रेगिस्तान में छुट्टियां बिताने का अपना अलग ही आनंद है. इस में रोमांच तो है ही, साथ ही रोमांस भी है. डैजर्ट में लैंडस्केप के गोल्डन मैजिक को हिंदी फिल्मों में भी बखूबी देखा जा सकता है. ‘गाइड’, ‘सोनार किला’, ‘लमहे’, ‘रुदाली’, ‘डोर’, ‘बौर्डर’ और ‘पहेली’ जैसी अनेक हिंदी फिल्मों में मरुभूमि के रेतीले संसार की रेतीली धरती की शीतल रातों में तारों को निहारने का रोमांस दर्शाया गया है. राजस्थान के बहुत बड़े हिस्से में फैले रेगिस्तान में पर्यटन के विविध आयामों के दर्शन होते हैं. कहीं रेत के टीलों पर पैदल चलने का रोमांच होता है तो कहीं ऊंट की सवारी का लुत्फ उठाया जाता है तो कहीं डैजर्ट कैंपिंग के साथ लोकरंजनभरी प्रस्तुतियों की कल्चरल इवनिंग हर शाम को रोमांटिक बना देती है.

राजस्थान में जोधपुर, जैसलमेर, जयपुर, उदयपुर में डैजर्ट हौलीडे का आनंद उठाया जा सकता है. रंगबिरंगे राजस्थान का जादू इस की समृद्ध विरासत, रंगबिरंगी संस्कृति, चौंका देने वाले रेगिस्तानी मैदानों, चमकते रेत के टीलों में बखूबी दिखाई देता है जो इसे एक अत्यंत आकर्षक पर्यटन स्थल भी बनाता है. राजस्थान में हर किसी के लिए कोई न कोई आकर्षण है. बस, आप को चुननी है अपनी रुचि के अनुसार गतिविधि. हर तीसरा विदेशी सैलानी जो भारत आता है, राजस्थान जरूर जाता है.

राजस्थान के आकर्षण

राजस्थान में जहां जयपुर के प्राचीन महल हैं, उदयपुर की खूबसूरत, रोमांटिक झीलें हैं, जैसलमेर के रेगिस्तान और रेत के टीले हैं वहीं जोधपुर के भव्य शाही महल हैं जो इसे पर्यटन की दृष्टि से खास बनाते हैं. पैलेस औन व्हील्स और रौयल राजस्थान औन व्हील्स ऐसी लग्जरी ट्रेनें हैं जिन से इस अद्भुत राज्य का दर्शन रोमांचकारी बन जाता है.

जैसलमेर

गोल्डन सिटी कहा जाने वाला जैसलमेर शहर शाही महलों के साथ एक रेतीले रेगिस्तान के आकर्षण का प्रतीक है. यहां देखने के लिए एक विशाल किला, सुंदर हवेलियां और शहर से कुछ दूर स्थित सैंड ड्यून्स हैं. विश्वप्रसिद्ध यह स्थल थार रेगिस्तान के बीच में स्थित है. यह सुनहरा शहर राज्य की राजधानी जयपुर से 575 किलोमीटर दूर है. पीले पत्थरों से बने जैसलमेर फोर्ट को ‘सोनार किला’ कहा जाता है. करीब 80 मीटर ऊंची त्रिकूट पहाड़ी पर स्थित यह किला विशाल परकोटे से घिरा है. इस शहर में कई भव्य हवेलियां भी हैं जो पर्यटकों को आकर्षित करती हैं. पटवों की हवेली इन में सब से आकर्षक है जो वास्तुशिल्प का अद्भुत उदाहरण है.

