गृहशोभा विशेष

आज हम आपको दुनिया की कुछ ऐसी जगहों के बारें में बताने जा रहे हैं जिनके बारे में जानने के बाद आप यहां जरूर जाना चाहेंगी. ये दुनिया की कुछ अजीबो गरीब जगहों में से एक है, यहां आकर आप डरेंगी नहीं, बल्कि रोमांच का अनुभव करेंगी. तो चलिये चलते हैं इन जगहों की सैर पर.

नर्क का द्वार

तुर्कमेनिस्तान के इस मशहूर पर्यटन स्‍थल में ये आग पिछले 44 सालों से जल रही है. ये स्‍थान तुर्कमेनिस्तान की राजधानी अश्गाबात से लगभग 260 किलोमीटर उत्तर में काराकुम रेगिस्तान के दरवेज गांव में मौजूद है. ‘डोर टू हेल’ के नाम से मशहूर ये गड्ढा दरअसल एक गैस क्रेटर है, जो मिथेन गैस के चलते जल रहा है.

उत्तर युंगस

उत्‍तर बोलनिया में करीब 15 हजार फिट की ऊंचाई से गुजरती ये सड़क जिसे रोड औफ डैथ भी कहते हैं उत्‍तरी युगंस के रेन फौरेस्‍ट के बीच से निकलती हैं. इस सड़क से गुजरते हुए आप रोमांस और रोमांच दोनों का अनुभव एक साथ कर सकते हैं.

जापान में गुड़ियों का गांव नागोरो

यहां पर जिंदा इंसानों से ज्‍यादा आबादी गुड़ियों की है. जपान के शिकोकू नाम के टापू पर बसे नागोरो गांव के ज़्यादातर लोग जब रोजगार की तलाश में बाहर चले गए तो एक महिला अयानो तुकिमी ने फैसला किया कि गांव से जाने वाले हर व्यक्ति की जगह एक गुड़िया बनाएगी. उसने ऐसी कई गुड़ियां बना कर गांव में जगह जगह रख दीं. अब ये संख्‍या बढ़ते हुए वहां रहने वाले जीवित लोगों से भी ज्‍यादा हो गई है.

लिथुआनिया में क्रौस का पहाड़

लिथुआनिया में एक पहाड़ ऐसा है जहां 14वीं शताब्‍दी से लोग क्रौस लगा कर छोड़ रहे हैं. अब तक यहां मौजूद ऐसे क्रौस की संख्‍या करीब 100 हजार हो चुकी है. सोचिए जरा कब्रों पर लगने वाले इन निशानों के बीच से गुजरते हुए कैसा अनुभव होता होगा.

टेलर ग्लेशियर, अंटार्कटिका

अंटार्कटिका में करीब 54 किलोमीटर लंबा इलाका टेलर ग्‍लेशियर के नाम से प्रसिद्ध है. ये नाम इस ग्‍लेशियर की खोज करने वाले औस्ट्रेलियाई भूविज्ञानी ग्रिफ़िथ टेलर के नाम पर इस स्‍थान को दिया गया. वैसे इसका एक और नाम है ब्‍लड फौल्‍स. क्‍योंकि इस ग्‍लेशियर में गहरे लाल रंग की ऐसी धारायें बनी हैं जिनको देख कर लगता है कि रक्‍त बह रहा हो. हालाकि खोज करने पर पता चला की बर्फ के लाल होने की वजह वहां बहुतायत में मौजूद आयरन औक्‍साइड है.

सगाडा, फिलीपींस के हैंगिंग कौफिन

कुछ देशों में पुराने जमाने में कई समुदायों में शव को कौफिन में रखकर पहाड़ों पर लटकाने का रिवाज़ था. इनमे सबसे पुराना कौफिन्स तो 2000 साल पुराना बताया जाता है. मान्यता है कि पहाड़ो पर  कौफिन्स को टांगने से मृत व्यक्ति वापस आसानी से प्रकति में लौट जायेंगे. ऐसे ही कुछ हैंगिंग कौफिन्स फिलीपींस के सगाडा में मिले है क्‍योंकि यह प्रथा वहां अब भी कुछ हद तक प्रचलित है.

बेलीज का ग्रेट ब्‍लू होल

ग्रेट ब्लू होल बेलीज समुद्र तट पर एक विशाल सबमरीन सिंकहोल है. यह लाइटहाउस रीफ के केंद्र पर स्थित है, जो कि मुख्य भूमि और बेलीज़ सिटी से करीब 70 किमी दूरी पर है. 318 और 124 मीटर के दायरे में ये एक परफेक्‍ट होल है जो 1000 मीटर से भी ज्‍यादा गहरा बताया जाता है. ग्रेट ब्लू होल बेलिज बैरियर रीफ रिजर्व सिस्टम का एक हिस्सा है और यूनेस्‍को का एक विश्व धरोहर स्थल है.

क्राइस्‍ट औफ द एबीज, इटली

17 मीटर गहराई में 22 अगस्त,1954 को क्राइस्ट की विशालकाय पीतल की मूर्ति को पानी के अंदर रखा गया है. दुनिया भर में इस मूर्ति के कई वर्जन मौजूद हैं पर क्राइस्‍ट की ओरीजनल मूर्ती यही है जो भूमध्य – सागर में सैन फ़्रातुऊसो के तट के पास इटली में मौजूद है. 

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