भारत का आगरा में बना अद्वितीय प्रेम का प्रतीक ताजमहल अपनी सुंदरता, भव्यता एवं आकर्षण के कारण विश्व के 7 वंडर्स में से एक है. वह अकेला ही एक ऐसे प्रेम का प्रतीक है जिस का कोई जवाब नहीं.

आगरा के ताजमहल को देखने के बाद मुझे ऐसे ही एक और अमर प्रेम के प्रतीक को देखने का अवसर मिला. जून के महीने में हम ने कनाडा के टोरंटो तथा उस के आसपास के दर्शनीय स्थलों को देखने का प्रोग्राम बनाया. कनाडा के 1000 आईलैंड्स पर बसे हार्टलैंड पर बने बोल्ट कैसल की कहानी और उस के सौंदर्य की हम ने काफी प्रशंसा सुनी थी.

एक आलीशान महल

अपनी जिज्ञासा और उत्सुकता को शांत करने के लिए हम ने 1000 आईलैंड्स जाने का प्रोग्राम बनाया. 1000 आईलैंड्स के रौकपोर्ट से हम ने अमेरिकन बाउंड्री में स्थित हार्टलैंड जाने वाले क्रूज का टिकट लिया. हमारा 3 मंजिला क्रूज लगभग 125 टूरिस्टों को ले कर सुबह 11 बजे सैंट लौरेंस नदी पर बने हार्टलैंड की तरफ रवाना हुआ.

लगभग 45 मिनट की यात्रा के बाद नदी के चारों तरफ के विभिन्न दृश्यों को दिखाता हुआ हमारा क्रूज हार्टलैंड के किनारे पहुंचा. सामने खड़ी एक शानदार ऊंची, चौड़ी इमारत की ओर इशारा कर गाइड ने बताया कि यही बोल्ट कैसल है. बोल्ट कैसल तो नाम है पर यह विशाल मौन्यूमैंट किसी बड़े आलीशान महल की ही तरह था.

हम क्रूज से उतर कर सामने बने होटल में चले गए. गाइड ने उस महल के बारे में संक्षेप में जो बताया वह बहुत दिलचस्प था. 1851 में जन्मा जौर्ज चार्ल्स बोल्ट अमेरिका का एक अरबपति था. वह अमेरिका में बड़ेबड़े होटल्स बनाने के लिए प्रसिद्ध था.

युवावस्था में बोल्ट को आकर्षक व्यक्तित्व एवं प्रभावित करने की सहज क्षमता के कारण फिलाडेल्फिया के एक क्लब में असिस्टैंट मैनेजर की नौकरी मिल गई. क्लब के मैनेजर की बेटी लुईस अपने पिता की सहायता के लिए इस क्लब में कभीकभी आती थी. लुईस अत्यंत सुंदर थी. उस के सुनहरे बाल, कोमल, धवल काया तथा उस के चेहरे पर खेलती मासूम मुसकराहट लोगों को दीवाना बना देती थी.

आसपास के युवक तो क्लब में सिर्फ लुईस की एक झलक पाने के लिए ही आते थे. जौर्ज बोल्ट भी लुईस को बहुत पसंद करने लगा था. धीरेधीरे लुईस और जार्ज बोल्ट के बीच प्यार पनपा और 1877 में वे शादी के बंधन में बंध गए. शादी के बाद इन्होंने फिलाडेल्फिया में एक शानदार होटल बोल्ट वेलीव्यू बनाया. होटल के कमरों में लुईस द्वारा बनवाए गए डिजाइनों व आकर्षक सजावट आदि के कारण यह होटल काफी प्रसिद्ध हो गया.

इस होटल से स्वादिष्ठ खाना राजसी घरानों तक जाने लगा, जिस की वजह से इन की पहचान उन परिवारों से हो गई. अब बोल्ट राजसी घरानों के लिए एक सम्मानीय व्यक्ति बन गया. इन घनिष्ठ संबंधों के कारण न्यूयार्क में बनने वाले सब से बड़े होटल वाल्डौर्फ का जौर्ज बोल्ट को प्रोपराइटर बनाया गया.

