प्यार का रंग
कहानी : प्यार का रंग

प्यार का रंग कभी फीका नहीं पड़ता है. इसी रंग को और सुनहरा बनाया है एक ऐसी मजाक ने, जिस ने निराली की जिंदगी को ही रंगों से भर दिया.

दूसरा पत्र
दूसरा पत्र

कालेज में कुछ छात्रछात्राओं और प्रोफैसर्स के नाम आए पत्र ने अचानक माहौल को तनावपूर्ण बना दिया. कालेज में अफरातफरी मच गई. इस पत्र के जरिए सभी के चरित्र पर कीचड़ उछालने की कोशिश की गई थी.

एक बार फिर
एक बार फिर

शिखा के कोमल हृदय पर शैलेश ने जो घाव किए थे और जीवन के प्रति जिस की वजह से उस के मन में नकारात्मक सोच ने घर कर लिया था. क्या नीलेश अपने प्यार के मरहम से शिखा के उन घावों को भर पाएगा.

दिल की आवाज
कहानी : दिल की आवाज

अविनाश अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद जब नौकरी जौइन करने गया तो उसे कंपनी के बांड की शर्तें पसंद नहीं आईं, लेकिन बाद में ऐसा क्या हुआ कि अविनाश बांड पर दस्तखत करने को तुरंत राजी हो गया.

सिक्सटीन से सिक्सटी तक
सिक्सटीन से सिक्सटी तक

उम्र के 60 वसंत देख चुकी अम्मां को आज भी कोई बुढि़या कह देता, तो उस के सीने पर सांप लोटने लगते.