गृहशोभा विशेष

दूर तक फैला साफ समुद्र, साफ स्वच्छ हवा, तरह तरह के समुद्री पक्षी, दूर तक फैले जंगल, काजू और नारियल के पेड़ और मनमोहक नजारों के साथ लजीज समुद्री व्यंजनों का अगर लुफ्त लेना है तो एक बार अंडमाननिकोबार की सैर जरूर कीजिए.

यहां का नीला पानी और शांत समुद्र किसी भी माने में मारीशस, मालदीव, मलेशिया या सैशल्स से कम नहीं. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को स्नेह से ‘एमरल्ड आइलैंड्स’ (पन्ने जैसे द्वीप) कहा जाता है. इस की खासीयत है इस की अनुपम सुंदरता और चकित कर देने वाली वनस्पति तथा जीवजंतु. यहां के आकर्षक स्थान, सूर्य से चमकते समुद्री तट, मनमोहक पिकनिक स्पौट्स और कई अन्य आश्चर्य हैं, जो सैलानियों को बारबार आकर्षित करते हैं. समुद्री तट अपने विस्तार और सुनहरी रेत की वजह से मनमोहक बन गए हैं.

प्रमुख पर्यटन स्थल

पोर्ट ब्लेयर

कभी काले पानी की सजा की संज्ञा से पहचाने जाने वाले आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित पोर्ट ब्लेयर अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूहों की राजधानी है. यह जगह सैलानियों के घूमने के लिए प्रमुख है. यहां पर्यटकों की सुविधाओं और उन के मनोरंजन के कई इंतजाम किए गए हैं.

यहां जलक्रीड़ा की भी व्यवस्था है, जो एक अतिरिक्त आकर्षण का केंद्र है. पोर्ट ब्लेयर से 35 किलोमीटर दक्षिण में स्थित चिडि़या टापू, जिसे सनसैट पौइंट भी कहते हैं अपने मनमोहक समुद्री तटों के लिए मशहूर है. कोरबिन कोव, माउंट हैरिट, रोस टापू, मधुबन तट तथा काला पत्थर पोर्ट ब्लेयर के अन्य लोकप्रिय स्थल हैं. पोर्ट ब्लेयर में ही ऐसे कई होटल हैं जहां आप ठहर कर अपनी यात्रा की शुरुआत कर सकते हैं.

सैल्युलर जेल

अंडमान की यात्रा पर जाने वाला हर पर्यटक सैल्युलर जेल की चौखट पर सिर जरूर नवाता है. पोर्ट ब्लेयर में मौजूद सैल्युलर जेल यहां की ऐतिहासिक धरोहरों में सब से प्रमुख है. यह स्वतंत्रता सेनानियों पर अंगरेजी हुकूमत के अत्याचार की मूक गवाह है. यहां बंद किए जाने वाले सेनानियों को तरहतरह से प्रताडि़त किया जाता था. 1906 में बन कर तैयार हुई इस सैल्युलर जेल में बंद होने की सजा को ही काला पानी कहा जाता रहा है.

हैवलौक द्वीप

यहां के स्वच्छ निर्मल पानी का सौंदर्य सैलानियों का मन मोह लेता है. इन द्वीपों में कई बार तैरती हुई डौल्फिनों के झुंड देखे जा सकते हैं. शीशे की तरह साफ पानी के नीचे जलीय पौधे व रंगीन मछलियों को तैरते देख कर पर्यटक अपनी बाहरी दुनिया को भूल जाते हैं.

लंबा द्वीप

अंडमान में मनोरम दृश्य देखने वालों के लिए लंबा द्वीप यानी लौंग आइलैंड सब से पसंदीदा जगहों में से एक है. पर्यटक इस जगह पर इस इलाके में पाई जाने वाली डौल्फिनें देखने जुटते हैं. लालाजी बे पर रेतीला समुद्री तट भी लौंग आइलैंड पर एक महत्त्वपूर्ण जगह है.

महात्मा गांधी मरीन नैशनल पार्क

अंडमान के मनोरम दृश्यों में शामिल है-महात्मा गांधी मरीन नैशनल पार्क. यह नैशनल पार्क वांडूर में है. यह खुले समुद्र और संकरी खाड़ी के साथ ही 15 द्वीपों से मिल कर बना है. पर्यटक इस जगह दुर्लभ मूंगों की खूबसूरती देखने और अंडमान के समुद्री जीवों की आकर्षक जिंदगी देखने आते हैं. 

