गृहशोभा विशेष

सवाल
मैं 26 वर्षीया युवती हूं. हाल ही में मेरी बड़ी धूमधाम से सगाई हुई थी. शादी की तारीख भी तय हो गई थी. शादी से ठीक 2 महीना पहले लड़के वालों ने सगाई तोड़ दी. मेरे घर वाले इस से काफी हताशा महसूस कर रहे हैं. अब वे चाहते हैं कि जल्दी से कोई दूसरा लड़का मिल जाए जिस से मेरी शादी तय तारीख में ही हो जाए. उन्हें लगता है कि सगाई टूटने की बात यदि समाज में उजागर हो गई, तो फिर मेरे लिए शायद ही दूसरा लड़का मिले. मुझे डर है कि इस हड़बड़ी में वे कहीं किसी ऐसे लड़के के साथ मेरी शादी न करा दें, जो मेरे लिए उपयुक्त न हो. मैं क्या करूं?

जवाब
आप के घर वालों की हताशा बेमानी है. उन्हें तो खुश होना चाहिए कि आप लोग ऐसे लोगों के चंगुल में फंसने से बालबाल बच गए. यदि शादी के बाद उन का असली चेहरा सामने आता तो काफी मुश्किल होती. शादी की तय तारीख को ही (दूसरा लड़का तलाश कर) शादी करने की हड़बड़ी न करें. जल्दबाजी और हताशा में कोई काम सही नहीं होता. चूंकि आप लोगों को एक बार धोखे का सामना करना पड़ चुका है, इसलिए अब और सावधानी की जरूरत है. भलीभांति जांचपरख कर ही रिश्ता तय करें. इस बाबत आप घर वालों से बात कर सकती हैं, क्योंकि यह आप की जिंदगी का सवाल है.

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शादी एक ऐसा समय है जब लड़का-लड़की एक साथ एक बंधन में बंधकर पूरा जीवन साथ में बिताने का वादा करते हैं. शादी को पुरूष आमतौर पर शारीरिक तौर पर अधिक देखते हैं. शादी का मतलब अधिकतर पुरूषों के लिए सेक्स संबध बनाना ही होता है लेकिन वे ये बात भूल जाते हैं कि शारीरिक संबंध से अधिक महत्वपूर्ण आत्मिक संबंध होता है.

यदि महिला और पुरूष आत्मिक रूप से एक-दूसरे से संतुष्ट‍ है तो फिर शारीरिक संबंधों में भी कोई दिक्कत नहीं होती. शादी से पहले यानी सगाई के बाद लड़के और लड़की को एकसाथ खूब समय बिताने को मिलता है लेकिन इसका ये अर्थ नहीं कि वे शादी से पहले फिजीकल रिलेशन बना ले या फिर प्री मैरिटल सेक्सू करें. शादी से पहले संयम बरतना जरूरी है. आइए जानें शादी और संयम के बारे में कुछ और दिलचस्प बातों को.

सगाई और शादी के बीच में संयम के बारे में कुछ और दिलचस्प बातें 

– सगाई के बाद लड़के और लड़की को आपस में एक-दूसरे से मिलना चाहिए और एक-दूसरे को जानना चाहिए, लेकिन इसके साथ ही उन्हें संयम बरतना भी जरूरी है.

– यदि शादी से पहले फिजीकल रिलेशन बनाने के लिए लड़का-लड़की में से कोई भी पहल करता है तो दूसरे को मना करना चाहिए नहीं तो इससे इंप्रेशन अच्छा नहीं पड़ता.

– दोनों को समझना चाहिए कि प्री मैरिटल सेक्स से पहले उन्हें आपस में एक-दूसरे को जानने-सूझने का मौका मिला है जिससे वे पहले एक-दूसरे की पसंद-नापसंद इत्यादि के बारे में जान पाएं.

– ये जरूरी है कि मिलने वाले समय को लड़के व लड़की को समझदारी से बिताना चाहिए न कि फिजूल की चीजों में खर्च करना चाहिए.

– शादी से पहले संयम बरतने से न सिर्फ दोनों के रिश्तों में मजबूती आती है बल्कि दोनों का एक-दूसरे पर विश्वास भी बना रहता है. इसके साथ ही संबंधों में अंतरंगता का महत्व भी बरकरार रहता है.

– प्रीमैरिटल सेक्स में हालांकि कोई बुराई नहीं लेकिन दोनों के रिश्ते पर शादी के बाद मनमुटाव का ये कारण बन सकता है.

– रिश्तों में खुलापन जरूरी है. चाहे तो शादी से पहले आप चीजों को डिस्कस कर सकते हैं. एक-दूसरे के साथ समय व्यतीत कर सकते हैं. एक-दूसरे के साथ घूम-फिर सकते हैं लेकिन इसके लिए जरूरी नहीं कि फिजीकल रिलेशन ही बनाया जाए.

– शादी से पहले फिजीकल रिलेशन से रिश्तों में अवसाद पैदा होने की संभावना बनी रहती है क्योंकि इसके बाद हर समय मन में एक डर और बैचेनी रहने लगती है. इसीलिए इन सबसे बचना जरूरी है.

– सेक्ससुअल रिलेशंस आपके रिश्ते में करीबी ला भी सकते हैं और दूरी बढ़ा भी सकते हैं इसीलिए कोई भी कदम उठाने से पहले सोच-समझ कर विचार करना आवश्यक है.

शादी से पहले संयम बरतने में कोई नुकसान नहीं है बल्कि रिश्तों की मजबूती के लिए यह अच्छा है.

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