वसीयत
वसीयत

पति की असमय मौत के बाद वृंदा जब असहाय हो अपने भाई से पिता की संपत्ति में से अपना हक मांगा, तो फिर उस के साथ कुछ ऐसा घटित हुआ, जिस की उस ने कल्पना तक न की थी.

दाग
दाग

घर वालों से दूर होस्टल में रह कर पढ़ाई करने वाली माही 2 बच्चों के पिता चंदन के साथ शारीरिक संबंध बना चुकी थी.

थोड़ी सी जमीन, सारा आसमान

परिवार की मानमर्यादा की खातिर फरहा अपने प्रेमी राकेश को भुला कर अपने ही धर्म के लड़के से निकाह करने को राजी हो गई.

तुम ने मेरे लिए किया क्या

बड़ी बहन की दुर्घटना में हुई मौत के बाद अनाथ बच्चे प्रसून के लिए उमाजी ने बड़ी कुरबानी दी.

कुछ कहना था तुम से

वैदेहीका मन बहुत अशांत हो उठा था. अचानक 10 साल बाद सौरव का ईमेल पढ़ बहुत बेचैनी महसूस कर रही थी. वह न चाहते हुए भी सौरव के बारे में सोचने को मजबूर हो गई.