अगर आपको रोमांच भरी जगहों पर जाना पसंद है और आपको भूत जैसी चीजों से डर नहीं लगता तो आप जा सकते हैं कि दिल्ली इन हॉन्टेड जगहों पर. जहां पर है आत्माओं और रूहों का साया. जानिए दिल्ली की डरावनी जगहों के बारे में.

माली-कमाली का मकबरा और मस्जिद

माली-कमाली का मकबरा और मस्जिद दिल्ली के महरौली में है. यहां पर सोलवहीं शताब्दी के सूफी संत जमाली और कमाली की कब्र मौजूद है. यहां के लोगों का कहना है कि यहां पर जिन्न रहते हैं. सूफी संत जमाली लोधी हुकूमत के राज कवि थे. इसके बाद बाबर और उनके बेटे हुमायूं के राज तक जमाली को काफी तवज्जो दी गई. माना जाता है कि जमाली के मकबरे का निर्माण हुमायूं के राज के दौरान पूरा किया गया. मकबरे में दो संगमरमर की कब्र हैं, एक जमाली की और दूसरी कमाली की. जमाली कमाली मस्जिद का निर्माण 1528-29 में किया गया था. यह मस्जिद लाल पत्थर और संगमरमर से बनी है.

भूली भतियारी का महल, झंडेवालान

यह महल किसी ज़माने में तुगलक वंश का शिकारगाह हुआ करता था. इस महल का नाम यहां की रखवाली करने वाली औरत भूली भतियारी के नाम में रखा गया है.

संजय वन

यह वन 10 किमी क्षेत्रफल में फैला हुआ है. कहा जाता है कि यहां पर अक्सर बच्चें खेलते हुए दिखतें है जो आत्माएं है. इसके साथ ही अन्दर से यह जंगल बहुत घना है. जिसके कारण लोग इसे हॉन्टेड मानते है.

खूनी नदी, रोहिणी

कम शोर गुल वाले इस इलाके में बहुत कम लोग आते हैं. लेकिन नदी के आसपास तो कोई नहीं जाता है. क्योंकि नदी के किनारे लाश मिलना एक आम बात है. यह लाशों का कारण हत्या, आत्महत्या, दुर्घटना चाहे जो हो. इसलिए इस जगह को हान्टेड जगहों के नाम में शुमार किया गया है.

म्यूटिनी हाउस, कश्मीरी गेट

यह स्मारक 1857 में मारे गए सिपाहियों की याद में अंग्रेजों ने बनवाया था. कहा जाता है कि आज भी इन सिपाहियों की आत्मा यहा घूमती है जिसके कारण इसे हॉन्टेड जगह माना जाता है.

मालचा महल

दिल्ली के दक्षिण रिज़ के बीहड़ में छुपा ‘मालचा महल’ जिसमे पिछले 28 सालों से अवध राजघराने के वंशज राजकुमार ‘रियाज़’ और राजकुमारी ‘सकीना महल’ रह रहे हैं. पहले इनके साथ इनकी माँ ‘विलायत महल’ भी रहा करती थी जिन्होंने 10 सितंबर 1993 को आत्महत्या कर ली थी. कहा जाता है कि अब भी उनकी रुह यहीं पर रहती है.

खूनी दरवाजा

दिल्ली का खूनी दरवाजा जो हॉन्टेड लिस्ट में शामिल है. इसी दरवाजें में अंग्रेजों ने बहादुर शाह जफर के तीन बेटों को मार डाला था. माना जाता है कि अब भी तीनों शहज़ादों की रूह इसी इलाके रहती हैं.

अग्रसेन की बावली, कॅनाट प्लेस

यह वही जगह है जहां पर आमिर खान अपनी फिल्म पीके में रहते हैं. माना जाता है इस बावली के गहराई में काला पानी भरा है जिसमें कई लोगों ने आत्महत्या की है जिसके कारण यह जगह भी हॉन्टेड मानी जाती है.

फिरोज शाह कोटला किला

इस किले को फिरोज शाह तुगलक ने साल 1354 में बनवाया था लेकिन आज रख-रखाव न होने के कारण यह किला खंडहर हो गया है. इस किले के बारे में आसपास के लोगों का कहना है कि हर गुरूवार को मोमबत्तियां और अगरबत्ती जलती दिखती है. साथ ही अगले दिन इस किले में दूध और कच्चा अनाज मिलता है.