2 बच्चे, न बाबा न. अमीर से अमीर परिवार भी 2 बच्चों के बीच की स्वाभाविक प्रतिद्वंद्विता से बच नहीं पाते और संपत्ति विवाद के तो न जाने कितने मामले अदालतों में लंबित हैं जो ज्यादातर भाइयों के द्वारा दर्ज कराए गए हैं. भाईबहन का रिश्ता वैसे तो बेहतर होता है पर शादी हो जाने के बाद दोनों की बौंडिंग कमजोर पड़ने लगती है और फिर शुरुआत होती है झगड़े की और संपत्ति विवाद की. एक अनुमान के अनुसार हमारे देश में लगभग 1 करोड़ मामले भाईबहन के बीच संपत्ति विवाद को ले कर चल रहे हैं. 

जानवरों में कैसा है यह रिश्ता: सैंड टाइगर शार्क के बच्चे गर्भाशय में ही तब तक एकदूसरे को मारते रहते हैं जब तक कि उन में से कोई एक जिंदा बचता. फायर सैलामैंडर गर्भाशय में जल्दी विकसित और स्वस्थ होने के लिए एकदूसरे को खाते हैं. इंसानों की तरह ही जानवरों में भाईबहन जीवित रहने के स्रोतों जैसे मांबाप की देखभाल, खाना, जगह और फीमेल पार्टनर के लिए आपस में प्रतियोगिता करते हैं. प्रतियोगिता और प्रतिद्वंद्विता का स्तर अलगअलग होता है जोकि कभीकभी तो हलकीफुलकी हिंसा के रूप में सामने आता है, तो कभी एकदूसरे की हत्या के रूप में.

नीले पैरों वाले बूबी पक्षियों में भाईबहन अकसर एकदूसरे के ऊपर चोंच से प्रहार कर के अपने गुस्से का प्रदर्शन करते हैं. उम्र में बड़े पक्षी खाने की कमी होने पर छोटे पक्षियों को खाना नहीं खाने देते. ऐसा लाफिंग गल्स पक्षी भी करते हैं जोकि अंडों की पहली खेप से बाहर आते हैं. कैटल एगरेट्स पक्षी तो इसीलिए जाने जाते हैं कि वे अपने भाईबहनों को तब मार डालते हैं जब उन के मातापिता बच्चों के लिए खाना जुटाने के लिए शिकार की तलाश में घोंसले के बाहर होते हैं. इन में से जो भी पक्षी पहले बड़ा हो जाता है वह अपने से छोटे पक्षी को मार कर घोंसले से बाहर गिरा देता है. ऐसा भी होता है: पक्षियों की दूसरी प्रजातियों में भाईबहन हिंसात्मक होने के बजाय चालाकी से काम लेते हैं और अपने लिए अधिक से अधिक खाना जुटा लेते हैं. अमेरिकन रोबिन पक्षी तेज आवाज में चहचहा कर अपने लिए ज्यादा खाना मांग लेते हैं. क्या इंसानों में भी मातापिता बच्चों को सशक्त बनाने के लिए उन के बीच प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देते हैं? कई पक्षी अपने बच्चों में बौंडिंग बढ़ाने और भेदभाव खत्म करने के लिए उन को समान मात्रा में खाना देते हैं.

धब्बेदार हाइना भाईबहन जन्म के कुछ मिनटों बाद ही एकदूसरे पर अपने गुस्से का प्रदर्शन करना शुरू कर देते हैं और यह सिलसिला कुछ दिनों तक ऐसे ही चलता है. वे ऐसा अपनेआप को ताकतवर प्रदर्शित करने के लिए करते हैं. लेकिन यदि खाने के लिए झगड़ा ज्यादा बढ़ जाए तो नौबत मरनेमारने तक की भी आ जाती है. सभी तरह की प्रतिस्पर्धाएं घातक तो नहीं होतीं पर इन का अंत कुछ इसी तरह से हो सकता है. स्तनपान ज्यादा करने के लिए जानवरों के छोटे बच्चों को धक्कामुक्की करते देखना तो आम बात है. इस तरह की प्रतिस्पर्धाओं में लगभग 43% बच्चे भूख की वजह से मर भी जाते हैं. अच्छे उदाहरण भी हैं: मधुमक्खी के छत्ते में सभी बहनें ही होती हैं. ये बहनें अपने से छोटी मधुमक्खियों के बड़ा होने तक, उन्हें खाना जुटाने और उन के परिपक्व होने तक में उन की सहायता करती हैं. वे लगातार छत्ते के बाहर अपने पंखों को फड़फड़ाती रहती हैं ताकि छत्ता गरम न हो. जब लारवा प्यूपा में बदल जाता है तो बड़ी मधुमक्खियां वैक्स की सहायता से इन को अपने बैड से बांध लेती हैं ताकि बच्चा बिना किसी रुकावट के बड़ा हो सके.

