भारत में वैसे तो बहुत से एयरपोर्ट हैं लेकिन उनमें से कुछ ऐसे हैं जिनकी खूबसूरती देखते ही बनती है. आज हम भारत के पांच ऐसे आकर्षक और अदभुत हवाई अड्डों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां की खूबसूरत वादियों को देखकर आप विदेशी एयरपोर्ट के बारे में भूल जाएंगी और आपका मन करेगा कि सारी गर्मी बस यहीं पर बीत जाए.

अगटि्ट एयरपोर्ट (लक्षद्वीप)

यह एयरपोर्ट लक्षद्वीप के दक्षिण में स्थित है. डोर्नियर औपरेशन के लिए इस एयरपोर्ट का निर्माण 1987-1988 में हुआ था. 16 अप्रैल 1988 में इसका उद्घाटन हुआ. इसे टर्मिनल के छोटे से ढांचे में रखा गया था फिर 2006 में इसमें कुछ बदलाव के काम शुरु किये गये. बीच में किसी कारण इसके रनवे में कुछ समस्याएं भी आयी थी और 24 सितंबर 2010 में अगटि्ट को कोची से जोड़ दिया गया. आखिरकार 2010 में इसकी रनवे समस्या दूर हो गयी. यह ऐसा एयरपोर्ट है जहां की वादियों को देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो जाए. यह एयरपोर्ट सुदंर मूंगे के चट्टानों से घिरा हुआ है.

लेंगपुई एयरपोर्ट (मिजोरम)

मिजोरम का लेंगपुई एयरपोर्ट 2,500 मीटर लंबा है औप पहाड़ों के बीचोबीच बनाया गया है. इस प्रदेश को 1987 में अलग राज्य की मान्यता दी गयी थी. मिजोरम का अर्थ पहाड़ी भूमि होता है. यह छोटा राज्य है जो 900 किमी में फैला हुआ है. यहां पहाड़ की सबसे ऊंची चोटी फवंगपुई, द ब्लू माउंटेन है जिसकी ऊंचाई 2165 मीटर है.

लेह एयरपोर्ट (जम्मू-कश्मीर)

इस गर्मी के मौसम में लेह एयरपोर्ट में आपको ठंड का एहसास होगा. वहां की ठंडी वादियां और सुंदरता की वजह से लेह एयरपोर्ट की गुणवत्ता और सुंदरता में चार चांद लग जाते हैं. लेह की पहाड़ियों में बर्फ की चादरें बिछी हुई होती हैं. लेह दुनिया के सबसी ठंडी जगहों में दूसरे स्थान पर आता है. इसकी बेहद सुंदरता के कारण इसे कई और नामों से भी जाना जाता है.

जुब्बड़हट्टी शिमला

अगर आपको खतरनाक लैंडिग करने का शौक है तो यह एयरपोर्ट केवल आपके लिए ही बना है. शिमला से 22 किलोमीटर दूर स्थित यह एयरपोर्ट पहाड़ों को काटकर बनाया गया है. शिमला को वैसे भी ‘क्वीन औफ हील्स’ कहा जाता है. ऐसे में अगर इस गर्मी में आप शिमला घूमने का प्रोग्राम बना रहे हैं तो फ्लाइट से जाएं. वैसे भी यहां पर केवल दो हवाई जहाज ही पार्क हो सकते हैं तो ज्यादा भीड़ भाड़ नहीं होगी. साथ ही आप एयरपोर्ट घूमते हुए शिमला भी घूम लेंगे.

वीर सावरकर इंडरनेशनल एयरपोर्ट, (अंडमान एंड निकोबार)

देश छोटे से महाद्वीप अंडमान निकोबार का यह मुख्य एयरपोर्ट है. पोर्ट ब्लेयर से इसकी दूरी 2 किलोमीटर दूर साउथ में स्थित है. 3,290 मीटर रनवे वाला यह एयरपोर्ट को बहुत अच्छे ढंग से बनाया गया है.