गृहशोभा विशेष

किसी भी महिला के लिए मां बनना एक सुखद पल होता है. इस दौरान उसे कई सावधानियां भी बरतनी पड़ती हैं, खासकर कहीं घूमने जाते समय. अक्सर यात्रा को लेकर गर्भवती महिलाएं दुविधा में रहती हैं लेकिन जरा सी सावधानी बरतकर आप प्रेगनेंसी में भी ट्रैवल का भरपूर आनन्द उठा सकती हैं.

अगर आप प्रेगनेंट हैं और सफर करने वाली हैं तो सफर से पहले अपने डाक्टर की इजाजत जरूर ले लें. अधिकतर मामलों में प्रेगनेंसी के दौरान ट्रैवलिंग सुरक्षित होती है, भले ही आप ट्रैवलिंग कार से कर रही हों, बस से या फिर ट्रेन से. बस इसके लिए आपको कुछ सावधानियां बरतने की आवश्यकता है

सफर के दौरान कैसे करें सेफ ट्रैवलिंग

अगर आप विमान से सफर कर रही हैं तो नमी का स्तर कम होने के कारण डिहाइड्रेशन की संभावना होती है. पैर फैलाने के लिए पर्याप्त जगह वाली सीट लें तो अच्छा है. कार में सीट बेल्ट पेट के नीचे बांधें. कार की अगली सीट पर बैठें और स्वच्छ हवा के लिए खिड़की खुली रखें. ब्लड प्रेशर सामान्य रखने, ऐंठन और सूजन से बचने के लिए पैरों को फैलाते और हिलाते डुलाते रहें. अगर आप समुद्री यात्रा के लिए जा रही हैं तो यात्रा के दौरान नौका या जहाज के चलने के दौरान आपको उल्टी आने का एहसास या फिर मौर्निंग सिकनेस जैसा महसूस हो सकता है. सफर से पहले पता कर लें कि जहाज पर कोई डाक्टर है या नहीं.

– प्रेग्नेंसी का दूसरा फेज यानी 3 से 6 महीने के बीच का समय सुरक्षा की दृष्टि से सेफ होता है. इन महीनों के दौरान आप आसानी से ट्रैवल कर सकती हैं क्योंकि इन महीनों में मौर्निंग सिकनेस, अधिक थकान, सुस्ती जैसी शिकायतें कम ही होती हैं.

– सेफ ट्रैवल के साथ ही जरूरी है कि आप इस बात का भी ध्यान रखें कि आपको ऐसी जगहों पर जाने से बचना है जहां किसी संक्रमित बीमारी का प्रकोप फैला हो.

– वैसे तो प्रेगनेंसी के दौरान हवाई यात्रा सुरक्षित नहीं होती लेकिन किन्हीं कारणों से यदि आपको हवाई यात्रा करनी पड़े तो आपको गर्भावस्था के 14 से 28 सप्ताहों के बीच में ही यात्रा करनी चाहिए. उससे पहले अपने डाक्टर की सलाह लेना कभी न भूलें.