तेरे बिन
तेरे बिन

दिनरात पति उल्लास की सेवा में लगी रहने वाली हर्षा को एकाएक क्या हो गया कि वह उस का एक भी काम करने से झल्लाने लगी थी. क्या हर्षा को कोई और मिल गया था या बात कुछ और थी.

विषपायी (अंतिम किस्त)
विषपायी (अंतिम किस्त)

नंदिता के खुलेपन को देख कर आशीष के मन में कुछ डोल गया और जब उन्हें नंदिता की मंशा का पता चला तो उन के पूरे शरीर में सिहरन दौड़ गई.

गुरुदक्षिणा
गुरुदक्षिणा

स्वतंत्र विचारों वाली दीपा और साधारण सोच वाली निधि में मतभेद तो था पर मनभेद नहीं. लेकिन दीपा ने दोस्ती का खयाल रखते हुए गुरुदक्षिणा के तौर पर निधि को ऐसा क्या दिया कि वह ऋणमुक्त हो गई.

पौल बाबा की जय हो...
पौल बाबा की जय हो...

जब स्पेन ने फुटबाल का फीफा वर्ल्डकप जीता, उस समय रैंकिंग में जरमनी के पौल बाबा सब से ऊपर थे. हर गलीमहल्ले की तो छोडि़ए, हर चैनल और मोबाइल पर उन के चर्चे थे

पब्लिक स्कूल बनाम हेयर कटिंग सैलून
पब्लिक स्कूल बनाम हेयर कटिंग सैलून

पब्लिक स्कूलों के फंडे भी निराले हैं. किताबकापी और यूनिफौर्म ही नहीं, वे आप की जेब से लाड़ले की हेयर कटिंग के लिए पैसे भी निकलवा सकते हैं. पब्लिक स्कूलों की ‘दुकानदारी’ पर यह करारा व्यंग्य.