हम सभी ने ट्रेन के सफर का मजा तो लिया ही होगा, खिड़की वाली सीट पर बैठने की जिद की होगी ताकि बाहर के नजारे का आनंद उठा सके. मगर जब ट्रेन इस खतरनाक रेलवे पुल से ट्रेन गुजरती है तो लोग डर से कांप उठते हैं, क्‍योंकि यहां सिर्फ दुर्घटना नहीं बल्कि भीषण दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता है.

इसीलिए शायद इसे भारत का सबसे खतरनाक पुल कहा जाता है. मगर वो कहते हैं न, डर में भी एक अलग तरह का रोमांच होता है और इसके दीवानों के लिए तो पामबन पुल से होकर गुजरना जीवन भर के लिए एक अनुठा अनुभव होगा.

तमिलनाडु में स्थित यह भारत का ऐसा पुल है जो समुद्र के ऊपर बना हुआ है और साथ ही प्रकृति को खूबसूरती को अपने में समेटे हुए है. यूं कह सकते हैं कि यह प्रकृति और तकनीक का बेजोड़ मेल है.

वहीं ऐतिहासिक भी है, पामबन पुल का निर्माण ब्रिटिश रेलवे द्वारा 1885 में शुरू किया गया था. ब्रिटिश इंजीनियरों की टीम के निर्देशन में गुजरात के कच्छ से आए कारीगरों की मदद से इस पुल को खड़ा किया गया था और 1914 में इसका निर्माण कार्य पूरा हुआ था. यानि यह करीब 100 साल पुराना हो चुका है, मगर अब भी ज्‍यों का त्‍यों बना हुआ है.

यह पुल बीच में खुलता भी है. हालांकि कंक्रीट के 145 खंभों पर टिके इस पुल को समुद्री लहरों और तूफानों से ख़तरा बना रहता है. पहले यह देश का सबसे बड़ा समुद्र पुल हुआ करता था जिसकी लम्‍बाई 2.3 किमी. है. मगर अब मुंबई बांद्रा कुर्ला पुल सबसे बड़ा है.

तमिलनाडु का यह पुल रामेश्वरम से पामबन द्वीप को जोड़ता है. ऐसे में अगर आप रामेश्‍वरम जाना चाहती हैं तो अपने सफर को रोमांचक बनाने के लिए पामबन पुल से होकर जा सकती हैं. समुद्र की लहरों के बीच सफर का रोमांच. सिर्फ इसकी कल्‍पना करके भी देखेंगी तो आपको जरूर रोमांच का एहसास होगा.