गृहशोभा विशेष

कुछ करगुजरने की इच्छा हो तो परिस्थिति कितनी भी कठिन हो, आप उसे कर ही लेते हैं, क्योंकि उस में होता है आप का आत्मविश्वास जो आप को आगे बढ़ने में मदद करता है. कुछ ऐसा ही कर दिखाया है मुंबई की ‘मिसेस मोस्ट ब्यूटीफुल बौडी’ की विनर डा. वर्षा श्ंिदे राणे ने, जो पिछड़े किसान परिवार की होने के बावजूद अपनी मंजिल पाने में समर्थ हुईं.

महाराष्ट्र के नांदेड़ की रहने वाली वर्षा 4 भाईबहनों में एक हैं. उन के लिए अवार्ड को पाना आसान नहीं था. 2 हजार प्रतिभागियों में से केवल 635 प्रतियोगी ही चुने गए थे. इस प्रतियोगिता का उद्देश्य फ्रैश टैलेंट को ग्लैमरवर्ल्ड में लाना था. प्रतियोगिता बहुत कठिन थी. वर्षा को तो यकीन नहीं हो रहा था कि उन्हें यह खिताब मिला है. टौप 10 में पहुंचने के बाद उन की चुनौती और अधिक बढ़ गई थी. अपने बारे में वे बताती हैं, ‘‘मैं और मेरी बहन बचपन से ही फैशन टीवी देखती थी. मैं छोटे से गांव नांदेड़ की हूं, पर मुझे फैशन बहुत पसंद था. मैं फिल्में बहुत देखती थी. हर शुक्रवार को जो भी नई फिल्म रिलीज होती थी, उसे देखती थी. मेरे अंदर बहुत पैशन था. 8वीं कक्षा में रहते हुए मुझे ‘बैस्ट स्माइल’ और ‘बैस्ट टीथ’ के पुरस्कार मिल चुके हैं.’’

वे आगे कहती हैं, ‘‘मेरे गांव में सिड्को की तरफ से बच्चों की हैल्थ जांच का एक अभियान चला था. सब से अच्छी हैल्थ वाले बच्चे को पुरस्कार दिया जाना था. उस दिन मैं स्कूल नहीं गई थी. मेरी एक सहेली ने मेरे नाम का एक पास ले लिया. यह जांच रविवार को होने वाली थी. मैं वहां गई और फर्स्ट चुन ली गई. इस के बाद मुझे मुंबई के सभी शहरों में से ‘बैस्ट टीथ’ के लिए चुना गया. ऐसा करतेकरते मेरा झुकाव इस ओर होने लगा. फिर मैं ने ‘डेलीवुड मिसेज इंडिया 2017’ की प्रतियोगिता के लिए औनलाइन फौर्म भरा और इस में शामिल हुई व खिताब जीता.’’

किसान परिवार से होने की वजह से वर्षा को कई प्रकार की बातों का सामना करना पड़ा. वे बताती हैं, ‘‘मेरी क्लास की कुछ लड़कियां कहती थीं कि उन के मातापिता तो इंजीनियर, डाक्टर और बड़ी पोस्ट पर काम करते हैं, जबकि मैं एक किसान की लड़की होने पर भी अच्छेअच्छे कपड़े कैसे पहनती हूं. लेकिन, मैं ने उन्हें कोई जवाब नहीं दिया. क्योंकि मेरे मातापिता ने कभी भी मुझे एहसास नहीं होने दिया कि मैं साधारण  हूं. उन्होंने मुझे हर तरह की आजादी दी और मैं अपने रंगरूप के हिसाब से अच्छेअच्छे कपड़े पहना करती थी.

‘‘मैं सोचती थी कि मैं कुछ अच्छा कर उन्हें खुशी दूंगी. 12वीं कक्षा पास करने के बाद मैं ने महाराष्ट्र के उद्रीर से आयुर्वेद में अपनी पढ़ाई पूरी की. उस दौरान तो केवल पढ़ाई में ही ध्यान दिया, लेकिन फिल्म देखने का शौक चलता रहा, क्योंकि मुझे फिल्मों से ही पहनावा, मेकअप, स्टाइल आदि का पता चलता था.’’

