो उठेंगे. जितना हो सके उस तरफ जाने से बचे वहां जहां वह रहता हो या उस के आने की संभावना हो. उस से रूबरू होने से बचें क्यों कि नजरें मिलते ही पुराने जख्म रिसने लगते हैं.
  4. अपने फोन में से उस की तस्वीरें डिलीट कर दे. उस के भेजे वीडियोज या मैसेजेज दोबारा न देखें. दिए गए गिफ्ट्स ,ग्रीटिंग कार्डस आदि अपनी नजरों से दूर कर दे. किसी भी वैसी चीज के करीब न रहे जो आप को उस की याद दिलाते हो.
  5. जब भी उस का ख्याल आए तो किसी दूसरे काम में व्यस्त हो जाए. खाली दिमाग में ज्यादा उपद्रव मचते हैं.
  6. दोस्तों की संख्या बढ़ाए. किसी एक के पीछे पूरा जीवन बर्बाद करने से बेहतर है अपने दोस्तों की संख्या बढ़ाए. सोशल बने. जीवन में कुछ बड़ा हासिल करें या ऊंचे मुकाम तक पहुंचने का लक्ष्य तय करें. फिर उस दिशा में आगे बढ़े. आप देखेंगे कि आप उसे पूरी तरह भूलने लगे हैं और जीवन का नया उजाला आप की जिंदगी जगमगा  रहा है.
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