बोल्ट और लुईस के सम्मिलित प्रयासों, लगन और इनोवेटिव आइडियाज के कारण 1854 में बना होटल वाल्डौर्फ विश्व का एक प्रसिद्ध होटल बन गया. बोल्ट परिवार शाही परिवार के और करीब आ गया. बोल्ट दंपती ने इसी तरह के कई और भी बड़ेबड़े होटल बनाए जिन में अमेरिका के अमीर और राजसी परिवार के लोगों को आ कर ठहरने में गर्व होता था.

अटूट प्रेम का प्रतीक

बोल्ट अपनी पत्नी लुईस, जिसे वह ब्यूटीफुल प्रिंसेज कह कर पुकारता था, को बहुत प्यार करता था. उस के बिना जीने की कल्पना भी नहीं कर सकता था. वह अपने इस अटूट प्रेम के प्रतीक के रूप में कुछ ऐसा करना चाहता था जिस से उस का लुईस के प्रति प्रेम अमर रहे. अपनी इस महत्त्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए उस ने 1000 आईलैंड्स में स्थित हार्टलैंड को चुना और वहां पर लुईस की याद में एक यादगार महल बनाने का निश्चय किया. 1900 में इस प्रेम के प्रतीक का बनना शुरू हुआ.

जौर्ज बोल्ट लुईस के प्रति अपने अनोखे प्यार की निशानी को दुनिया का सब से खूबसूरत मौन्यूमैंट बनाना चाहता था, इसलिए उस ने उस समय के मशहूर एवं महंगे से महंगे आर्किटैक्ट्स और कारीगरों को इस महत्त्वपूर्ण कार्य में लगाया.

हर काम लुईस की पसंद, उस की खुशी, उस की चाहत तथा उस की इच्छा के अनुसार हो रहा था ताकि सुखसुविधा, ऐशोआराम एवं मनोरंजन के सब साधन यहां पर मौजूद हों. लुईस स्वयं होटलों की सजावट, बनावट, हर प्रकार के आराम तथा विलासिता के साधनों को एक जगह जुटाने में पारंगत थी, अत: वह स्वयं भी इन छोटीछोटी बातों का विशेष खयाल रखती थी.

बोल्ट कैसल बनता गया. इस बीच बोल्ट लुईस के साथ 4 बार छुट्टियां बिताने के लिए इस कैसल में रहने आया. हर बार बोल्ट लुईस को कैसल की हर जगह घुमाता. वह चाहता था कि लुईस को किसी भी चीज की कमी न लगे. उस ने लुईस के प्रति अपने अगाध प्रेम को प्रकट करने के लिए इस को दिल के आकार का बनवाया. 4 समर सीजन कैसल में बिताने के बाद बोल्ट ने निश्चय किया कि अगले वर्ष लुईस के जन्मदिन के अवसर पर वह उसे अपने इस अगाध प्रेम के उपहार को भेंट करेगा. लेकिन कुदरत को शायद कुछ और ही मंजूर था.

अपने जन्मदिन के ठीक 1 महीना पहले बोल्ट को अकेला छोड़ 42 वर्षीय लुईस अचानक इस संसार को छोड़ कर चली गई. 1904 में हार्टलैंड पर बोल्ट कैसल बनवाने का काम बोल्ट ने लुईस की अचानक मृत्यु के कारण बंद करवा दिया और लुईस की मृत्यु के कारण वह पागल सा हो गया.

1916 में 65 साल की उम्र में आखिरी सांस लेने वाला बोल्ट, इन 12 सालों में एक बार भी हार्टलैंड पर बने बोल्ट कैसल पर न गया. धीरेधीरे बोल्ट कैसल उजड़ गया. लुटेरे, डाकू आदि उस के कीमती सामान लूट कर ले गए. फिर भी बिना किसी रखरखाव और संरक्षण के बोल्ट के असीम प्यार की निशानी प्रकृति के विनाशकारी प्रकोप को भी सहती रही.

