अश्विनी काफी अपसेट थी. अविनाश ने जब उस से कई बार पूछा तो आखिर उस ने रोतेरोते बताया कि जानते हो, पापा ने मेरे लिए लड़का देखा है. कल हमारा रिश्ता भी पक्का होने वाला है. अविनाश ने उस से कहा कि अरे, यह तो खुशी की बात है. इस में रोने की क्या जरूरत है? तुम्हें तो हमें मिठाई खिलानी चाहिए. अश्विनी नाराज हो कर बोली कि तुम्हें तो मिठाई की पड़ी है, यहां मेरी जान निकल रही है. मैं तो सिर्फ और सिर्फ तुम से शादी करना चाहती हूं किसी और से नहीं.

अश्विनी की बात सुन कर अविनाश हैरान रह गया. उस ने तो अश्विनी के बारे में ऐसा कभी सोचा भी नहीं था, लेकिन यह भी सच था कि वह दिन में जब तक एक बार उस से बात नहीं कर लेता तब तक उसे चैन नहीं पड़ता था. और यह भी सच था कि अश्विनी ने उस के अच्छेबुरे समय में हमेशा साथ दिया था. अविनाश ने उसे ढांढ़स बंधाते हुए कहा कि तुम चिंता मत करो, मैं तुम्हारे पापा से अपने पापा की अभी बात करवाता हूं.

बात बन गई. अश्विनी के पापा तुरंत मान गए, क्योंकि एक तो अविनाश जानापहचाना लड़का था, ऊपर से अच्छा पढ़ालिखा और कमाऊ भी. लेकिन कई बार यह सब इतना सहज नहीं होता और जब तक बात संभल पाती है, तब तक गाड़ी छूट जाती है.

कई बार आप ध्यान नहीं दे पाते, लेकिन एक लड़की आप की जिंदगी में होती है. चाहे वह आप के पड़ोस में हो, क्लासमेट हो या फिर औफिस कलीग. आप लगभग हर दिन उस से मिलते और बात भी करते हैं, लेकिन आप जिसे जस्ट फ्रैंड समझते हैं, वही दरअसल आप की गर्लफ्रैंड होती है और उस में लाइफपार्टनर मैटीरियल भी होता है. यदि आप की जिंदगी में भी है कोई ऐसी लड़की तो जरा ध्यान दें, कहीं वह कुछ ऐसा तो नहीं करती :

जब आप किसी मुसीबत में हैं या उदास रहते हैं, तो वह आप से बारबार उदासी का कारण पूछती है. आप खाने के मूड में नहीं रहते, लेकिन आप को जबरन खिलाती है. चाहे अपने टिफिन बौक्स से खिलाए या फिर किसी रेस्तरां में ले जा कर. आप को तरहतरह के अल्टरनेट सजेशन भी देती है और धैर्य रखने की सलाह भी.

वह युवती अपनी किसी भी प्रौब्लम से आप को परेशान नहीं करना चाहती. घर में, औफिस में या फिर कौलेज में तमाम समस्याओं से रूबरू होने के बावजूद उस ने आप को कभी इनवौल्व नहीं किया. जब भी आप को बताया, मुसीबत का समय बीतने के बाद बताया.

आप ने महसूस किया होगा कि आसपास के युवक भले ही उस पर कितना भी मरते हों, चाहे जितने डोरे डालें, लेकिन वह किसी को खास अहमियत नहीं देती. वहीं, आप के प्रति उस के मन में न सिर्फ सौफ्ट कौर्नर रहता है बल्कि वह आप से बातचीत करने या आप के साथ दो बातें करने के मौके तलाशती रहती है.

आप उस के सामने दूसरी युवतियों से बातचीत करते हैं या उन से मिलते हैं, इस के बावजूद वह आप को पूरा स्थान देती है. भले ही उसे यह सब पसंद नहीं आता, लेकिन उस ने आज तक आप को टोका नहीं. हां, उस के चेहरे पर आप ने एक इनसिक्योर फीलिंग जरूर देखी होगी. इन सब के बाद भी वह घर लौटते वक्त या जौब पर या कालेज जाते वक्त आप का साथ ढूंढ़ती है.

कई बार आप किसी कंसर्ट या मूवी शो में जाने का प्रोग्राम सिर्फ इसलिए कैंसिल कर देते हैं कि आप के पास फाइनैंस की प्रौब्लम है. ऐसे में वह जबरदस्ती आप को पैसे थमा देती है या फिर खुद साथ चलने का औफर देती है. बाद में जब आप पैसे लौटाने की कोशिश करते हैं, तो वह आप के लाख कहने के बावजूद पैसे वापस नहीं लेती.

आप के हर झूठ को वह बेहद सहजता से स्वीकार कर लेती है, जबकि उसे पता होता है कि आप झूठ बोल रहे हैं और आप को भी पता है कि उसे वास्तविकता मालूम है. वह ऐसा सिर्फ इसलिए करती है कि आप के साथ उस का किसी प्रकार का तर्कवितर्क न हो. इसे उस का आप के प्रति समर्पण ही मानिए.

आप उस का स्मार्टफोन हाथ में ले कर उस के सोशल मीडिया अकाउंट्स, व्हाट्सऐप मैसेज, एसएमएस या कौल हिस्ट्री चैक करते हैं, तो वह कुछ नहीं कहती. आप पूछेंगे तो अपना पासवर्ड तक बता देगी. क्या यह आप को टू बी पार्टनर मैटीरियल से कम लगता है?

 क्या आप ने कभी सोचा है कि  आप अपनी कोई भी सुखदुख की बात अनजाने में ही सब से पहले उस के ही साथ शेयर करते हैं. जब तक आप उस को कौल या मैसेज कर के समाचार नहीं दे देते तब तक आप को सुकून नहीं मिलता. जब आप उदास होते हैं या किसी से झगड़ा हो जाता है, तब भी आप उसी को सब से पहले फोन करते हैं और वह आप की हर खुशी या दुख में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते हैं.

उस के अपनेपन और सैल्फलैस स्वभाव की प्रशंसा आप मन ही मन कई बार कर चुके हैं. कई बार आप की मां या भाईबहन भी कह चुके हैं कि इसे बड़ी परवा है तेरी. कभी आप उस की तुलना अपने किसी दूसरे फ्रैंड्स से कर के देखिए, आप उस का पलड़ा सदैव भारी पाएंगे.

आप ने कई बार मूड औफ रहने की स्थिति में उस के साथ बहुत गुस्से से बातचीत की है और उसे झिड़क भी दिया है, लेकिन उस ने कभी पलट कर आप से झगड़ा नहीं किया. हो सकता है उस वक्त आप के गुस्से से मायूस या रोंआसी हो कर वह चली गई हो, लेकिन अगले ही दिन वह वापस आप के पास आ गई या खुद उसी ने फोन कर के पूछा, ‘अब मूड ठीक है? मुझे पता है कि गुस्सा जनाब की नाक पर रहता है.’ ऐसे में आप अपनी बेरुखी पर शर्मिंदा हो जाते हैं. अगर वाकई कोई ऐसी युवती आप के आसपास मौजूद है तो उसे अपना जीवनसाथी बनाने का मौका न गंवाएं.

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