गृहशोभा विशेष

फर्स्ट डेट बहुत उत्साहपूर्ण व महत्त्वपूर्ण होती है. कई बार बहुत से संदेह मन में होते हैं कि मिलने पर आलिंगनबद्ध हों या हाथ मिलाएं या कभीकभी बातचीत के दौरान असहज सी चुप्पी पसर जाती है. समझ नहीं आता अब क्या बात करें. उस असहजता में भी उत्साह होता है. पर कुछ चीजें फर्स्ट डेट पर पुरुषों को अकसर पसंद नहीं आती. इसलिए डियर फ्रैंड्स, फर्स्ट डेट पर जाते समय इन बातों का ध्यान जरूर रखें :

ऐसा नहीं है कि फर्स्ट डेट ‘नो फोन जोन’ है, पर यदि आप का फोन लगातार बज रहा है और हर मैसेज का जवाब देने से आप खुद को रोक नहीं पा रही हैं तो आप को समस्या हो सकती है. लगातार फोन पर मैसेज करते रहना या अपनी सहेलियों के हर फोन पर बात करना आप की डेट की सफलता के लिए मुश्किल पैदा कर सकता है.

हो सकता है आप का कोई दुखद अतीत हो पर कुछ चीजें फर्स्ट डेट पर कोई जानना नहीं चाहेगा. वह नहीं जानना चाहेगा कि आप को पहले कैसे प्रपोज किया गया था या आप उसे कितना याद करती हैं. पिछले अनुभवों को कभी बाद के लिए बचा कर रखें.

यह मान कर न चलें कि कि आप के साथ बाहर जाने वाला लड़का ही बिल का भुगतान करेगा, क्योंकि वह एक पुरुष है. हमेशा बिल पे करने का औफर करें या शेयर करने की बात करें, इस से आप का सम्मान कम नहीं होगा.

कुछ पुरुष बिल पे करने का औफर करते हैं, स्त्रियों पर अपनी सुपीरियौरिटी दिखाने के लिए नहीं, बल्कि इसलिए कि उन्हें इस समय होस्ट बनना अच्छा लगता है. हर जगह सैक्सिज्म न ढूंढ़ें. वह आप के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहता है, इसलिए नहीं कि आप महिला हैं, बल्कि इसलिए कि आप उस की दोस्त हैं. पुरुषों को भी कई बार बहुत जल्दी गलत समझ लिया जाता है. बहुत जल्दी में कोई फैसला न करें.

आप महिलाओं के समान अधिकारों को सपोर्ट करती हैं, बहुत अच्छी बात है पर फर्स्ट डेट पर इसे बहस का विषय बनाने की जरूरत नहीं है. सब को इस विषय पर डिबेट करने का शौक नहीं होता. फर्स्ट डेट एकदूसरे को जानने के लिए होती है, कुछ अच्छा समय साथ बिताएं. महिला सशक्तीकरण विषय पर बहस कर यह समय खराब न करें.

लड़कियां अकसर फर्स्ट डेट पर जाते समय अपनी किसी सहेली को साथ ले कर जाती हैं क्योंकि वे नर्वस होती हैं. आप यह न करें.

सिर्फ अपने बारे में ही बात न करती रहें, जो महिला सिर्फ अपने बारे में ही बात करती रहती है, किसी और की बात सुनती ही नहीं, उन्हें कम ही पसंद किया जाता है. सेल्फ औबसैशन फर्स्ट डेट के लिए बुरी चीज है.

आप अभी मिले हैं, दूसरी बार डेट का पता नहीं है, और आप विवाह की योजना और बच्चों के बारे में बात करने लगें, तो यह मूर्खता है.

कई विषयों पर डिस्कस करना अलग चीज है. सिर्फ अपने विचारों को ही महत्त्वपूर्ण मान कर बहस न शुरू कर दें. बहस करने और अपनी राय देने में एक बारीक सी सीमारेखा है, इस का ध्यान रखें.

जैसे आप को लड़की समझ कर मिले कमैंट्स पर गुस्सा आता है, वैसे ही लड़कों की भावनाओं को भी समझें. उन का किसी बात पर मजाक न उड़ाएं.

पहली बार किसी से मिलना, बैठ कर बातें करना जीवन के अगले बड़े कदम पर भी प्रभाव डालता है. साफ, सकारात्मक सोच के साथ हलकेफुलके माहौल में अपना समय अच्छी तरह से बिताएं. अगर यह रिश्ता सफल होता है तो इस की यादें ताउम्र आप को एक मिठास से भरती रहेंगी. कुछ गलतियों से अनजाने में इसे खो न दें. यह जीवन के एक प्यारभरे सफर की शुरुआत भी हो सकती है.

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