मायावी संसार की तरह

1977 से यह एक टूरिस्ट केंद्र के रूप में जाना जाता है, जिसे हर वर्ष लाखों लोग देखने आते हैं. हम भी उन्हीं टूरिस्ट में से थे. लंच के बाद हम सब गाइड के साथ बोल्ट कैसल देखने चले. 5 एकड़ जमीन में फैला, 120 कमरों और 6 मंजिलों वाला बोल्ट कैसल हमारी आंखों के सामने था. वैलकम गेट, जो एक रोमन शिल्पकला का बना है, से होते हुए हम सामने बने आल्स्टर टावर में पहुंचे. यह वही टावर है जहां बोल्ट और लुईस समर सीजन में आ कर ठहरते थे. यह अत्यंत शानदार एवं सभी सुविधाओं से भरपूर था.

इस के सामने ही एक अति सुंदर, आंखों को ताजगी देने वाला एवं विभिन्न रंगों के फूलों से भरा गार्डन दिखाई दिया, जो इटालियन स्टाइल का बना था. गार्डन की सुंदरता देख कर हमारे मन की बगिया भी खिल उठी. चारों तरफ खिले दुर्लभ एवं सुंदर फूलों से नजर नहीं हट रही थी. आईलैंड के दूसरी ओर एक पावरहाउस बना हुआ था. बोल्ट को अपनी प्रियतमा की इतनी चिंता थी कि इस निर्जन स्थान पर बिना बिजली के उस को कोई कष्ट न हो, इस के लिए उस ने अपना एक व्यक्तिगत पावरहाउस बनवा दिया था.

यहां से आप को नदी से आईलैंड पर आने के लिए बना एक बड़ा ही सुंदर आर्क ब्रिज दिखाई देता है. उस के पास में ही एक ऊंचा सुंदर क्लौक टावर बना है, जो अपनी सुंदरता की वजह से दूर से ही आप को आकर्षित करता है.

गाइड हमें विशाल महल के अंदर ले गया. सैंट्रल हौल में दीवार पर लगी पेंटिंग्स, कोने में रखा पियानो, हौल के मध्य में रखा सुंदर नक्काशी वाला सैंटर टेबल और बोल्ट और लुईस के लुभावने फोटोग्राफ्स आदि देखतेदेखते आप किसी मायावी संसार में खो जाते हैं.

अत्यंत आधुनिक साजसज्जा एवं विश्व के विभिन्न भागों से लाई गई कलाकृतियों से सजा यह कैसल दुनिया के किसी राजमहल से कम न था. आधुनिक सुविधाओं से पूर्ण बैडरूम, ड्राइंगरूम, गैलरी आदि देख कर दर्शक दांतों तले उंगली दबा कर रह जाते थे.

आकर्षण का केंद्र

मार्बल और चमकती मजबूत लकडि़यों की सीढि़यों से चल कर हम ऊपर की मंजिल पर पहुंचे. दीवार पर लुईस तथा बोल्ट की शादी के अवसर पर लिए गए फोटो का बड़ा ही प्यारा फोटो फ्रेम लगा हुआ था जो सभी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र था, क्योंकि वह बोल्ट के लुईस के प्रति अगाध प्रेम का सजीव उदाहरण जो था.

अंत में हौल में हमें एक 15 मिनट का वीडियो दिखाया गया जिस में बोल्ट कैसल बनने का इतिहास, जौर्ज बोल्ट और लुईस की प्रेम कहानी तथा आसपास के अनेक अन्य दर्शनीय स्थलों का विस्तार से वर्णन किया गया था.

वीडियो देखने के बाद टूरिस्ट जहां एकदूसरे से अपनीअपनी फीलिंग्स शेयर कर रहे थे, वहीं उन के चेहरों पर गम तथा सहानुभूति के भाव स्पष्ट दिखाई दे रहे थे. हम स्वयं भी इस से अछूते नहीं थे क्योंकि यह अपनी तरह का एक ताजमहल जो था.