जैसलमेर आने वालों के लिए यहां का सब से बड़ा आकर्षण शहर से 42 किलोमीटर दूर स्थित ‘सम सैंड ड्यून्स’ हैं जहां जीप द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है. दूर-दूर तक फैली रेत पर आप चाहें तो पैदल घूम सकते हैं या फिर ऊंट की पीठ पर बैठ कर रेत में घूम सकते हैं. शाम के समय मरुटीलों के पीछे छिपते सूर्य का दृश्य एक अविस्मरणीय अनुभव देता है. डैजर्ट हौलीडे के लिए जैसलमेर एक लोकप्रिय डैस्टिनेशन है.

लजीज भोजन

जैसलमेर की छुट्टी पर जा रहे पर्यटक राजस्थान के जनजातीय भोजन को चखने का स्वाद उठा सकते हैं. लजीज मुर्ग ए सब्ज, स्वादिष्ठ केर सांगरी जैसलमेर के लोकप्रिय व्यंजन हैं.

कैसे जाएं

जैसलमेर वायु, रेल व सड़क मार्ग द्वारा पहुंचा जा सकता है. निकटतम हवाई अड्डा जोधपुर है. नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से जोधपुर के लिए उड़ानें उपलब्ध हैं. साथ ही, यह को?लकाता, चेन्नई, मुंबई व बेंगलुरु से भी हवाई मार्ग द्वारा जुड़ा है. जोधपुर हवाई अड्डे से प्रीपेड टैक्सियों या यात्री गाडि़यों द्वारा गंतव्य तक पहुंचा जा सकता है. रेलमार्ग द्वारा जैसलमेर रेलवे स्टेशन कई ट्रेनों द्वारा जोधपुर व अन्य प्रमुख भारतीय शहरों से जुड़ा है. जैसलमेर के लिए डीलक्स व सेमी डीलक्स बसें भी जयपुर, अजमेर, बीकानेर व दिल्ली से उपलब्ध हैं. यहां जाने का आदर्श समय अक्तूबर व मार्च के बीच का है.

होटल व रिजौर्ट्स : सूर्यगढ़, कहाला फटा, सैमरोड, जैसलमेर.

होटल शाही पैलेस, शिव स्ट्रीट, जैसलमेर.

चौखी ढाणी रिजौर्ट्स, कन्नौज विलेज, नियर सैंड ड्यून, जैसलमेर.

निरवाना नेचर रिजौर्ट, आर जी फार्म्स, सोडालोर, जैसलमेर.

जोधपुर

जोधपुर जयपुर के बाद दूसरा सब से बड़ा रेगिस्तानी शहर है. अपनी अनोखी विशेषताओं के कारण इस शहर को 2 नामों-‘सनसिटी’ और ‘ब्लू सिटी’ से पुकारा जाता है. जोधपुर की चमकीली धूप के कारण इसे ‘सनसिटी’ जबकि शहर के मेहरानगढ़ किले के आसपास स्थित नीले घरों के कारण इसे ‘ब्लू सिटी’ कहा जाता है. थार रेगिस्तान की सीमा पर स्थित होने के कारण इसे थार के प्रवेशद्वार के रूप में भी जाना जाता है. चमकदमक से भरपूर इस शहर में घूमने लायक अनेक पर्यटन स्थल हैं जिन में मेहरानगढ़ किला प्रमुख आकर्षक है.

मेहरानगढ़ किला

यह भारत का विशाल और शानदार किला है. मेहरानगढ़ किले में लगे हुए आकर्षक बलुआ पत्थर जोधपुर के कारीगरों की शानदार शिल्पकारी का प्रदर्शन करते हैं. मेहरानगढ़ किले में भव्य महल भी हैं, जैसे मोती महल, रंग महल, चंदन महल, फूल महल. फूल महल की छत पर सोने का महीन काम किया हुआ है. इस के अलावा उमेद भवन भी जोधपुर का एक अन्य आकर्षक स्थल है. यह दुनिया का सब से बड़ा निजी निवास स्थान भी है.

