आज की अव्यवस्थित जीवनशैली की वजह से अधिकतर लोग कम उम्र में ही मोटापे के शिकार हो जाते हैं. जिस का पता उन्हें बाद में लगता है. मोटापा कैरियर से ले कर दैनिक जीवन पर हावी हो जाता है. अगर शुरू में ही इस को काबू कर लिया जाए तो इसे बढ़ने से रोका जा सकता है.

यह केवल आप की फिटनैस को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि आप के रहनसहन, कामकाज के ढंग और फिगर को प्रभावित करने के साथसाथ कईर् बीमारियों को आमंत्रित भी करता है.

इस बारे में मुंबई के ग्लोबल हौस्पिटल की बैरियाट्रिक सर्जन डा. अपर्णा गोविल भास्कर कहती हैं कि मोटापे के कई कारण होते हैं, कुछ लोगों में बचपन से मोटापे की प्रवृत्ति होती है, तो किसी में यह वंशानुगत होता है.

क्यों बढ़ता है मोटापा

–       पहले खानेकमाने के लिए लोगों को अधिक मेहनत करनी पड़ती थी. ऐसे में जो फैट शरीर में रहता था, उस का उपयोग होता था. लेकिन आज लोगों को खाना कम शारीरिक परिश्रम से मिलता है, इसलिए जमा फैट का इस्तेमाल नहीं होता और उस की लेयर बढ़ती जाती है.

–       हर काम आज मशीन से होता है, शारीरिक मेहनत कम हो गई है. भूख लगने पर खाना आसानी से आसपास या मोबाइल से और्डर कर मंगा लिया जाता है.

–       जंक फूड का क्रेज ज्यादा बढ़ गया है.

–       किसीकिसी का वजन ही 80 किलोग्राम का होता है, जो जैनिटिकली होता है, उस का वजन या फैट कम होना मुश्किल होता है.

नियंत्रित करने के तरीके

–       मोटापे पर नियंत्रण का सब से आसान तरीका हैल्थी डाइट लेना है.

–       फिजिकल ऐक्टिविटी को बढ़ाना है.

–       8 से 10 किलोग्राम वजन डाइट और लाइफस्टाइल बदल कर कम किया जा सकता है. इस के लिए किसी डाइटीशियन से मिलें.

–       अगर बौडी मास इंडैक्स 35 से ऊपर हो और डाइट व जीवनशैली के बदलने पर भी वजन कम नहीं हो रहा हो या बारबार घटबढ़ रहा हो, तो बैरियाट्रिक सर्जरी करानी पड़ती है. यह सर्जरी दूरबीन से की जाती है, जिस में 2 घंटे का समय लगता है.

नौन सर्जिकल थेरैपी

मोटापा कम करने के लिए कुछ नौन सर्जिकल थेरैपी भी हैं, जो काफी हद तक आप के मोटापे को कम कर सकती हैं.

–       बैलेंस्ड डाइट के साथसाथ यू लाइपो मशीन का प्रयोग किया जाता है, जो फैट सेल्स को ब्रेक करती है और धीरेधीरे पेट या शरीर की चरबी को कम करती है.

–       क्रायो थेरैपी उन लोगों के लिए अधिक उपयोगी है जिन्हें मोटापे के साथसाथ घुटने या स्पाइन का दर्द हो, जिस की वजह से वे अधिक व्यायाम नहीं  कर सकते, बिना व्यायाम यह वजन को कम कर सकती है.

–       इस के अलावा इलैक्ट्रिक मसल्स स्टीमुलेटर एक मशीन है, जो मसल्स को स्टीमुलेट करती है जिस से मैटाबोलिक रेट बढ़ता है और फैट कम होता है. इस का कोई साइड इफैक्ट नहीं होता.

मेहनत करें, पसीना बहाएं, व्यायाम करें, घी, तेल, मसाले, मक्खन, चीनी, चावल व मैदा से परहेज करें. नहीं तो तोंद बढ़ती रहेगी और मित्रों या औफिस में यों ही आप मजाक के पात्र बनते रहेंगे. दांपत्य जीवन में भी इस का असर पड़ता है. सैक्सलाइफ में मोटापा सब से बड़ी रुकावट है. इसलिए हमेशा फिट व हिट रहें.