परिवार का सहयोग वर्षा को शुरू में नहीं मिला, क्योंकि परिवार वाले चाहते थे कि पढ़ाई पूरी कर वह अच्छी नौकरी करे. इसलिए उस ने कभी किसी से कुछ नहीं कहा. उसे डर था कि उस के मातापिता मौडलिंग के क्षेत्र में जाने से कहीं मना न कर दें. इसलिए पहली बार जिस दिन वे इवैंट में जाने वाली थीं, उस से एक दिन पहले उन्होंने मां को बताया कि उन्हें इवैंट में जाना है. मां ने थोड़े गुस्से के बाद, हां कर दी. लेकिन जब पुरस्कार मिला तो मातापिता दोनों खुश हो गए.

मौडलिंग की दुनिया के बारे में वर्षा का कहना है, ‘‘यहां काम मिलना मुश्किल होता है. साथ ही, महिलाओं के साथ इस इंडस्ट्री में शोषण भी अधिक होता है. हर विज्ञापन में महिला को दिखाया जाना बुरा नहीं है, लेकिन महिलाओं के बारे में लोगों की जो धारणा है, उसे बदलने की जरूरत है. डेलीवुड मिसेज इंडिया 2017 का खिताब जीतना मेरे लिए आसान नहीं था. बड़ेबड़े शहरों से कई महिलाएं आई थीं और वे काफी स्मार्ट भी थीं, लेकिन जब मेरा नाम आया तो मुझे खुद पर विश्वास नहीं हो रहा था.’’  वर्षा 4 साल के बच्चे की मां हैं. डिलीवरी के बाद उन्होंने स्वयं को फिट रखने के लिए काफी मेहनत की है. नियमित वर्कआउट करना, सही डाइट लेना आदि उन्होंने 1 साल तक किया है. वर्षा खुद एक डाक्टर हैं, इसलिए कब क्या खाना है, उन्हें पता है.

वे कहती हैं, ‘‘प्रैग्नैंसी के समय और डिलीवरी के बाद शरीर में कई बदलाव आते हैं. मैं ने डिलीवरी के बाद जिम जौइन किया, अपने लिए डाइट प्लान किया, इस से मैं अपने वजन को कंट्रोल कर पाई. इस के अलावा मैं ग्रीन टी, कम तेल वाला खाना खाती हूं.’’

मौडलिंग का अपना काम वर्षा अपने बच्चे के हिसाब से करती हैं. बच्चे की देखभाल उन की प्राथमिकता है. वर्षा का मानना है कि परिवार साथ हो तो महिला हर काम कर सकती है. वे एक नामचीन मौडल और ऐक्टर बनने की इच्छा रखती हैं.

डाक्टरी की पढ़ाई करने के बावजूद वर्षा का मौडल बनने का सपना कभी कम नहीं हुआ. वे प्रियंका चोपड़ा, ट्ंिवकल खन्ना, अक्षय कुमार को बहुत पसंद करती हैं. ट्ंिवकल खन्ना के ट्वीट्स वे रोज पढ़ती हैं. वे मौडलिंग के अलावा मराठी और हिंदी फिल्मों में काम करने की भी इच्छा रखती हैं.  वर्षा ने 21 दिसंबर, 2011 को डा. तुषार राणे से शादी की. उन की शादी अरेंज्ड थी. उन के पति कभी उन्हें किसी काम के लिए मना नहीं करते हैं, बल्कि हर काम में उन का साथ देते हैं.

वर्षा फैशनेबल हैं और हमेशा ब्रैंडेड कपड़े पहनना पसंद करती हैं. वे कहती हैं, ‘‘फैशन तो मैं ने स्कूल से ही शुरू कर दिया था. मुझे जो भी कपड़े पसंद आते थे, मैं बाजार से खरीद लाती थी. अब तो और भी नएनए फैशन को फौलो करती हूं. शौपिंग करने का मुझे बहुत शौक है. टैं्रडी चीजें बहुत खरीदती हूं. मैं फूडी हूं और हर तरह के फूड ट्राई करती हूं. समय मिले तो खाना भी बनाती हूं.’’

मौडलिंग के अलावा वर्षा को ट्रैवलिंग का शौक है. वे वर्ल्ड टूर कर हर जगह की संस्कृति से परिचित होना चाहती हैं. मराठी फिल्मों में वर्षा श्रेयस तलपडे़ और हिंदी में अक्षय कुमार के साथ अभिनय करने की इच्छा रखती हैं.

महिलाओं से उन का कहना है कि महिलाएं हर काम को शादी के बाद भी कर सकती हैं. उन्हें कभी यह नहीं सोचना चाहिए कि शादी के बाद सब खत्म हो गया है. अपने जीवन को अपने हिसाब से जीने में ही मजा है.

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