ऐंथ्रोपोलौजिकल म्यूजियम

गृहशोभा विशेष

ऐथ्रोपोलौजिकल म्यूजियम यानी मानवशास्त्रीय संग्रहालय में अंडमान के आदि युग के जीवन के अवशेष मिलते हैं. इस वजह से यहां अंडमान की अलगअलग आदिम जातियों की कलाकृतियां, बरतन, कपड़े, मूर्तियां आदि देखने को मिलती हैं.

निकोबार में देखने लायक जगहें

इस द्वीप के प्रमुख आकर्षणों में पक्षी और फूल प्रमुख हैं, जो बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करते हैं. निकोबार के मनोरम दृश्यों में विविधता लिए समुद्री तट भी शामिल हैं. कोई भी व्यक्ति यहां आ कर इस द्वीप की शांत प्राकृतिक सुंदरता का आनंद उठा सकता है. निकोबार द्वीप में दूरदूर तक मनोरम खूबसूरती और काव्यात्मक सुंदरता फैली हुई है.

इंदिरा पौइंट

यहां के कुछ पर्यटन केंद्र खासे लोकप्रिय हैं, जहां साल भर पर्यटकों का जमावड़ा रहता है. इन जगहों में इंदिरा पौइंट भी शामिल है, जहां लोग बारबार जाना पसंद करते हैं. इंदिरा पौइंट एक विशाल लाइटहाउस है. आसमान छूती इस की इमारत सब से खूबसूरत जगहों में से एक है. आसपास की प्राकृतिक खूबसूरती के बीच समुद्री तट प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करते हैं. इस समुद्र तटीय इलाके में आप को बिना प्रदूषण वाले वातावरण में कुछ वक्त बिताने का मौका मिलता है.

इंदिरा पौइंट लाइटहाउस 1972 में बना था. मलक्का से आने वाले जहाजों के लिए तब से यह एक महत्त्वपूर्ण लैंडमार्क है. इस लाइट स्टेशन को पहले पार्संस पौइंट और फिर पाइगमेलियन पौइंट कहा जाता था. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी इस जगह आ चुकी हैं. इसी वजह से इस का नाम उन पर रखा गया.

कार निकोबार

मूलरूप से यह निकोबार द्वीप समूह का मुख्यालय है. कोई भी व्यक्ति कार निकोबार द्वीप पर प्रकृति की गोद में अपनी छुट्टियां खुशी के साथ बिता सकता है. यह उर्वर जमीन नारियल पेड़ों से ढकी है. यहां समुद्री पानी का शोर भी पर्यटकों के दिमाग पर हावी रहता है. प्रकृति की रहस्यमय सुंदरता को निकोबार जिले के कार निकोबार द्वीप पर ज्यादा करीब से अनुभव किया जा सकता है.

पोर्ट ब्लेयर से इस द्वीप तक पहुंचने में समुद्र के रास्ते 16 घंटे का वक्त लगता है. निकोबारी झोंपडि़यों में रहना यहां का सब से खास अनुभव है, जिन्हें बांस के बेस पर बनाया जाता है. इस में फर्श से दाखिल होते हैं. झोंपड़ी लकड़ी से बनी होती है.

कटचाल

कटचाल द्वीप की खूबसूरती अतुलनीय है. यह 174.4 वर्ग किलोमीटर में फैला है. बेमिसाल खूबसूरती की वजह से यह द्वीप दुनिया भर के पर्यटकों में खासा लोकप्रिय है. कटचाल द्वीप खूबसूरत प्राकृतिक सुंदरता से भरा है. समुद्र का पानी क्रिस्टल क्लीयर है. समुद्री तट पर सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा आप के दिमाग में अविस्मरणीय अनुभव दे जाएगा.

ग्रेट निकोबार द्वीप

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कई द्वीप आते हैं. इन में ही एक है ग्रेट निकोबार द्वीप. दुनिया के अलगअलग कोनों से हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं. उन का उद्देश्य यही होता है कि ग्रेट निकोबार की अनदेखी प्राकृतिक सुंदरता को निहारना.

