हमेशा से ही दुबई घूमने की इच्छा थी, ऐसे में वहां जाने का मौका ‘दुबई टूरिज्म’ से मिलना किसी सपने से कम नहीं था और हो भी क्यों न? संयुक्त अरब अमिरात में बसा एक ऐसा शहर जिसे पर्यटन के हिसाब से विकसित किया गया है, यहां की अधिकारिक भाषा अरबी है,पर उर्दू, फारसी, हिंदी, मलयालम, बंगला, तमिल, चीनी आदि कई भाषाएं बोली जाती हैं. अंग्रेजी यहां की सामान्य भाषा है. यही वजह है कि यहां हर वर्ग और समुदाय के लोग खुले दिल से विचरण कर सकते है. अपना व्यवसाय कर सकते हैं.

अगर विश्व पटल पर देखें, तो ज्यादातर मुस्लिम देशों में धर्म को अधिक महत्व दिया जाता है, लोगों का विकास हो या न हो इस पर ध्यान नहीं दिया जाता. पर सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि यहां हर काम में महिलाओं की भागीदारी देखने को मिली. रात हो या दिन महिलाएं गाड़ी चलाने और घूमने के लिए आजाद हैं. यहां की नाईट लाइफ काफी अच्छी है, ग्लैमर पसंद महिलाएं काम के बाद वेस्टर्न पोशाक में पब और रेस्तरां में जाती हैं और ऐन्जॉय करती हैं. यहां धर्म को परे रखकर विकास पर अधिक ध्यान दिया गया है और यही दुबई की खासियत है. हालांकि दुबई का विकास तेल बेचकर हुआ है. पर इस बात की तारीफ करनी होगी कि उस पैसे का उपयोग इस मरुस्थल के विकास और यहां के लोगों की उन्नति के लिए किया गया प्रयास है. तभी तो सारे देश के लोग यहां आना पसंद करते हैं. यहां सभी धर्म और समुदाय के लोग मिलकर रहते हैं. दक्षिण एशियाई देशों के लिए ये शहर कमाई का खास केंद्र है.

मरुस्थल में ऐसे आधुनिक विकास की कल्पना तो शायद ही की जा सकती है. करीब तीन घंटे की हवाई यात्रा के बाद जब दुबई पहुंची, तो रात को पूरा शहर मानो रौशनी में नहाया हुआ था. जहां नजर पड़ती, बड़ी-बड़ी गगनचुंबी कांच की इमारतें और उससे निकलती रौशनी जिससे पूरा शहर जगमगा रहा था. इसकी वजह पूछने पर पता चला कि दुबई अरेबियन रेगिस्तान के भीतर है, इसलिए यहां बारिश कम होती है और यहां का मौसम गर्म और शुष्क रहता है. यहां बहुत गर्मी पड़ती है.

गर्मी के मौसम में यहां का दिन का तापमान 40 से 49 डीग्री तक पहुंच जाता है, जबकि रात का तापमान 30 डिग्री तक रहता है. हमेशा धूल भरी आंधी चलने की वजह से यहां के दफ्तर और घरों में ‘एसी’ का खूब प्रयोग होता है, इसलिए अधिकतर इमारतें कांच की बनी होती है. सर्दी का मौसम बहुत कम है आजकल विज्ञान की सहायता से कुछ पेड़ पौधों को लगाने की वजह से बारिश यहां भी हो जाया करती है. बारिश का मजा यहां के लोग खूब उठाते हैं और लॉन्ग ड्राइव पर निकल कर किसी मॉल या पार्क में घूमने चले जाते हैं.

दुबई एअरपोर्ट से आगे बढ़ते ही सुंदर साफ सुथरी सड़कें से गुजरते हुए करीब आधे घंटे में हम होटल रोव डाउनटाउन पहुंचे. यह दुबई मॉल के एकदम करीब था. होटल में घुसते ही स्माइली वाले कूकीज से हमारा स्वागत किया गया. अगली सुबह ट्रिप शुरू होने वाला था इसलिए हम खाना खाकर जल्दी सो गए. सुबह बारिश की फुहार से दिन शुरू हुआ, मरुस्थल में बारिश की कल्पना मेरी समझ से परे थी. करीब एक घंटे की रास्ता गाड़ी से तयकर हम ‘मिरेकल गार्डन’ यानि फूलों का एक सुंदर सा बगीचा पहुंचे. दूर-दूर तक फैले रेगिस्तान में फूलों का बगीचा किसी आश्चर्य से कम नहीं था.

