गृहशोभा विशेष

पार्टी खत्म होते ही कावेरी हमेशा की तरह मुंह फुलाए पति संदीप के आगेआगे चलने लगी. कार में बैठते ही उस ने संदीप के सामने सवालों की झड़ी लगा दी, ‘‘मिसेज टंडन जब भी मिलती हैं, तब आप को देख कर इतना क्यों मुसकराती हैं? टंडन साहब के सामने तो वे मुंह बनाए रखती हैं… नेहा ने आप को मिस्टर हैंडसम क्यों कहा और अगर कह भी दिया था तो आप को क्या जरूरत थी सीने पर हाथ रख मुसकराते हुए सिर झुकाने की? और ये जो आप की असिस्टैंट सोनाली है न उस की तो किसी दिन उस के ही घर जा कर अच्छी तरह खबर लूंगी. अपने हसबैंड को घर छोड़ कर पार्टी में आ जाती है और बहाना यह कि उन की तबीयत ठीक नहीं रहती. दूसरों के पति ही मिलते हैं इसे चुहलबाजी करने के लिए?’’ कावेरी का बड़बड़ाना लगातार जारी था.

2 साल पहले कावेरी की शादी हुई थी तो संदीप जैसे स्मार्ट और हैंडसम पति को पा कर उस के पांव जमीन पर नहीं टिकते थे. मगर कुछ दिनों बाद ही उस की सारी खुशी हवा हो गई. अब संदीप के इर्दगिर्द किसी महिला को देख तिलमिला उठती है. असुरक्षा की भावना से घिर कर संदीप से ही झगड़ा करने लगती है.

कावेरी की ही तरह नताशा भी अपने पति रितेश की स्मार्टनैस को अपनी सौतन समझने लगी है, क्योंकि रितेश की स्मार्टनैस ने उस का चैन छीन लिया है. उसे लगता है कि रितेश अपने स्मार्ट होने का फायदा उठा रहा है. कोई चाहे कुंआरी हो या शादीशुदा सब से मेलजोल बढ़ाता है.

नताशा तो रितेश को किसी महिला से बात करता देख सब के सामने ही झगड़ना शुरू कर देती है. अपनी इज्जत बचाने की खातिर रितेश अपने मित्रों  की पत्नियों द्वारा की गई ‘हैलो,’ ‘नमस्ते’ का जवाब देने से भी कतराता है. जब वह नताशा के साथ होता है तो उसे बेहद सतर्क रहना पड़ता है. नताशा के बेबुनियाद शक ने रितेश की सोशल लाइफ लगभग समाप्त कर दी है.

नताशा और कावेरी की तरह ही न जाने ऐसी कितनी पत्नियों के उदाहरण मिल जाएंगे जो अपने पति पर किसी महिला की नजर केवल इसलिए सहन नहीं कर पातीं कि उन का पति उन के मुकाबले अधिक आकर्षक दिखाई देता है. ऐसे में किसी भी महिला के करीब आने का दोषी वे पति को भी मानते हुए उस पर शक करने लगती हैं.

संदेह के दुष्प्रभाव

दांपत्य जीवन तनावग्रस्त: कोई भी पति अपनी पत्नी द्वारा बिना वजह लगाए गए लांछन सहन नहीं करेगा. इस का परिणाम यह होगा कि दोनों के बीच लड़ाईझगड़े होते रहेंगे. ऐसे में दांपत्य जीवन में प्रेम व शांति के स्थान पर तनाव हावी हो जाएगा.

आत्मविश्वास में कमी: यदि पतिपत्नी आत्मविश्वास से लबरेज होंगे तो दोनों का मन खुश रहेगा और वे एकदूसरे के साथ सुखद समय व्यतीत कर पाएंगे. किंतु पत्नी द्वारा बेबुनियाद शक पति के आत्मविश्वास में कमी ले कर आएगा. वह समझ ही नहीं पाएगा कि उस ने क्या गलत किया जो क्लेश का कारण बन गया. पत्नी भी स्वयं को अन्य महिलाओं की तुलना में हीन आंक कर कुंठाग्रस्त हो जाएगी.

बच्चों की मानसिकता पर प्रभाव: बच्चों की उचित देखभाल के लिए मातापिता में समयसमय पर सलाहमशवरा बेहद जरूरी है, किंतु निरंतर शक के कारण पतिपत्नी के बीच बढ़ी दूरी बच्चों के विषय में चर्चा करने के अवसर न दे कर आपस के निराधार मसले सुलझाने को बाध्य करती रहेगी, जिस से बच्चों की मानसिकता प्रभावित होगी.

सामाजिक मेलजोल में कमी: बेकार का शक पति को किसी भी सामाजिक समारोह में जाने से रोक देगा. वह इस बात से डरता रहेगा कि किसी भी महिला का उस की और मुसकरा कर देखना घर में तूफान ला सकता है. इसी तरह पत्नी भी सोशल गैदरिंग से बचने लगेगी. पति का हैंडसम होना उस की नजरों में अपने लिए एक नई परेशानी खड़नी करने जैसा हो जाएगा.

पति लेने लगता है झूठ का सहारा: शक के कारण कुछ पत्नियां औफिस तक पति का पीछा करती हैं. वहां वह किस महिला सहकर्मी को कितनी अहमियत देता है, किसकिस के साथ हंस कर बातें करता है तथा अपनी सैके्रटरी के साथ कितना समय बिताता है, इन सब बातों की जानकारी बातोंबातों में पति से लेती रहती हैं. आपस में किसी भी बात पर जब जरा सी भी बहस होती है तो वे उन सब के नाम पति के साथ जोड़ कर उसे नीचा दिखने लगती हैं. परेशान हो कर धीरेधीरे पति सबकुछ सच न बता कर झूठ बोलने लगते हैं.