चित्तार पहाड़ी पर बने होने के कारण इसे चित्तार महल भी कहा जाता है. यह महल 3 हिस्सों में बंटा हुआ है. इस में फाइवस्टार होटल, म्यूजियम व जोधपुर शाही परिवार का निवास स्थान है. जोधपुर जा कर क्लौक टौवर और सरदार मार्केट से शौपिंग करना न भूलें. जोधपुर से आप अपने दोस्तों व रिश्तेदारों के लिए यादगार स्वरूप राजस्थानी कढ़ाई व शीशे के काम की लहंगाचुनरी व साड़ी ला सकते हैं, साथ ही आप खरीद सकते हैं सिल्वर ज्वैलरी, ऐंटीक व ओल्ड स्टोनवर्क के सामान.

कैसे पहुंचें

जोधपुर रेलमार्ग द्वारा सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है. सड़कमार्ग द्वारा भी जोधपुर के लिए सभी प्रमुख पड़ोसी शहरों से बस सेवाएं उपलब्ध हैं. अगर आप जोधपुर वायुमार्ग द्वारा जाना चाहते हैं तो जोधपुर के नजदीक उदयपुर का एअरपोर्ट है. यहां पहुंच कर आप बस या टैक्सी से जोधपुर जा सकते हैं.

होटल व रिजौर्ट : मेंगो होटल, बी 1 से बी 4 घनश्याम भवन, मंडौर रोड, स्टेट बैंक औफ बीकानेर के ऊपर, पाओटा, जोधपुर.

मंडौर गेस्ट हाउस, दादावरी लेन, मंडौर गार्डन के पास, मंडौर, जोधपुर.

मरुगढ़ वैंचर रिजौर्ट, चोपासनी, जैसलमेर बाईपास, जोधपुर.

माउंट आबू

पश्चिमी राजस्थान जहां रेगिस्तान की खान है वहीं पूर्वी व दक्षिणी राजस्थान की छटा भी कम निराली नहीं है. माउंट आबू प्रकृति के वरदान से भरेपूरे नजारों, हरीभरी वादियों से भरपूर एक ऐसा अनुपम दर्शनीय स्थल है जो डैजर्ट स्टेट कहे जाने वाले राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन है. दक्षिणी राजस्थान के सिरोही जिले में गुजरात की सीमा से सटा यह हिल स्टेशन 4 हजार फुट की ऊंचाई पर बसा हुआ है.

अरावली पर्वत शृंखलाओं के दक्षिणी किनारे पर बसा यह हिल स्टेशन अपने ठंडे मौसम और वानस्पतिक समृद्धि की वजह से देशभर के पर्यटकों की पसंदीदा जगह है. माउंट आबू, आबू रोड रेलवे स्टेशन से 20 किलोमीटर दूर है. राजस्थान के सिरोही जिला मुख्यालय से 85 किलोमीटर और झीलों की नगरी उदयपुर से करीब 185 किलोमीटर दूर हरीभरी पहाडि़यों के मध्य स्थित इस पर्वतीय स्थल के ठंडे और सुहाने मौसम से आकर्षित हो कर पर्यटक, दूरदूर से यहां खिंचे चले आते हैं.

दर्शनीय स्थल

नक्की झील : हरीभरी वादियां, खजूर के वृक्षों की कतारों के बीच पहाडि़यों से घिरी नक्की झील का दृश्य अत्यंत मनमोहक है. यहां आप बोटिंग का लुत्फ भी उठा सकते हैं.

सनसैट पौइंट : ढलते सूर्य की सुनहरी रंगत के बीच सूर्यास्त का खूबसूरत नजारा पर्वत शृंखलाओं को स्वर्ण मुकुट पहना दिया हो, ऐसा दिखाई देता है. यहां से डूबता सूरज गेंद की तरह लटकता हुआ दिखता है.

हनीमून पौइंट : सनसैट पौइंट से 2 किलोमीटर दूर बना हनीमून पौइंट नवविवाहित जोड़ों के लिए आकर्षण का केंद्र है. हरे भरे मैदान व घाटियों के मनमोहक दृश्य नवविवाहित जोड़ों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं.

