अगर आप कुछ रोमांचक ट्रिप प्लान कर रहीं हैं, जो आपके रोंगटे खड़े कर दे, तो इस साल कम से कम इन एडवेंचर ट्रिप्स को मिस न करें और हम जिन जगहों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं वहां जाकर आप इस प्रकार के रोमांच का मजा ले सकतीं हैं.

बिर बिलिंग, पैराग्लाइडिंग पैराडाइज

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में स्थित बिर बिलिंग एडवेंचर के शौकीनों के लिए किसी पैराडाइज से कम नहीं है. पहाड़ियों और चाय के बगानों से घिरा बिर एक छोटा सा गांव है, लेकिन दुनियाभर के पैराग्लाइडर्स के बीच काफी प्रसिद्ध है. यह धौलाधार माउंटेन रेंज में स्थित बिर एयरो स्पोर्टस के लिए जाना जाता है. यहां पर पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप का आयोजन भी होता है. इंटरनेशनल पैराग्लाइडिंग सर्किट में इसकी खासी लोकप्रियता है. अगर आपको भी पैराग्लाइडिंग पसंद है और लाइफ में कुछ थ्रिल चाहती हैं, तो भारत में इससे बेहतरीन जगह दूसरी नहीं हो सकती. यह चंडीगढ़ से करीब 270 किलोमीटर और धर्मशाला से करीब 65 किलोमीटर की दूरी पर है. यहां पैराग्लाइडिंग के साथ साथ हैंग ग्लाइडिंग का भी लुत्फ उठा सकते हैं.

अगर पैराग्लाइडिंग से डर लगता है तो आप ट्रैकिंग और कैंपिंग कर सकती हैं. लौन्चिंग डेस्टिनेशन बिलिंग करीब 8500 फीट की ऊंचाई पर है. यह जगह प्राकृतिक रूप से भी बेहद खूबसूरत जगह है. यहां से धौलाधार माउंटेन रेंज और कांगड़ा वैली की खूबसूरती देखते ही बनती है. राज्य सरकार द्वारा यहां पर इंटरनेशनल लेवल के कौम्पिटिशन और इवेंट्स आयोजित किए जाते हैं.

यहां जाने के लिए फरवरी से मई और अक्टूबर से दिसंबर उपयुक्त समय है.

हैवलौक, स्कूबा डाइविंग

रोमांच से रूबरू होना चाहती हैं, तो अंडमान निकोबार द्वीप समूह के हैवलौक आइलैंड हो आइए. यह स्कूबा डाइविंग के लिए बेहतरीन जगहों में से एक है. जो लोग एंडवेंचर पसंद करते हैं, उनके लिए डाइविंग से बेहतर और क्या हो सकता है. यहां शीशे की तरह साफ पानी, चांदी की तरह चमकती सफेद रेत और अद्भुत कोरल्स के कारण इस आइलैंड को दुनिया के खूबसूरत बीच में गिना जाता है. हैवलौक द्वीप पर स्कूबा डाइविंग किफायती भी है. यहां पर आपको अनुभवी स्कूबा डाइवर्स मिल जाएंगे और आप फैमिली के साथ भी स्कूबा डाइविंग को एंजौय कर सकती हैं. यहां पानी के नीचे की दुनिया आपको रोमांचित करेगी. पानी के अंदर रंग बिरंगी मछलियां और जलीय जीव जंतुओं को देखना एक अनोखा अनुभव होगा. आप यहां अनोखे कोरल रीफ्स का लुत्फ भी उठा सकते हैं. अंडरवाटर फोटोग्राफी का शौक है, तो यह बेहतरीन जगह है. वैसे, हैवलौक आइलैंड में घूमने वाली कई जगहें हैं, जिनमें राधानगर तट (बीच) और एलीफेंट बीच प्रमुख हैं. राधानगर बीच एक्वा स्पोर्टस के लिये प्रसिद्ध है. यहां से सूर्यास्त का बेहद खूबसूरत दृश्य दिखाई देता है.