आत्महत्या की नौबत: लखनऊ में एक भूतपूर्व सैनिक ओमप्रकाश की पत्नी को शक रहता था कि उस के पति का किसी अन्य महिला के साथ अनैतिक संबंध है. पति ने इस बेबुनियाद शक को दूर करने का पूरापूरा प्रयास किया. मगर पत्नी का शक दूर न कर पाया तो खुद को गोली मार कर उस ने अपना जीवन समाप्त कर लिया.

स्वयं को समाप्त कर देने का विचार पतिपत्नी के मन में आए या न आए, किंतु यह तो सत्य है कि संदेह से जन्मा क्लेश दांपत्य जीवन को नर्क अवश्य बना देता है. जब मन में संदेह के बीज पनप रहे हों तो पत्नी को ये बातें ध्यान में रखनी चाहिए.

एक स्मार्ट पति पा कर पत्नी को खुश होना चाहिए. यदि ऐसे व्यक्ति ने उसे पसंद किया है तो यकीनन उस में कुछ खासीयत तो होगी ही. इस बात को वह मन में बैठा ले तो स्वयं को किसी से कम नहीं आंकेगी और तब पति का किसी महिला से बात करना उसे नहीं खलेगा.

पति के हैंडसम होने पर हीनभावना से ग्रस्त होने के बजाय पत्नी को चाहिए कि वह अपने सौंदर्य को निखारने का प्रयास करे. इस के लिए विभिन्न पत्रपत्रिकाओं व यूट्यूब के माध्यम से मेकअप के नएनए टिप्स जान कर उन्हें अपनाया जा सकता है. भिन्नभिन्न प्रकार के नएनए ब्यूटी प्रोडक्ट्स बाजार में व औनलाइन उपलब्ध हैं, जिन की मदद से खुद को आकर्षक बनाया जा सकता है.

अपने पति के आसपास मंडराती हुई महिलाओं की ओर मुंह फुला कर देखते हुए पति को मन ही मन कोसने से अच्छा है कि उन महिलाओं से खुल कर हंसते हुए बातचीत करने का प्रयास किया जाए. इस प्रकार घुलनेमिलने से वे महिलाएं एक पारिवारिक मित्र की तरह लगने लगेंगी.

अपने गुणों को पहचान कर उन्हें निखारना शुरू करें. मसलन, यदि पत्नी खाना अच्छा बनाती है तो मेहमानों, अपने व पति के मित्रों के आने पर नईनई डिशेज बना कर खिला सकती है. जब उस के स्वादिष्ठ खाने की चर्चा सब के बीच होगी तो वह स्वयं को उच्चतर महसूस करेगी. इसी प्रकार आवाज अच्छी होने पर किसी भी गैटटूगैदर में गाना गाने में हिचक महसूस न करें.

यदि संदेह से घिरी पत्नी टच में रहना ही चाहती है, तो पति की महिलामित्रों की जानकारी देने वाले लोगों के स्थान पर अच्छीअच्छी पत्रिकाओं, ज्ञानवर्धक व मनोरंजक वैबसाइट्स तथा व्हाट्सऐप पर अपने पुराने दोस्तों के टच में रहे. इस से नईनई जानकारी मिलने से उस की पर्सनैलिटी में निखार आएगा तथा मन खुश रहने से तनाव भी नहीं होगा.

इसी तरह अपनी पत्नी के शक्कीमिजाज का सामना करने के लिए पति भी रखे इन बातों का ध्यान:

पत्नी द्वारा बिना वजह शक व्यक्त किए जाने पर स्वयं को नियंत्रित रखें. गुस्से में या चिल्ला कर जवाब देने से पत्नी को लगेगा कि पति उसे कोई महत्त्व ही नहीं देना चाहता. यदि पत्नी सब के सामने झगड़ा करने लगे तो वहां चुप रह कर उसे बाद में समझाए और एहसास करवाए कि  वह सब के सामने उसे बेइज्जत नहीं करना चाहता. शक से घिरी पत्नी को पति से मिला सम्मान अपना नजरिया बदलने में मदद करेगा.

पत्नी की प्रशंसा करने में कंजूसी न करें. जब वह कुछ नया पहने या बाहर जाने के लिए तैयार हो तो तारीफ के 2 बोल जरूर बोलें.

पत्नी को समयसमय पर याद दिलाते रहना चाहिए कि शारीरिक सौंदर्य ही सबकुछ नहीं है. पत्नी के कुछ खास गुणों की तारीफ करते हुए कहें कि उस में सच में ऐसे गुण हैं, जो उस ने आज तक किसी भी सुंदरी में नहीं देखे.

समयसमय पर पत्नी के साथ घूमने का कार्यक्रम बनाएं. कभी रैस्टोरैंट में डिनर आदि का तो कभी वीकैंड पर आसपास की जगह जा कर 1-2 दिन बिताने का. वहां मस्ती के मूड में डूब कुछ तस्वीरें खींच कर फेसबुक पर पोस्ट की जा सकती हैं या व्हाट्सऐप स्टेटस के रूप में भी डाली जा सकती हैं. यदि कैप्शन ‘माई लवली वाइफ ऐंड आई’ जैसी हो तो सोने में सुहागा हो जाएगा.

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