कहीं आप को भी सैल्फी लेने की लत तो नहीं है? कुछ विशेष पलों को यादगार बनाने वाली सैल्फी आप की जान को खतरा तो नहीं पैदा कर रही? एक अध्ययन के अनुसार, सैल्फी लेने की लत घातक हो सकती है.

कारनेग मैलन यूनिवर्सिटी और अन्य संस्थानों के अध्ययनकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन ‘मी, माईसैल्फ ऐंड माई किल्फी : कैरेक्टराइजिंग ऐंड प्रीवैंटिंग सैल्फी डैथ्स’ के अनुसार, 2014 में दुनियाभर में सैल्फी के कारण हुईं 127 में से अकेले भारत में 76 मौतें हुई. ये मृतक खतरनाक जगहों पर सैल्फी ले रहे थे.

10 जनवरी, 2016 को बैंडस्टैंड, मुंबई में सैल्फी लेते हुए 3 युवतियां समुद्र में बह गईं, एक व्यक्ति ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उस की भी मृत्यु हो गई. अगस्त 2016 में महाराष्ट्र की ही 27 वर्षीया एक वकील की पुणे के पास मंदोषी घाट पर अपने पति के साथ सैल्फी लेते हुए गिर कर मृत्यु हो गई. नवंबर में लायंस पौइंट, लोनावाला पर 25 वर्षीय एक युवक की सैल्फी लेते हुए मृत्यु हो गई.

2015 में भी सैल्फी के कारण कई मौतें हुईं. आगरा के पास सामने से आती हुई ट्रेन के सामने पोज बनाते हुए कुछ विद्यार्थियों की मृत्यु हो गई. इसी वर्ष नागपुर में नौका पर सैल्फी लेते हुए 7 युवक डूब गए. एक जापानी युवक की भी ताजमहल पर सैल्फी लेते हुए गिरने के बाद सिर में लगी और चोट से मृत्यु हो गई थी.

एक अध्ययन के अनुसार, विश्वभर में सैल्फी से हुई मौतों का एक सामान्य कारण है, किसी बिल्डिंग या पहाड़ से नीचे गिरना. इस कारण से अब तक 29 जानें गई हैं. इस के बाद सैल्फी के चक्कर में 11 मौतें हुईं.

कुछ जगहों पर तो सैल्फी स्टिक को बैन ही कर दिया गया है, जैसे, कांस फिल्म फैस्टिवल, विंगल्डन, द कोलोसियम, रोम, कई थीम पार्क्स, द नैशनल गैलरी, लंदन, द गगेनहेम, न्यूयौर्क में द मैट्रोपोलिटन म्यूजियम औफ आर्ट, पैलेस म्यूजियम, बीजिंग, कोशैला म्यूजिक फैस्टिवल और बुल्स फैस्टिवल, स्पेन.

दांव पर जान

मुंबई के एवार्ड औफिसर किरण दिघवकर का कहना है कि मार्च 2017 में सीएसटी और बीएमसी बिल्डिंग के बाहर स्पैशल जगह बनाई जाएगी, सैल्फी जोन, क्योंकि भारत में यहां काफी सैल्फी ली जाती हैं. यह उचित रैलिंग वाली जमीन से 5 फुट ऊपर बनेगी.

क्या आप ने ब्रैगी बैन सुना है? ब्रैगी किसी खूबसूरत लोकेशन पर या जिम में हैवीवेट उठाते हुए सैल्फी है जो दोस्तों और परिवार को चिढ़ाने के लिए ली जाती है. दक्षिण फ्रांस में तो एक टूरिस्ट बीच को नो ब्रैगी जोन बना दिया गया है.

रेलवे प्रोटैक्शन फोर्स द्वारा प्रस्तावित नए रेलवे ऐक्ट के अनुसार, ट्रेन के पास खतरनाक सैल्फी लेने वाले को 5 वर्षों की सजा हो सकती है. यह कदम युवाओं में बढ़ते सैल्फी क्रेज को रोकने के लिए उठाया गया है.  यह जीवन एक अमूल्य उपहार है, इसे सस्ता न समझें, इस का महत्त्व समझें. टैक्नोलौजी मानव विकास के लिए है. सैल्फी के चक्कर में पड़ कर, अपने व्यर्थ के शौक में अपने जीवन को दांव पर  न लगाएं.

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