टोड रौक : नक्की झील से कुछ दूरी पर स्थित टोड रौक एक खूबसूरत चट्टान है जो सैलानियों को बरबस ही आकर्षित करती है.

कैसे जाएं

माउंट आबू का निकटतम हवाई अड्डा उदयपुर है जो 185 किलोमीटर दूर है. निकटतम रेलवे स्टेशन आबू रोड है. सड़कमार्ग द्वारा भी सभी प्रमुख शहरों से माउंट आबू पहुंचा जा सकता है.

होटल व रिजौर्ट : होटल माउंट रीजेंसी पैट्रोल पंप के पास, माउंट आबू.

अरण्या विलेज हिल रिजौर्ट, नीलकंठ रोड, माउंट आबू.

होटल हिल्टन, मेन रोड, माउंट आबू.

जयपुर

राजस्थान की राजधानी जयपुर जिसे ‘पिंक सिटी’ यानी ‘गुलाबी नगर’ के नाम से भी जाना जाता है, पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत खूबसूरत स्थल है. इस के चारों तरफ पहाड़ियों के ऊपर किले बने हुए हैं जिन के निर्माण के लिए गुलाबी पत्थरों का प्रयोग किया गया है. जयपुर में देखने लायक कई पर्यटन स्थल हैं, जैसे सिटी पैलेस, हवा महल, जल महल, जंतरमंतर, रामनिवास बाग, अल्बर्ट हाल, आमेर का किला आदि. जयपुर शहर चारों ओर से परकोटों से घिरा हुआ है जिस में प्रवेश के लिए 7 दरवाजे बने हुए हैं.

जयपुर आएं और फुरसत के पल हों तो रोमांचप्रेमी ऊंट की सवारी, गरम हवा के गुब्बारों की सैर और रौक क्लाइंबिंग जैसे खेलों का आनंद उठा सकते हैं. अगर आप खानेपीने के शौकीन हैं तो यहां की मसालेदार दाल कचौड़ी, दाल वाली पफ पेस्ट्री, मुंह में पानी ला देने वाली मीठी फेनी व घेवर का स्वाद ले सकते हैं. इस के अलावा टिक्की, रबड़ी, प्याज व मावा कचौड़ी भी अवश्य चखें. अगर आप राजस्थान के परंपरागत भोजन का स्वाद लेना चाहते हैं तो यहां की दाल, बाटी, चूरमा अवश्य खाएं.

कैसे जाएं

जयपुर देश के कई मुख्य हिस्सों से भलीभांति वायु, रेल व सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा है. जयपुर शहर से 13 किलोमीटर दूर सांगानेर हवाई अड्डा है जो जयपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के नाम से जाना जाता है. जयपुर जंक्शन यहां का रेलवे स्टेशन है जो देश के मुख्य शहरों से रेलमार्ग से जुड़ा है. सड़कमार्ग द्वारा पर्यटक राजस्थान राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों द्वारा यहां पहुंच सकते हैं. शहर में भ्रमण के लिए और दर्शनीय स्थलों पर जाने के लिए जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड की बस सेवाओं का लाभ उठाया जा सकता है.

होटल व रिजौर्ट्स : द ललित जयपुर, 213-26 जगतपुरा रोड, जवाहर सर्कल के पास, जयपुर.

जयपुर मेरियट होटल, आश्रम मार्ग, जवाहर सर्कल के पास, जयपुर.

द ट्री हाउस रिजौर्ट, एमिटी यूनिवर्सिटी के पीछे, एनएच-8, जयपुर-दिल्ली हाइवे, जयपुर.

चौखीढाणी रिजौर्ट, 2 माइल्स टोंक रोड वाया वाटिका, जयपुर.