कार्बिन कोव्स समुद्र तट

हरेभरे वृक्षों से घिरा यह समुद्र तट एक मनोरम स्थान है. यहां समुद्र में डुबकी लगा कर पानी के नीचे की दुनिया का अवलोकन किया जा सकता है. यहां से सूर्यास्त का अद्भुत नजारा काफी आकर्षक प्रतीत होता है. यह बीच अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए लोकप्रिय है.

रोज द्वीप

यह द्वीप ब्रिटिश वास्तुशिल्प के खंडहरों के लिए प्रसिद्घ है. रोज द्वीप 200 एकड़ में फैला हुआ है. फिनिक्स उपसागर से नाव के माध्यम से चंद मिनटों में रोज द्वीप पहुंचा जा सकता है. सुबह के समय यह द्वीप पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग के समान है.

बैरन द्वीप का ज्वालामुखी

यहां भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी है. यह द्वीप लगभग 3 किलोमीटर में फैला है. यहां का ज्वालामुखी 28 मई, 2005 में फटा था. तब से अब तक इस से लावा निकल रहा है. बैरन द्वीप पर आग का लावा उगल रहा ज्वालामुखी देख कर पर्यटक बहुत अचंभित होते हैं.

डिगलीपुर

यह स्थान संतरों, चावलों और समुद्री जीवन के लिए प्रसिद्ध है. यहां का सैडल पीक आसपास के द्वीपों से सब से ऊंचा पौइंट है, जो 732 मीटर ऊंचा है. अंडमान की एकमात्र नदी कलपोंग यहां से बहती है.

वाइपर द्वीप

यहां किसी जमाने में गुलाम भारत से लाए गए बंदियों को पोर्ट ब्लेयर के पास वाइपर द्वीप पर उतारा जाता था. अब यह पिकनिक स्थल के रूप में विकसित हो चुका है. यहां आज भी अंगरेजी शासन के दौरान बने टूटेफूटे फांसी के फंदे निर्मम अतीत के साक्षी बने खड़े हैं. यहीं पर शेर अली को भी फांसी दी गई थी, जिसने 1872 में भारत के गवर्नर जनरल लौर्ड मेयो की हत्या की थी.

रैडस्किन द्वीप

आइलैंड टूरिज्म फैस्टिवल यहां मनाया जाने वाला मुख्य उत्सव है. अंडमाननिकोबार प्रशासन की आरे से आयोजित यह उत्सव हर साल 30 दिसंबर को शुरू हो कर 15 जनवरी तक चलता है. इस उत्सव के अंतर्गत प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा कई तरह की प्रतियोगिताएं भी आयोजित होती हैं. इस उत्सव में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के अलावा स्थानीय जनजातीय कलाकारों की भी भरपूर भागीदारी होती है.

अंडमान और निकोबार प्रशासन साल भर पर्यटकों का दिल खोल कर स्वागत करता है. पूरे राज्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख साधन टूरिज्म ही है. पूरा साल देश और विदेश से लाखों पर्यटक छुट्टियां बिताने यहां आते हैं.    

कहां ठहरें

इस केंद्र शासित प्रदेश में कई श्रेणी के होटल हैं, जो इन द्वीपों पर आने वाले पर्यटकों को सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराते हैं. इस के अलावा यहां रिजोर्ट्स, रेस्तरां और कैफे हैं, जो सभी तरह के पर्यटकों की जरूरतों को पूरा करते हैं. अंडमान और निकोबार में अंडमान टील हाउस, हवाबिल नैस्ट, टर्टल रिजोर्ट और सरकारी सर्किट हाउस ठहरने के लिए अच्छी जगहें हैं. पर्यटकों के ठहरने की सब से अच्छी और आधुनिक सुविधाओं से संपन्न जगह साउथ अंडमान व पोर्ट ब्लेयर के आसपास हैं. हैवलौक और कैंपबेल के आसपास भी अच्छी और सस्ती सुविधाएं हैं. बजट के हिसाब से यहां ठहरने के साधन मौजूद हैं.   

– अतुल सिंघल 

(लेखक अंडमाननिकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल के ओएसडी हैं)