रंग-बिरंगे फूलों से बनी आकृतियां देखते ही बनती थी. यहां आने वाले पर्यटक चाहे वो वयस्क हो या बच्चे सभी इसका आनंद उठा रहे थे. वहां से निकलकर हम बटरफ्लाई गार्डन पहुंचे जहां तितलियों को जंगल जैसा माहौल बनाकर रखा जाता है. सैकड़ों की संख्या में तितलियां आस-पास मंडराती हुई सहज ही दिखाई पड़ती थी.

करीब 2 घंटे गार्डन में बिताने के बाद हम बढ़ चले अगले डेस्टिनेशन ‘आई एम जी वर्ल्डस ऑफ एडवेंचर’ की ओर. 5 मिलियन वर्ग फुट में बना यह विश्व का सबसे बड़ा थीम पार्क है. अपने आप में अनोखे इस पार्क में 20 से भी ज्यादा राइड्स थे. यहां कार्टून नेटवर्क के कई कार्टून जैसे पॉवर पफ गर्ल्स, स्पाइडरमैन, बेनटेन, कैप्टेन अमेरिका, आयरन मैन, हल्क आदि के आकर्षक राइड्स भी थे.

इसके अलावा विलुप्त हो चुके डायनासोर का मूवमेंट चौकाने वाला था. बच्चों और वयस्कों के लिए ये स्थान खास आकर्षण का केंद्र था. सिर्फ 4 घंटे में पूरे पार्क का आनंद उठाया जा सकता है. इसके अलावा वहां शौपिंग और खाने-पीने की अच्छी व्यवस्था थी. इसके अलावा दुबई की एक और खास बात है कि यहां पर्यटक हर तरह के वेज और नॉन-वेज फूड का लुत्फ उठा सकते हैं.

वहां से हम दुबई मॉल गए, जो दुनियभर में काफी मश्हूर है. यह मॉल विश्व की सबसे ऊंची इमारतों में शामिल बुर्ज खलीफा का हिस्सा है. इस मॉल में आइसस्केटिंग, एक्वेरियम, दुकानें, फूड कोर्ट आदि प्रमुख घूमने की जगह है. यहां हर जगह जाने के लिए टिकट लेना पड़ता है, अगर आपका बजट कम है तो आप बाहर से भी एक्वरियम देख सकते हैं. हर साल करीब 92 मिलियन लोग यहां घूमने आते हैं. हालांकि वहां की सैर अनोखी थी पर हम चलते-चलते थक गए थे, पर वहां से लौटने की इच्छा नहीं हो रही थी.

शाम हो चुकी थी और हमें भूख भी लग रही थी इसलिए हमने वापस कैपन्ना नुओवा होटल का रूख किया. समुद्री तट पर स्थापित ये होटल इटालियन और कॉन्टिनेंटल फूड के लिए फेमस है. यहां बहुत सारे कपल्स हनीमून मनाने आते हैं. समुद्री तट की ठंडी हवा में कॉन्टिनेंटल फूड खाने का अलग ही मजा था. इसके बाद होटल लौटना था और अगले दिन की तैयारी करनी थी. अगले दिन हमें थी दुबई की सबसे आकर्षक और खुबसूरत डेस्टिनेशन ‘अटलांटिस द पाम’ जाना था.

‘अटलांटिस द पाम’ खजूर के पत्ते के आकर की रेगिस्तान में समुद्र के ऊपर बनाई गई अदभुत आकृति है. यह हवाई यात्रा के दौरान भी दिखाई देती है. यहां की सुरक्षा बहुत कड़ी थी, ताकि सैलानियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करनी पड़े. यहां डॉलफिन बे, एक्वेरियम वाटर पार्क, द लॉस्ट चैम्बर्स एक्वेरियम, सी लायन पॉइंट खास है. यहां पूरे क्षेत्र में 250 प्रजाति की 65 हजार मछलियां हैं जिन्हें समुद्री वातावरण में रखा गया है.

यहां से आगे बढ़ने पर हमें बॉलीवुड पार्क मिला जहां बॉलीवुड के अधिकतर कलाकार अपने फिल्म के प्रमोशन के लिए आते हैं. यहां पर हर दिवार पर बॉलीवुड फिल्मों के पोस्टर और शाम को बॉलीवुड फिल्मों पर होने वाली लाइट एंड साउंड शो की झलक आकर्षक थी. इसके अलावा बच्चों के लिए खास लिगो लैंड और ग्रीन प्लेनेट आदि भी आकर्षक थे.

दुबई में घूमना महंगा है लेकिन अगर आप ऑनलाइन सर्च करेंगे तो छुट्टियों के मौसम में कई सस्ते और आकर्षक ऑप्शन भी आपको मिल जाएंगे है. इतना ही नहीं यहां कई ‘सी बिचेस’ ऐसे भी है जहां आप घूम सकते हैं और वहां की साफ सुथरे परिवेश का आनंद उठा सकते हैं. दुबई की सैर यादगार रही.