उदयपुर

हरीभरी पहाड़ियों से घिरे झीलों के शहर उदयपुर को पूर्व का वैनिस भी कहा जाता है. महलों, झीलों व बगीचों के इस शहर का अतीत काफी वैभवपूर्ण रहा है. झीलों के साथ मरुभूमि का अनोखा संगम जो उदयपुर में देखने को मिलता है वह अन्य किसी जगह में नहीं मिलता. उदयपुर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में सिटी पैलेस, पिछोला झील, लेक पैलेस, सहेलियों की बावड़ी, विंटेज कार म्यूजियम आदि हैं.

सिटी पैलेस कौंप्लैक्स

यह पैलेस पिछोला झील पर स्थित है. यह एक भव्य परिसर है. परिसर में प्रवेश करते ही आप को भव्य त्रिपोलिया गेट दिखाई देगा. इसी परिसर का एक भाग सिटी पैलेस संग्रहालय भी है. इस संग्रहालय में प्रवेश करते ही आप की नजर कुछ बेहतरीन चित्रों पर पड़ेगी जो मेवाड़ शैली में बने हुए हैं.

सिटी पैलेस से 2 किलोमीटर दूर पर बना हुआ विंटेज कारों का म्यूजियम भी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है. यहां पुरानी कारों का अच्छा संग्रह है. इस के अलावा उदयपुर में सहेलियों की बावड़ी भी एक अन्य आकर्षक पर्यटन स्थल है. उदयपुर की रानियों व राजकुमारियों के विश्राम के लिए बनवाई गई सहेलियों की बावड़ी हरीभरी वादियों से घिरी है और यहां फौआरे भी लगे हुए हैं.

पिछोला झील

उदयपुर शहर के सौंदर्य को दोगुना करती यहां की झीलों में सब से प्रमुख पिछोला झील है. सिटी पैलेस के पीछे बसी इस झील का सौंदर्य सिटी पैलेस से ही नजर आता है. राजमहल की दीवारों से टकराती झील की लहरें पर्यटकों को मोहित करती हैं.

कैसे जाएं

हवाई मार्ग : सब से नजदीकी हवाई अड्डा महाराणा प्रताप है. यह हवाई अड्डा डबौक में है. उदयपुर का रेलवे स्टेशन देश के अन्य शहरों से जुड़ा है. यह सड़क मार्ग से जयपुर से 9 घंटे, दिल्ली से 14 घंटे तथा मुंबई से 17 घंटे की दूरी पर है.

होटल व रिजौर्ट : द ललित लक्ष्मी विलास पैलेस, उदयपुर, फतेहसागर झील के पीछे, उदयपुर.

जगत निवास पैलेस होटल, 23-25 लालघाट, उदयपुर.

ओरिएंटल पैलेस रिजौर्ट, मेन रोड, सुभाष नगर, अंधेरी, उदयपुर.

शिल्पी रिजौर्ट, शिल्पग्राम के पास, रानी रोड, उदयपुर.

सावधानी एवं तैयारी

‘गे्रट इंडियन डैजर्ट’ यानी थार के रेगिस्तान में छुट्टियां मनाने की योजना बना रहे हैं तो निम्न सावधानी बरतें :

– रेगिस्तान में दिनरात के तापमान में 20 डिगरी तक का अंतर हो सकता है, इसलिए दिन के लिए सूती वस्त्र व रात के लिए ऊनी कपड़े रखें.

– दिन में हलके रंग के कपड़े पहनें. दिन में हैट व सनग्लासेज का प्रयोग करें. छाता साथ रखें. पानी भी साथ में रखें.

– सनस्क्रीन व मौइश्चराइजर का प्रयोग करें ताकि त्वचा के रूखेपन व टैनिंग से बचा जा सके.

– गाइड के साथ रहें और उस के निर्देशों का पालन करें. रेतीले समंदर में दिशाहीन होने का खतरा रहता है.