चूहे जैसे दिखने वाले कौमन श्रियू में भाईबहन इस बात का खास ध्यान रखते हैं कि हमेशा एकदूसरे के साथ ही रहें. ये खतरे के समय एकदूसरे की पूंछ में अपने दांतों को फंसा कर एक शिकंजा तैयार करते हैं ताकि एकदूसरे से अलग न हो सकें. झरने के मेढक जब टैडपोल होते हैं तभी से ही अपने भाईबहनों को पहचानना और याद रखना शुरू कर देते हैं. बाद में जब वे एकदूसरे के आसपास आतेजाते हैं, तो उस गु्रप से नहीं जुड़ते जिस से उन का कभी रिश्ता नहीं रहा, बल्कि अपने परिवार के साथ ही वक्त बिताते हैं. वफादारी भी: टरकी पक्षी वैसे ही होते हैं जैसाकि भाइयों को होना चाहिए. ज्यादातर प्रजातियों में मेल बर्ड बूढ़े होते ही अपने झुंड से अलग हो जाते हैं, लेकिन टरकी पक्षी अपने भाइयों के साथ बौंडिंग को मजबूत बनाते हैं. शिकार और खाने की व्यवस्था में एकदूसरे की सहायता करते हैं. अपने सब से प्रभावशाली भाई के लिए फीमेल पार्टनर को आकर्षित करने में भी टरकी पक्षी सहायता करते हैं, वह भी अपने लिए फीमेल पार्टनर ढूंढ़ने की चिंता किए बगैर.

एशियन स्मौल क्लैड ओटर के परिवार में 15 अलगअलग सदस्य हो सकते हैं. इस प्रजाति में भी बड़े सदस्य छोटे सदस्यों के विकास में सहायता करते हैं. मातापिता के जीवित रहने तक ये कभी अलगअलग नहीं होते. छोटे सदस्य बड़े सदस्यों के साथ मिल कर समूह की संरचना करते हैं और कभीकभी तो एकदूसरे का हाथ पकड़ कर चलते हैं ताकि एकदूसरे से अलग न हो सकें. ओटर भाईभाई ज्यादातर समय साथ मिलजुल कर बिताते हैं. यहां तक कि ये सोते भी समूह में हैं और जब इन को अपने सोने के घोंसले की जगह बदलनी होती है तो ये साथ मिल कर घास के घोंसले को खिसकाते हुए आगे बढ़ते हैं. कभीकभी फीडिंग के समय इन में झड़प भी हो जाती है.

पैरेग्राइन फालकोन पक्षियों की बौंडिंग बड़ी अनूठी होती है. ये न सिर्फ हवा में तैरते समय एकदूसरे के साथ खेलते हैं, बल्कि शिकार करना भी सीखते हैं. ऐसे में एक फालकोन शिकारी की भूमिका निभाता है और दूसरा शिकार की. इयरविग्स भी अपने भाईबहनों के प्रति वफादार होते हैं. फीमेल इयरविग 40-45 अंडे देती है और पूरे जाड़े के मौसम में इन के पास ही रहती है. मां अंडों की रक्षा करने के साथसाथ उन को चाट कर साफ भी रखती है और घोंसले में लाती रहती है. अंडे से पैदा होने के बाद बच्चा कुछ सप्ताह तक घोंसले में ही रहता है, चाहे वह बाहर जाने लायक ही क्यों न हो गया हो. ऐसे में जब मां घोंसले में न हो तो भाईबहन एकदूसरे का ध्यान रखते हैं और खाना मिलबांट कर खाते हैं.

आस्ट्रेलियन सोशल हंट्समैन स्पाइडर्स सिंगल मदर के साथ समूह में रहती हैं. साथ ही इन की संतानें भी पेड़ की छाल में बने घोंसलों में रहती हैं. इन में से बड़े भाईबहन बड़े और अच्छे शिकार को पकड़ कर लाते हैं और फिर सभी मिलबांट कर खाते हैं. ज्यादातर इंसानों की तरह हाथी भी एक बार में एक ही जन्म लेता है. जब हाथी की मां उस के आसपास न हो तो उस की बहन उस की देखभाल करती है. शेर भाईबहनों का अलगअलग गठबंधन बनाते हैं: बहनें ताउम्र साथ रहती हैं और इन के समूह को प्राइड्स कहते हैं जबकि भाई अलग संगठन बनाते हैं, जब उन को प्राइड्स के किसी दूसरे समूह को हराना हो. यदि कोई चिंपांजी अनाथ हो जाए तो उस से बड़ा चिंपांजी उसे गोद ले लेता है. ऐसा तब भी होता है जब मेलफीमेल चिंपांजी पार्टनर अपरिपक्व हों और उन के साथी बालबच्चेदार हों. क्या आप अपने परिवार वालों से झगड़ा कर रहे हैं? क्या आप खुश हैं