स्कूबा डाइविंग और स्नोर्कलिंग के लिए उपयुक्त समय मध्य जनवरी से मध्य मई है. इस दौरान आसमान साफ और समुद्र आमतौर पर शांत होता है.

मरखा वैली ट्रैक, ट्रैकिंग का रोमांच

ट्रैकिंग लवर्स के बीच लद्दाख स्थित मरखा वैली ट्रैक का रोमांच कुछ और है. यहां पहुंचने के लिए करीब 15000 फीट की चढ़ाई करनी पड़ती है. इस दौरान लेह लद्दाख की खूबसूरती और बुद्धिस्ट कल्चर की छाप जगह जगह दिखाई देती है. दरअसल, यह पूरा ट्रैक विविधताओं से भरा है. घाटी के सौंदर्य के साथ इस ट्रैक के दौरान छोटे छोट गांव, नदियां, धाराएं, मोनिस्ट्रीज, पुराने कैसल आदि दिखाई देते हैं. खास बात यह है कि ट्रैक हेमिस नेशनल पार्क से होकर गुजरता है. इसे पूरे ट्रैक को करीब 8-9 दिनों में पूरा किया जा सकता है. लेह पहुंचने के बाद ट्रैकिंग और हेल्थ से जुड़ी तैयारी पूरी करने के बाद जिंगचेन (3400मी.) से ट्रैकिंग की शुरुआत कर सकते हैं. यहां से पश्चिम की तरफ नुन कून और उत्तर में सासेर कांगरी के खूबसूरत दृश्य आपको मंत्रमुग्ध कर देंगे.

यहां जाने के लिये मध्य जून से मध्य अक्टूबर ट्रैकिंग के लिए उपयुक्त समय है.

मनाली टू लेह

दुर्गम रास्तों का सफर मनाली से लेह रूट देश के कुछ दुर्गम रास्तों में एक है. फिर भी एडवेंचर पसंद लोगों की संख्या इस रूट पर साल दर साल बढ़ती जा रही है. इस रास्ते की खूबसूरती को शब्दों में बयान करना मुश्किल है. बर्फ से ढके ऊंचे पहाड़ और सामने खुला नीला आसमान. यह रास्ता करीब 480 किलोमीटर है. यह सड़क केवल गर्मियों में पांच महीने यानी मई जून से अक्टूबर तक खुला रहता है. इस दुर्गम रास्ते से यात्रा पूरा करने में दो दिन लग जाते हैं.

मनाली की खूबसूरत घाटी से लेह की ऊंचाई आपके तन मन को सराबोर कर देने के लिए काफी है. रास्ते में तेज बर्फीली हवाएं और मोनेस्ट्री एक अलग अनुभव कराएगी. वैसे, इस रूट पर सरचू कैंपिंग के लिए आकर्षण का केंद्र है.

यहां जाने के लिये जून से अक्टूबर का समय उपयुक्त माना जाता है.

ऋषिकेश, रिवर राफ्टिंग

ऋषिकेश जाने वाले पर्यटकों में रिवर रिफ्टिंग को लेकर खास रोमांच होता है, क्योंकि यहां पहाड़ों से उछलती कूदती गंगा नदी की तूफानी लहरों के बीच रिवर राफ्टिंग का रोमांच ही कुछ और होता है. ऋषिकेश में शिवपुरी से रामझूला तक करीब 18 किलोमीटर की दूरी में रिफ्टिंग होता है. यहां कई कैंप हैं, जहां अनुभवी प्रोफेशनल रिवर रिफ्टिंग में आपकी मदद करते हैं. तकरीबन सभी कैंप नदी के किनारे ही स्थित हैं.

ऋषिकेश में रिवर रिफ्टिंग के लिए फरवरी जून या फिर सिंतबर-नवंबर तक का समय आदर्श माना जाता है.