22 साल की उम्र में पार्ले एग्रो कंपनी के बोर्ड में निदेशक के रूप में शामिल हुईं शौना चौहान फिलहाल इस की सीईओ हैं. कंपनी के संस्थापक प्रकाश चौहान की बड़ी बेटी होने के नाते शौना ने बिजनैस का कार्यभार संभाला और धीरेधीरे अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कंपनी की मौजूदगी दोगुनी कर दी. स्वभाव से वर्कहोलिक और आत्मविश्वास से भरी शौना चौहान अपने बेटे जहान के लिए आदर्श मौम की भूमिका कैसे निभाती हैं, सहित और कईर् प्रश्नों के जवाब जानते हैं उन्हीं से:

भारत में उद्यमी महिलाओं की स्थिति के संबंध में क्या कहेंगी?

भारत में लोगों ने महिलाओं के बारे में गलतफहमियां पाल रखी हैं. जब आप किसी उद्यमी के बारे में बात करते हैं, तो ज्यादातर लोग किसी पुरुष के बारे में ही सोचते हैं, जबकि आज अनेक महिलाएं अपना खुद का बिजनैस चला रही हैं.

अनेक महिला उद्यमी व कार्यशील महिलाएं ऐसी हैं, जिन के पास अच्छी नौकरी व अच्छी इनकम है और उन का सम्मान भी है. यह महत्त्वपूर्ण नहीं है कि कोई महिला, फैमिली बिजनैस में आती है या नहीं, बल्कि माने यह रखता है कि महिलाओं में निवेश किया जाए और उन की क्षमताओं को कम कर के न आंका जाए. वास्तव में महिलाओं  के बारे में सोच बदलने की जरूरत है ताकि हम दूसरों के अनुसरण के लिए मिसाल कायम कर सकें. महिलाओं की शक्ति को कभी कम नहीं समझना चाहिए.

आप के लिए टाइम मैनेजमैंट का फंडा क्या है?

जीवन के  हर क्षेत्र में कामयाबी के लिए वक्त की कीमत समझना हर किसी के लिए बहुत जरूरी है. वक्त बरबाद करने वाले ही अपनी पहचान कायम नहीं कर पाते. कारगर योजना, लक्ष्य व उद्देश्य तय करना, समयसीमा निर्धारित करना, कार्यों की प्राथमिकता तय करना आदि कुछ बुनियादी नियम हैं, जो अपने समय को सही ढंग से मैनेज करने के लिए मैं अपनाती हूं.

हमारे कर्मचारियों को उन का टाइम सही मैनेज करने में मदद के लिए हम 8.30 बजे सुबह काम शुरू करते हैं और 5 बजे शाम बंद कर देते हैं  ताकि उन्हें काम व जीवन के  बीच सही तालमेल बनाए रखने में मदद मिलती रहे.

बच्चे के साथ कितना टाइम बिता पाती हैं?

स्कूल के बाद मेरा बेटा, जहान सीधा औफिस चला आता है, जहां वह खेलता है और मस्ती करता है. शाम के वक्त हम साथ होते हैं. वीकैंड उसी के लिए होता है. उस समय मेरे अंदर छिपा बचपन बाहर आ जाता है. हम हर बार कुछ न कुछ नया आजमाते हैं. हम स्विमिंग या दूसरी आउटडोर गतिविधियां करते हैं. कुछ खास वीकैंड्स पर हम शहर से बाहर सैर पर चले जाते हैं.

बच्चे के जीवन से जुड़े फैसले लेते वक्त किन बातों का खयाल रखती हैं?

मैं यह ध्यान रखती हूं कि सिद्धांतों व मूल्यों से कोई समझौता न हो. मेरे फैसले सही या गलत पर आधारित होते हैं. मैं बच्चे पर अपना फैसला थोपना पसंद नहीं करती वरन उसे वजह समझाती हूं और फैसला उसी पर छोड़ देती हूं.

पति की कितनी मदद मिलती है?

पति ने मेरे हर काम में हमेशा मेरी मदद की है. हम दोनों ही अपने काम को ले कर जनूनी हैं. हम समझते हैं कि अभी हमें अपने काम को प्राथमिकता देनी चाहिए और यही समझ हमें बैलेंस बनाने में मदद करती है. यदि मैं काम की व्यस्तता में कुछ भूल जाऊं या वे कुछ भूल जाएं तो हम इसे मैच्योर व समझदार वयस्कों की तरह सुलझाते हैं.

आप की जिंदगी का सब से खूबसूरत पल?

बचपन में डैड के साथ माथेरान में हौर्स राइडिंग के लिए जाना मेरी एक सब से यादगार मैमोरी है. माथेरान में एक ‘वन ट्री हिल’ जगह है. छुट्टियों के दौरान हर सुबह और शाम को हम अपने होटल से ‘वन ट्री हिल’ तक राइडिंग करते थे. अपने पिता के साथ उस जगह की कुदरती खूबसूरती के आनंद को मैं कभी नहीं भूल सकती.