आगरा की पहचान ताजमहल से है, लेकिन ऐसा नहीं है कि यहां सिर्फ ताजमहल ही देखने लायक जगह है. महाभारत में आगरा को आगराबन (ब्रजभूमि का अविभाज्य हिस्सा या भगवान कृष्ण की भूमि) कहा गया है. अफगान के राजा सिकंदर लोदी के समय आगरा चर्चा में आया. लोदी ने आगरा को अपने राज्य की राजधानी बनाया. 1526 ईसवी में मुगल राजा बाबर ने आगरा को खूबसूरत बनाने की जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली थी.

बाबर ने आगरा के लोगों के लाइफस्टाइल और कल्चर में बदलाव लाने की शुरुआत की. इसके बाद आगरा से कुशल कारीगर, कलाकार, राजनेता और योद्धा तैयार हुए. यहीं से आगरा के गोल्डन पीरियड की शुरुआत हुई. आगे के 100 सालों में आगरा ने तीन मुगल सम्राटों- अकबर, जहांगीर और शाहजहां के वैभव को देखा. इन तीनों ने आगरा को आर्ट, कल्चर, लर्निंग और कॉमर्स का सेंटर बना दिया.

आगरा ने अपने आलीशान इतिहास को आज भी कुछ हद तक कायम रखा है. यहां आने वाला हर पर्यटक अपने साथ अच्छी यादें लेकर जाता है. यहां ट्रेडिशन के साथ-साथ लग्जरी और मॉर्डन सुविधाएं भी मौजूद हैं. यहां होटल, शॉपिंग मॉल्स, स्पोर्ट्स, बिजनेस, एजुकेशन, और आर्ट सेंटर मौजूद हैं.

यमुना नदी की ठंडक आगरा की यात्रा शुरू करने के लिए आपका मूड पूरा सेट कर देती है. संगमरमर का बना हुआ ताजमहल शाहजहां के प्यार की निशानी है और दुनिया के सात आश्चर्यों में से एक है. ताजमहल में लोगों को बेहतरीन आर्किटेक्चर, स्टोन वर्क, इनले वर्क, मार्बल एम्ब्रॉयडरी देखने मिलती है.

कहां-कहां घूम सकते हैं आप?

ताजमहल के साथ-साथ आगरा फोर्ट और फतेहपुर सीकरी का आर्किटेक्चर देखकर आप आश्चर्यचकित रह जाएंगे.

हरे-भरे बगीचों और आर्ट-क्राफ्ट से भरी गलियां आपका मन मोह लेंगी.

आगरा की शानदार मेहमान नवाजी, सुंदर आर्ट और लाजवाब फूड ज्वॉइंट्स यहां मुख्य आकर्षण का केंद्र हैं.

इटावा की भी सैर करें

आगरा से सटे इटावा में भारत का एकमात्र लॉयन सफारी है.

इटावा का नेशनल चंबल सेंक्चुरी जेनेटिक डॉलफिन्स का घर है.

कीठम के सुर सरोवर में प्रवासी पक्षियों का झुंड आपकी सारी थकान मिटा देगा.