गृहशोभा विशेष

लोग तो 1 बच्चा संभाल नहीं पाते आप 3 को कैसे संभालती हैं?

पुराने दिन याद न दिलाओ तो अच्छा ही है. मैं ने तीनों को संभालने के लिए रातें जागजाग कर बिताई हैं. जब बेटे को चुप कराती थी तो बेटी शुरू हो जाती थी. जब ये दोनों सो जाते थे तो दूसरी बेटी रोना शुरू कर देती थी.

इतनी व्यस्त रहने के बाद भी बच्चों को समय दे पाती हैं?

कोशिश करती हूं कि काम के साथसाथ उन्हें भी समय दे सकूं. जब तीनों छोटे थे तो मैं चुपचाप घर से निकल जाती थी, लेकिन अब जैसे ही मैं ड्रैसिंगटेबल के सामने खड़ी होती हूं तो तीनों एकसाथ पूछते हैं कि कहां जा रही हैं? कब आएंगी?

क्या ऐसा होता है कि एक रोता है तो उस का जुड़वां भी रोता है?

ऐसा फिल्मों में होता है. मेरे तीनों बच्चों के चेहरे और स्वभाव अलगअलग हैं. बेटा शांत स्वभाव का है तो छोटी बेटी बड़ी बातूनी है और बड़ी को सब से मतलब रहता है, वह मेरी क्लास लेती रहती है.

तीनों में छोटेबड़े का निर्धारण कैसे किया?

तीनों में 1-1 मिनट का अंतर है. जिस का जन्म सब से पहले हुआ वह बड़ा हो गया और जो सब से बाद में वह सब से छोटा. उन तीनों में भी छोटेबड़े को ले कर लड़ाई होती रहती है.

शिरीष से मिलने के बाद सब से बड़ी उपलब्धि?

शादी के पहले इतनी मोटी नहीं थी. अब ज्यादा हो गई हूं. मेरे बच्चे मेरी सब से बड़ी उपलब्धि हैं, क्योंकि ये बिना शादी के तो मिल नहीं सकते थे.

इतने सारे कामों के लिए ऐनर्जी कहां से लाती हैं?

मत पूछो. पहले तो खाने से लाती थी और अब आप लोगों के प्यार से. मैं खाने की बहुत शौकीन हूं. कुछ दिनों पहले तक तो मैं जब भी शूटिंग पर आती थी, तो मेरे साथ चलतीफिरती किचन जैसा खाने का टिफिन होता था. उस में इतना खाना होता था कि कई लोग मेरे साथ खाते थे. लेकिन आजकल मैं नौनग्लूटामेट मील ले रही हूं, क्योंकि बढ़ते वजन को रोकना जरूरी है.

बिंदास बोल

52 बसंत देख चुकी फराह खान हनी ईरानी की भतीजी और निर्देशक साजिद खान की बहन हैं. फिल्म ‘जो जीता वही सिकंदर’ से एक कोरियोग्राफर के रूप में अपना कैरियर शुरू करने वाली फराह खान अपने बिंदास अंदाज के लिए बौलीवुड में बहुत फेमस हैं.

सलामत रहे दोस्ताना हमारा

जब फराह ने फिल्म ‘मैं हूं ना’ बनाई थी तभी उन की शाहरुख के साथ दोस्ती हुई थी. इस के बाद बौलीवुड में दोनों की दोस्ती की मिसालें दी जाने लगीं. लेकिन संजय दत्त की पार्टी में शाहरुख द्वारा उन के पति शिरीष की पिटाई के बाद इस दोस्ती में दरार आ गई लेकिन अब फराह कहती हैं कि उन दोनों के बीच की गलतफहमियां दूर हो गई हैं और वे आज भी अच्छे दोस्त हैं.

न उम्र की सीमा हो

फराह और शिरीष की लव स्टोरी किसी फिल्म से कम नहीं है. फराह मुसलिम है और शिरीष हिंदू. दोनों की उम्र में भी काफी अंतर है. लेकिन प्यार उम्र और धर्म नहीं देखता. ये दोनों जब मिले थे तब इन्हें देख कर कोई नहीं कह सकता था कि ये कभी एकदूसरे की जिंदगी के पार्टनर बन जाएंगे. फिल्म ‘मै हूं ना’ के सैट पर दोनों को झगड़ते देख लोगों को तो यह भी विश्वास न था कि ये दोस्त भी बनेंगे. लेकिन शिरीष ने फराह को प्रपोज किया. उस समय फराह 32 साल की थीं और शिरीष 25 साल के. इस के बाद दोनों ने 2004 में शादी कर ली. 2008 में फराह को एकसाथ तीन बच्चे हुए.

कैरियर

5 बार सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफी का फिल्मफेयर पुरस्कार अपने नाम कर चुकीं फराह  की निर्देशक के तौर पर पहली फिल्म ‘मैं हूं ना’  बौक्स आफिस पर सुपरहिट रही. उन की दूसरी फिल्म ‘ओम शांति ओम’ ने अपनी रिलीज के दौरान सब से ज्यादा कमाई की और फिल्म देश के साथसाथ विदेशों में भी खूब सराही गई. कुछ फ्लौप फिल्मों के बाद फिल्म ‘हैप्पी न्यू ईयर’ बड़ी हिट साबित हुई जोकि एक लंबी स्टारकास्ट वाली फिल्म थी और एक बार फिर फिल्म के मुख्य अभिनेता शाहरुख खान ही थे. एमटीवी वीडियो म्यूजिक अवार्ड्स के लिए फराह ने कोलंबियन पौप स्टार शकीरा के गाने ‘हिप्स डोंट लाई’ के बौलीवुड वर्जन के लिए उन्हें प्रशिक्षित किया. उन्होंने फिल्म ‘ब्लू’ के ‘चिगीविगी…’ गाने के लिए काइली मिनोग को भी कोरियोग्राफ किया.

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